रविवार, 30 नवंबर 2008


उदासी भरी आखे ,

प्यास भरी आखे ,

हो न सके वो मेरी ,

फिर भी ये आस भरी आखे ,

इन आखो का क्या करू ,

हर वक्त आसू से भरी ये आखे ..................

चाँद


खुला दिल का मैदान ,
प्यार भरा आसमान ,
एक चमकता हुआ था चाँद ,
वो ही तो था मेरे महबूब की पहचान............

शनिवार, 29 नवंबर 2008

मुलाकात

आखे हुई चार ,
दिल मे आया प्यार ,
कुछ लम्हों की मुलाकात ,
साल बीते इनके सहारे हजार ........

कफन


ऐ दोस्त तुझसे एक गुजारिश है ,
मिलना है तो मिल इसी जहा मे ,
फिर क्या मिलगे हम,
जब हमारी लाश होगी कफन मे .......
गुन गुनती सी रात रोज आ जाती है ,
तुम तो नही आते कभी ,
पर आखो से बरसात आ जाती है ............

अकेले

गुजर चुकी है रात आधी ,
जहा मे सब सो रहे है ,
हम अकेले है बैठे है ,
तेरी याद मे आखो से बुँदे गिरा रहे है .........

गुरुवार, 27 नवंबर 2008

टूटे अश्क

दिल के हर कोने मे भरा है प्यार तुम्हारा ,
हर कोने मे भरी है यादे तुम्हरी,
जुदाई के गम को कहा दबाऊ,
मिलने की आशा को कैसी दिल मै लाऊ,
हारती हुई नब्जो को कैसे दू तुम्हारी यादो का सहारा ,
टूटते अश्को को कैसे दू मै कोई किनारा ,
गम का ,खुशी का अब न है कोई नजारा ,
एक बेजान बुत सा जीना सीख लिया है मैंने ,
बुत को मारो अब दिल की कितने चोटे ,
न कोई दर्द का अहसास है ,
न कोई जुदाई के मिलने की आस,
दिल के हर कोने में भरा है प्यार तुम्हारा ,
तुम भूल चुके हो मुझे तो क्या हुआ ,
दिल के कोने कोने में है मेरे, तुम्हरे प्यार का अहसास

बुधवार, 26 नवंबर 2008

always

thinking of you today
missing you tommorow
remembering you always
loving you forever

सोमवार, 24 नवंबर 2008

मुझे कभी फ़ोन मत करना ,

सिर्फ़ मुझसे गुस्सा ही करना ,

पर याद रखो सिर्फ़ इतना ,

जिन्दगी अपनी पल दो पल की मेह्म्हां है ,

कल हम रुखसत हो जायगे जिन्दगी से ,

फ़िर बात करोगे किससे ,

माना हम जैसे हजारो मिलगे ,

पर हमे तो उन मे न पाओगे ..............*

रविवार, 23 नवंबर 2008

बेवफाई

फिर तेरी याद चली आई ,
सीने मे धुआ सा उठा लाई ,
सुनी सुनी राहों पर अकेला चलने की मजबूरी ,
प्यार क्यो किया मैंने तुम्हे इतना ,
ख़ुद ही तुम्हरी बेवाफ़ई मे जल गया इतना ,
न कभी अब किसी को चाहेगे इतना ,
दर्द - ऐ - दिल दिया है तुमने इतना ,
उसे ही उठाए सीने पर ,सारी जिन्दगी घुमेगे न जाने कितना ..............

शनिवार, 22 नवंबर 2008

इंतजार

तुम मेरा कुछ इंतजार न कर सकी ,
शोलो पर चल कर आया तुम तक ,
और तुम कुछ इंतजार न कर सकी ,
गमो की आंधी के आगे खड़ा रहा मै ,
और तुम कुछ इंतजार न कर सकी,
पल पल मिलने को बेताब रहा मै ,
और तुम कुछ इंतजार न कर सकी ....................................तुम्हारा अमित
कल कोशिश की थी मै अपनी दिल की बातो को अपनी आवाज़ मे सुना सकू / पर अभी लगता है की मै नया नया मुर्गा हु इस दुनिया मे / कोई न कोई रास्ता जरूर बता देगा /अल्पना वर्मा जी ने रास्ता दिखाया ,लकिन रास्ता से काम नही हो पाया पर फिर भी मै उन का शुकर गुजर हु / कुन्नु जी ने भी बताया वहा भी मेरे किस्मत जवाब दे गई और उस साईट पर फाइल अपलोड टेम्पररी बंद हो गया /अब क्या करू

अब मेरी आवाज मै

[URL=http://www.zshare.net/audio/516635324fd34383/]

रूह और दर्द

रूह के कितने टुकड़े हुए, अब मुझे नही मालूम ,
नस्तर मारा हर किसी ने , कितना दर्द हुआ अब मुझे नही मालूम ,
मालूम है तो सिर्फ़ वो तुम्हारी एक झलक ,
उस झलक के लिए क्या - क्या सह रहा हु अब , मुझे नही मालूम ................

गुरुवार, 20 नवंबर 2008

वो गली वो कूचा हमे भी बता दो ,
वो किस्सा वफ़ा का हमे भी सुना दो ,
कुछ देर को हम अपना गम भूल जायगे ,
दोस्त हमे भी अपने दोस्तों मे जगह दो

उमीदे

हल -ऐ -दिल क्या लिखू तुम्हें,
लगता है बुझता दिया है मेरा जीवन ,
अरमानो को अपने जला जला कर जिन्दा हु ,
सिर्फ़ बची हुई है कुछ उमीदे अब ,
फ़िर सब कुछ ख़तम .................

बुधवार, 19 नवंबर 2008

कतरा

जब कभी खुशिया बटे इस जहा मे ,
तुम मेरे लिए भी एक जगह बनाना ,
भूल चुका हु जिस प्यार भरे अहसाश को ,
उस प्यार का एक कतरा मुझे भी दिलाना...................

मंगलवार, 18 नवंबर 2008

गुनाह - ऐ - प्यार जो करते है ,
तिल तिल वो अंदर जलते है ,
पर सबसे हस-हस कर बाते करते है ,
जिन्दगी को मौत मे बदल नही पाते,
और मौत से बदतर जिन्दगी जीते है ..............................

रविवार, 16 नवंबर 2008

लोग कहते है ,

वक्त के साथ सब भूल जावोगे,

पर ऐ -मेरे हसीं ख्वाब

तुम मुझे पल - पल यादो मे सताओगे ..................

तमन्ना

तमन्नाए अब ख़तम हो गई ,
अहसास अब मर गए ,
जीते है सिर्फ़ उस बेवफा की याद मे ,
जो हमारे न हो किसी और के हो गए .........................

दास्ता प्यार की

ये तुमने मुझ पर क्या इल्जाम लगा दिया ,
मेरे दिल की दास्ता - ऐ - प्यार को मुजरिम बना दिया ,
जाओ अब तुम्हे खयालो मे भी कुछ न कहेगे ,
दिल अगर कभी न माना ,
उसे चीर दिया करेगे......................

खुश

यारो कितना खुशनसीब हु मै ,
दम भरते थे जिसके प्यार का ,
वो खुश है अपने प्यार के साथ ,
पर उस मे मै कहा हु ....................

शनिवार, 15 नवंबर 2008

बेताब हु मे जलने के लिए ,
शंमा कहा है मेरी,
जिन्दगी से नफरत है इस कदर मुझे ,
ऐ - खुदा मौत कहा है मेरी ........

पल पल की बात

कुछ पलो का प्यार ,
कुछ पलो का इंकार ,
कुछ पलो की जुदाई,
इन्ही पल - पल मे हमने जिन्दगी बिताई ,
कुछ लम्हों का प्यार ,
कुछ लम्हों का इकरार ,
कुछ लम्हों की जुदाई ,
कुछ - कुछ लम्हों मे ही अपनी हमने जिन्दगी बताई ........

गुरुवार, 6 नवंबर 2008

सपना

आखो मे अब न कोई सपना
दिल मे न कोई अपना
दर्द का अब अह्शाश नही
खुशी की कोई मुस्कराहट नही
जीने की कोई इछा ही नही
क्यो जी रहा हु पता ही नही

बुधवार, 5 नवंबर 2008

हर जुबा पर तेरा ही नाम था
मेरे मरने के पीछे तुझे पाने का जो आरमान था
हर जुबा पर तेरा ही नाम था

मंगलवार, 4 नवंबर 2008

vakt

वक्त गुजरता रहा
हमराही हमे भूलते रहे
आज वक्त का वो मुकाम है
हम ख़ुद को भूल चले है

आप से मिल कर खुशी हुई

ब्लॉग्गिंग की दुनिया को मेरा सलाम
दोस्तों आज अपने आप को आप से मिला देख कर मेरा रोता हुआ दिल भी मुस्कुराने लगा है
कोशिश करूगा की आप को मेअपने दिल की बात जरूर बताऊ

ये दिल जिस पर निस्सार है
वो बिता हमराही
वो अब किसी और का प्यार है
बस अब उस की मीठी यादे है
रूह से वो मेरी है
बस जिस्म बेगाना है
प्यार किया है कुश मैंने
उसी का ये अफसाना है