सोमवार, 1 जून 2015

अमित जैन - आगे सेंसर है जी


amit jain - sharat अमित जैन - शरारत


छोटी सी प्रेम कहानी


shayri -doat ke liye शायरी- दोस्त के लिए


बुधवार, 13 मई 2015

आरक्षण


सोमवार, 11 मई 2015

piku review- AMIT JAIN

कल भरी दोपहरी में जब ये फिल्म देखने का मन हुआ तो हम दो मित्र ये देखने जा पहुचे , पूरी फिल्म में सब कुछ बढ़िया था सिवाय इसके की हिन्दू समाज में नवयुवतियो के मन से विवाह ओउर्व सेक्स की अवधारणा को गलत के बजे सही बताया जाये और उन्हें प्रेरिर्ट किया जाये की वो और उनका परिवार जभी मोर्देर्ण हो सकते है जब वो अपने घर में अपने पिता की जानकारी में अपने युवा मित्र को रात में बुलाये और उस के साथ अपने कमरे में सेक्स का मजा ले ,और वाही अम्भिताब बच्चन द्वारा निभाए गए अभिनय में वो हर आदमी को गर्व से बताता है की उसकी लड़की वर्गिन नहीं है और वो सेक्स को कई के साथ खूब एन्जॉय करती है , लड़की की मासी मौसमी चटर्जी भी लड़की से खुल के सबके सामने पूछती है की उसकी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है

रविवार, 26 अप्रैल 2015

एक अनुरोध -भूकंप के बाद


गुरुवार, 23 अप्रैल 2015

गजेंदर किसान की मौत

कल हुए इस हादसे का दर्द ,उस अंजान के दर्द के साथ है ,जिसके साथ वो चुप चाप लटक गया ....:(

बुधवार, 22 अप्रैल 2015

शायरी अमित जैन 22/4/15

एक सवाल था ,
एक जवाब है ,
पढो दोनों को ,
देखो क्या लाजवाब है ...

शायरी अमित जैन की २२/४/१५

आज अभी किसी के कमेंट के डिब्बे में हमने ये चिपका दिया था ,कुछ ज्यादा ही पसंद आ गया तो आप सब को भी चेप देते है ....

सोमवार, 20 अप्रैल 2015

रेप

क्या कोई बताएगा की कोई भी रेप होने के बाद सरकार या मीडिया उस लड़की को बहादुर क्यों कहने लगती है ,?

आज की मीडिया का हाल

आज की मीडिया का हालबस इसी तरह का है ,जहा पर गलती को इस खूबसूरती से ढक् दिया जाता है की ,निर्दोष बेचारा मारा जाता है ...:)

मंगलवार, 13 जनवरी 2015

cartoon ,कार्टून


रविवार, 9 नवंबर 2014

शायरी अमित जैन की 10/11/14

मोहब्बत मेरी मुझे दगा दे गई
शब्दों में कैसे अपने टूटे जस्बात पिरोये ,
ये मुझे सिखा गई .

शायरी अमित जैन की 10/11/14

जितना पुराना
ठुकराया आशिक ,
उतनी लम्बी शायरी .

शायरी अमित जैन की

नजरो का धोका हुआ हर बार
जिसे हम प्यार समझे ,
वो निकला हर बार इंकार....

शायरी अमित जैन की 10/11/14

अगर हर आसू एक लफ्ज बन जाये ,
हर आशिक की किताब लिखी जाये ...

शायरी -अमित जैन की 10/11/14

बड़े को मिले तकरार
,छोटन को आशीष ,
दुनिया में अगर है सुख से जीना
,दो भाया नवा हर किसी के आगे शीश...:)

अमित जैन की शायरी 10/11/14

सवाल न जवाब
बस आखो से ले लिया हर हिसाब
कितना करते हो प्यार ?
बस आखो ही आखो में हो गई मीठी तकरार...

गुरुवार, 6 नवंबर 2014

how to multiply money

अब आराम से घर पर बैठ कर  इस तरीके से अपने पैसे को बढाओ ....:)

शनिवार, 13 सितंबर 2014

जिन्दगी या जहर

आप की जिन्दगी है ,आप के पास शराब के रूप में जहर भी है ,आपकी मर्जी भी है ,आप इस जहर को पी भी रहे है
तो मै कोन होता हु आपको इस जहर को पीने से रोकने वाला ...:(

जिन्दगी से निराश क्यों हो ?

सोचना ही होगा
जब कोई आत्महत्या करता है तो हम यह मान लेते हैं कि वह जीवन से हार गया होगा इसलिए उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. पर क्या कभी यह सोचा कि जरूर किसी चीज को बहुत चाहा होगा और जीवन में वो ना मिलने पर आत्महत्या की होगी या उस चीज को अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य बनाया होगा और उस लक्ष्य की प्राप्ति ना होने पर ऐसा कदम उठाया होगा. “क्या है आत्महत्या” यह प्रश्न बड़ा गंभीर है. वास्तव में किसी व्यक्ति का अंतर्तम से स्वीकार कर लेना कि अब उसे यह जीवन नहीं जीना है और उसके जीवन का अब कोई लक्ष्य नहीं है तब व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम उठाता है.
मन की उलझनें आसानी से नहीं सुलझतीं
आत्महत्या करने से पहले व्यक्ति अपने मन से हजारों बार लड़ता होगा. वह कहता होगा कि ‘सोच उन रिश्तों के बारे में जो तुझे प्यार करते हैं, जो शायद तेरे इस दुनिया से जाने के बाद भी तुझे मरा हुआ नहीं मानेंगे फिर क्यों सोचता है उन लक्ष्यों के बारे में जो तेरे हुए नहीं हैं’. जरा सोचिए उस व्यक्ति की स्थिति आत्महत्या करने से पहले क्या रही होगी? उसने अपने मन से हजारों बार लड़ाई लड़ी होगी और ना जाने कितनी बार मन को समझाया होगा कि शायद आत्महत्या जैसा कदम उठाना गलत है पर फैसला नहीं ले पाया होगा.
“लड़ना होगा खुद से हजारों बार,
तभी जिन्दगी में राहें मिला करती हैं,
अगर हार गया तू तो निराश मत होना,
क्या भला एक हार से जिन्दगी रुका करती है”


बुधवार, 13 अगस्त 2014

शायरी - पगली अमित जैन


शायरी -कशमकश ,अमित जैन

कशमकश  है

रविवार, 20 जुलाई 2014

शायरीshayri - jabani

video
कभी बना मै नगमा ,कभी बना हु साज
बस तू मेरी जान खुश हो जाये
यही दिल से आती है मेरी आवाज ...

मंगलवार, 8 जुलाई 2014

शायरी SHAYRI

जब दिल में हर पल प्यार गुनगुनाया करता था ,
बस उसे कैसे जताए सोच सोच कर दिन निकल जाया करता था ,
निकल आती थी दिल से कुछ एसी ही शायरिया ,
जिनसे बन्दा लडकिया पटाया करता था ....

शायरी shayri

शनिवार, 5 जुलाई 2014

शायरी


shayriशायरी तन्हाई


शायरी shayri