गुरुवार, 27 नवंबर 2008

टूटे अश्क

दिल के हर कोने मे भरा है प्यार तुम्हारा ,
हर कोने मे भरी है यादे तुम्हरी,
जुदाई के गम को कहा दबाऊ,
मिलने की आशा को कैसी दिल मै लाऊ,
हारती हुई नब्जो को कैसे दू तुम्हारी यादो का सहारा ,
टूटते अश्को को कैसे दू मै कोई किनारा ,
गम का ,खुशी का अब न है कोई नजारा ,
एक बेजान बुत सा जीना सीख लिया है मैंने ,
बुत को मारो अब दिल की कितने चोटे ,
न कोई दर्द का अहसास है ,
न कोई जुदाई के मिलने की आस,
दिल के हर कोने में भरा है प्यार तुम्हारा ,
तुम भूल चुके हो मुझे तो क्या हुआ ,
दिल के कोने कोने में है मेरे, तुम्हरे प्यार का अहसास

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