शनिवार, 29 नवंबर 2008

कफन


ऐ दोस्त तुझसे एक गुजारिश है ,
मिलना है तो मिल इसी जहा मे ,
फिर क्या मिलगे हम,
जब हमारी लाश होगी कफन मे .......

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