सोमवार, 1 दिसंबर 2008

न वो समझी हमे ,
न हम समझे उसे ,
जिन्दगी बीत गई,
इस समझने समझाने में.........

2 टिप्‍पणियां:

  1. जिन्दगी बड़ी नासमझ है ,
    कुछ समझे और कुछ न समझ सके |
    धन्यवाद

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  2. सही है इसी बहाने बीत गई. :)

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