गुरुवार, 31 दिसंबर 2009

लड़की पटाने के १५१ तरीके - तरीका नंबर -1

लड़की को पहले देखो
और जब वो आप को देखे तो
उसे इशारे से बताओ की उस के दाहिने गाल पर कुछ लगा है
जब वो उसे साफ कर ले
तो फिर बताओ की उस के बाजू के गाल पर लगा है
फिर एक प्यारी सी smile दो
अब रोजाना smile दो
बस हो गया

मंगलवार, 29 दिसंबर 2009

अमित और शेरो शायरी

मुस्कुरा के हम अपना दर्द छुपाते है
हम वादे _ए _वफाई ता उम्र निभाते है
पर आज हम पे ना है किसी अपने को ऐतबार,
सब हमे बेगाना बताते है

रविवार, 27 दिसंबर 2009

प्यार मे ,प्यार के लिए


तेरे हर गुनाह की माफी है,
तू जो रोए तो
बहोत ना इंसाफी है,
तेरी आँखों में ना आए कभी आँसू ,
क्योकी रोने के लिए तो हमारी आँखें ही काफ़ी है.

शनिवार, 26 दिसंबर 2009

"क्या आप शरीर पर तिल होने का फल जानते है ?

माथे पर---------बलवान हो

ठुड्डी पर--------स्त्री से प्रेम न रहे
दोनों बांहों के बीच--यात्रा होती रहे

दाहिनी आंख पर----स्त्री से प्रेम

बायीं आंख पर-----स्त्री से कलह रहे

दाहिनी गाल पर-----धनवान हो

बायीं गाल पर------खर्च बढता जाए

होंठ पर----------विषय-वासना में रत रहे

कान पर----------अल्पायु हो

गर्दन पर----------आराम मिले

दाहिनी भुजा पर-----मान-प्रतिष्ठा मिले

बायीं भुजा पर------झगडालू होना

नाक पर----------यात्रा होती रहे

दाहिनी छाती पर-----स्त्री से प्रेम रहे

बायीं छाती पर------स्त्री से झगडा होना

कमर में-----------आयु परेशानी से गुजरे

दोनों छाती के बीच----जीवन सुखी रहे

पेट पर----------उत्तम भोजन का इच्छुक

पीठ पर---------प्राय: यात्रा में रहा करे

दाहिने हथेली पर------बलवान हो

बायीं हथेली पर------खूब खर्च करे

दाहिने हाथ की पीठ पर--धनवान हो

बाएं हाथ की पीठ पर---कम खर्च करे

दाहिने पैर में---------बुद्धिमान हो

बाएं पैर में----------खर्च अधिक हो

ईसामसीह ने भारत में बिताए थे 17 साल!

दुनिया भर में क्रिसमस के जश्न के बीच भारत के साथ ईसामसीह के लंबे संपर्क का दावा किया गया है। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि ईसामसीह ने अपने जीवन के शुरुआती 17 वर्ष भारत में बिताए थे। उन्होंने 13 से 30 साल की उम्र तक भारत में बौद्ध धर्म और वेदों का अध्ययन किया था।

ब्रिटिश फिल्म निर्माता केंट वाल्विन कहते हैं, 'बचपन में यीशु के परिवार के नाजरेथ [इजरायली शहर] में रहने के प्रमाण मिलते हैं। लेकिन, जब उन्हें दूसरी बार नाजरेथ में देखा गया, तब वह 30 साल के थे। यीशु ने कहा था कि जितने दिन वह गायब रहे उन्होंने अपनी बुद्धि और कद में विकास किया।' वर्ष 2009 का दयावती मोदी पुरस्कार लेने भारत आए वाल्विन की अगली फिल्म 'यंग जीसस: द मिसिंग ईयर्स' यीशु के शुरुआती जीवन पर ही आधारित है।

वाल्विन ने बताया कि उनकी फिल्म एपोस्टोलिक गासपेल्स [ईसामसीह के जीवन पर प्राचीन धार्मिक वर्णन] और अभिलेखीय सामग्री पर आधारित है। गासपेल्स के मुताबिक यीशु को 13-14 साल की उम्र में अंतिम बार पश्चिम एशिया में देखा गया था। वाल्विन का कहना है कि फिल्म का पहला हिस्सा गासपेल्स पर और दूसरा हिस्सा पूरी तरह अभिलेखीय सामग्री पर आधारित होगा, जिसमें यीशु के भारत से संपर्क के कई संदर्भ मिलते हैं।

रूसी चिकित्सक निकोलस नोतोविच की 1894 में आई किताब 'द अननोन लाइफ आफ क्राइस्ट' में भी इसी विषय को उठाया गया है। यह किताब नोतोविच की अफगानिस्तान, भारत और तिब्बत यात्रा पर आधारित थी। उनकी इस किताब में कई ऐसे संदर्भ मिलते हैं, जो बताते हैं कि यीशु भारत आए थे और उन्होंने यहां वेदों व बौद्ध धर्म का अध्ययन किया था।

एक अन्य रूसी लेखक निकोलस रोइरिच के मुताबिक यीशु ने काशी [वाराणसी] समेत भारत के कई प्राचीन शहरों में समय बिताया था। जर्मन विद्वान होल्जर क्रिस्टन की किताब 'जीसस लिव्ड इन इंडिया' के मुताबिक यीशु ने सिंध में बौद्ध धर्म का अध्ययन किया था।


इस जानकारी का स्रोत यहाँ है

मंगलवार, 22 दिसंबर 2009

२ लाइन दिल की

वो मिलती है रोज हसते हुए हमसे ,
आरजू ए दिल को छुपा कर हमसे

बुधवार, 16 दिसंबर 2009

रेनू - मेरे प्यार की अंगड़ाई

मुहब्बत फूल है जाना कहो तो फूल बन जाय
तुम्हारी ज़िंदगी का एक हसीन उसूल बन जाय
सुना हे रेत पे चल क तुम अक्सर बहक जाती हो
कहो तो अबकी बार मे ज़मीन की धूल बन जाय
बहूत नायाब होते हैं, जिन्हे तुम अपना कहते हो
इजाजत दो की मे भी इस क़दर अनमोल बन जाउ


flurtu.....

रविवार, 13 दिसंबर 2009

सिर्फ़ मेरे प्यार रेनू के लिए


परियो सी सुंदर एक लड़की है ?´¯`?
जाने क्या जादू करती है ?´¯`?
चाहे जितना गम हो ?´¯`?
पर देख के उसकी सूरत दिल को खुशी मिलती है ?´¯`?
चाँद सा रोशन चेहरा है ?´¯`?
आँखो से मस्ती झलकती है ?´¯`?
बाते है मिस्री सी मीठी ?´¯`?
आवाज़ मे कोई कोयल बोलती है ?´¯`?
रूप है उसका कोई खिलता हुआ कमल ?´¯`?
उसको देखकर ही शायद ग़ज़ल बनती है ?´¯`?
किसी पल भी वो ना दूर रही हम से ?´¯`?’
हर पल जो मेरे सांसो मे बस्ती है ?´¯`?
आग को देखकर और बातो से ही ?´¯`?
जाने कितनी ख्वाहिश इस दिल मे पलटी है ?´¯`?

दिल की बात



हम आँखो मे अरमान दिया करते है ;
हम सबकी नींद चुरा लिया करते है :
अब जब जब आपकी पलके झुकाएगी ;
समझ लेना हम आपको याद किया करते है ।
from flurtu

शनिवार, 12 दिसंबर 2009

दिल



किसी की आवाज़ ke लिए दिल तरसता है
किसी क इंतज़ार में दिल तड़पता है
क्या कहें इस दिल_ए_नादान को
जो अपना हो कर भी किसी ओर के लिए धड़कता है..



नादाँ मन मेरा


कितने नादान थे तूफान को किनारा समझा,
कितने बेजान सहारो को सहारा समझा,

कितने अंजान थे वो लोग जो साहिल पे थे,
हमें डूबता देखा ओर नज़ारा समझा...

रब से अरदास


ओय रब अपने पास मेरी दुआ अमानत रखना,
ज़िंदगी भर उस को सलामत रखना.

मेरी आँखों क सारे दीप बुझा देना,
पर उस की आँखों क सारे ख्वाब सलामत रखना

शुक्रवार, 11 दिसंबर 2009

रेनू


आपकी तस्वीरो को हम उलट पलट कर देखते रहे
दिन रात आपके ख्यालो मे उलझे रहे
मालूम था आप हम से दूर है
फिर भी आपको आस पास खोजते रहे




मोहब्बत मैं करने लगा हूं,
उलझानो मे जीने लगा हूं,
दीवाना तो मैं था नही लेकिन,
तेरा दीवाना बनने लगा हूं..




हसी की खुराक

परीक्षक संता सेः इस पक्षी का पैर देखो और इसका नाम बताओ
संताः मुझे नहीं मालूम
परीक्षकः तुम फेल हो गए, तुम्हारा नाम क्या है?
संताः मेरे पैर देखो और मेरा नाम बताओ.....

खुदा की मर्जी

बेख़बर हूँ ये ज़िंदगी कहा लेकर जाएगी,
लेकिन हर जगह मुझे खुदा की मर्ज़ी मिली,
मुझे खोने का गम उन्हे है, पर मुझे भी है,
वो भी तो एक ही थी जो मुझे ना मिली……….!

अमित की शायरी

हज़ारो ख्वाहिशे हैं दिल मे,
पर मेरी ख्वाहिश का क्या करूँ,
हर ख्वाहिश पर है खुदा की मर्ज़ी,
अब तूही बता खुदा ना चाहे तो क्या करूँ……….!

गुरुवार, 10 दिसंबर 2009

देख तो लो -अमित का दर्द चाँद

चाँद, तारे, फूल, खुश्बू से सुनिए
सबको पता है नाम आपका किसी से सुनिए

दर्द अगर महसूस हो तो मूड कर देखना
डॉवा क्या होगी, उस दर्द से सुनिए

आँखों में नामी का समंदर है तो
मुस्कुराहट क्या चीज़ हैं,अश्कों से सुनिए

ख्वाबों में हो उनका दीदार जिनकी कमी है तो,
उनका क्या मुकाम है, उन ख्वाबों से सुनिए

तन्हाई क्या मर्ज़ है, गर नही मालूम तो
हमने कटी है सारी ज़िंदगी तन्हा, हमसे सुनिए……


तुम को फ़ुर्सत हो मेरी जान तो इधर देख तो लो
चार आँखें ना करो, एक नज़र देख तो लो…

बात करने के लए, कौन तुम्हें कहता है
ना करो हमसे कोइ बात मगर देख तो लो..

रेनू आप के लिए

चाँद, तारे, फूल, खुश्बू से सुनिए
सबको पता है नाम आपका किसी से सुनिए

दर्द अगर महसूस हो तो मूड कर देखना
डॉवा क्या होगी, उस दर्द से सुनिए

आँखों में नामी का समंदर है तो
मुस्कुराहट क्या चीज़ हैं,अश्कों से सुनिए

ख्वाबों में हो उनका दीदार जिनकी कमी है तो,
उनका क्या मुकाम है, उन ख्वाबों से सुनिए

तन्हाई क्या मर्ज़ है, गर नही मालूम तो
हमने कटी है सारी ज़िंदगी तन्हा, हमसे सुनिए……

अमित की शायरी मस्ती मे

हर पल चलना होता है,
हर पल संभालना होता है.
ज़िंदगी आरामगाह नहीं,
संघर्ष करके जीना होता है
.

मेरी खुशी

भारी महफ़िल मैं तन्हा रहना अछा लगता है
तेरे बारे मैं सोचते रहना अछा लगता है .
कभी फूलों मैं ,कभी कलियों मैं
तुझ को ही ढूनडते रहना अछा लगता है
मेरी ज़िंदगी की खुशियाँ तुम्ही से हैं वास्ता
रब से सिर्फ़ तुम्हें ही माँगना अच्छा लगता है
हमारे दरमियाँ है सदियों का फासला
कुछ इस तरह गुफ़्तुगू करना अच्छा लगता है
तुम्हरे बगैर ज़िंदगी का कोई तस्वीर नही है
कुछ इस तरह तुम्हारी तमन्ना करना अच्छा लगता है
तुम ही को चाहा,तुम ही को चाहते हैं
तुम्ही को चाहते रहना अच्छा लगता है..

मोर्ड लड़की

मैने कहा "दिल रूबा"
उसने कहा बॅलेन्स भिजवा
मैने कहा "पैसे नही"
उसने कहा "कैसे नही"
मैने कहा "महँगाई है"
उसने कहा "जा आज से तू मेरा भाई है

बुधवार, 9 दिसंबर 2009

रेनू के लिए

कल मैने खुदा से पूछा कि खूबसूरती क्या है?
तो वो बोले खूबसूरत है
वो लब जिन पर दूसरों के लिए एक दुआ है
खूबसूरत है वो मुस्कान
जो दूसरों की खुशी देख कर खिल जाए
खूबसूरत है वो दिल
जो किसी के दुख मे शामिल हो जाए
और किसी के प्यार के रंग मे रंग जाए
खूबसूरत है वो जज़बात
जो दूसरो की भावनाओं को समझे
खूबसूरत है वो एहसास
जिस मे प्यार की मिठास हो
खूबसूरत है वो बातें
जिनमे शामिल हों दोस्ती और प्यार की किस्से कहानियाँ
खूबसूरत है वो आँखे
जिनमे कितने खूबसूरत ख्वाब समा जाएँ
खूबसूरत है वो आसूँ
जो किसी के ग़म मे बह जाएँ
खूबसूरत है वो हाथ
जो किसी के लिए मुश्किल के वक्त सहारा बन जाए

एक छोटीसी कहानी

  • एक अंधी लडकी थी उसे उसके एक दोस्त के अलावा सबने ठुकरा दिया था पर वो दोस्त उससे बहुत प्यार करताथा लडकी रोज़ उससे ये कहती कि अगर वो उसे देख पाती तो उसी से शादी करती एक दिन किसी ने उस लडकी कोअपने आंखे दे दीं जब वो देख सकने लगी तो उसने देखा की उसका वह दोस्त अंधा था दोस्त ने उससे पूछा की क्याअब वो उससे शादी करेगी ? लडकी ने साफ़ इनकार कर दिया इस पर उसका दोस्त मुस्कुराया और चुप चाप उसे एककागज़ देकर चला गया उसपर लिखा था -


"मेरी आखों का ख्याल रखना"

मंगलवार, 8 दिसंबर 2009

आज की कविता

हैवानियत की मंदी में ,
अमन का सौदा करने की बात .

तूफानी रात में अंधेरे ,
को जैसे एक दिए की सौगात .

गर तूफ़ान से लड़ना ही है ,
तो एक पहाड़ खडा कर दो .

जिन उटो को उचाई पे गुरूरहै ,
उन्हें पहाड़ दिखा दो .

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009

भगवान विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की एक कहानी

एक बार भगवान विष्णु जी शेषनाग पर बेठे बेठे बोर होगये, ओर उन्होने धरती पर घुमने का विचार मन मै किया, वेसे भी कई साल बीत गये थे धरती पर आये, ओर वह अपनी यात्रा की तेयारी मे लग गये, स्वामी को तेयार होता देख कर लक्ष्मी मां ने पुछा !!आज सुबह सुबह कहा जाने कि तेयारी हो रही है?? विष्णु जी ने कहा हे लक्ष्मी मै धरती लोक पर घुमने जा रहा हुं, तो कुछ सोच कर लक्ष्मी मां ने कहा ! हे देव क्या मै भी आप के साथ चल सकती हुं?भगवान विष्णु ने दो पल सोचा फ़िर कहा एक शर्त पर, तुम मेरे साथ चल सकती हो तुम धरती पर पहुच कर उत्तर दिशा की ओर बिलकुल मत देखना, इस के साथ ही माता लक्ष्मी ने हां कह के अपनी मनवाली।


ओर सुबह सुबह मां लक्ष्मी ओर भगवान विष्णु धरती पर पहुच गये, अभी सुर्य देवता निकल रहे थे, रात बरसात हो कर हटी थी, चारो ओर हरियाली ही हरियाली थी, उस समय चारो ओर बहुत शान्ति थी, ओर धरती बहुत ही सुन्दर दिख रही थी, ओर मां लक्ष्मी मन्त्र मुग्ध हो कर धरती को देख रही थी, ओर भुल गई कि पति को क्या वचन दे कर आई है?ओर चारो ओर देखती हुयी कब उत्तर दिशा की ओर देखने लगी पता ही नही चला।

उत्तर दिशा मै मां लक्ष्मी को एक बहुत ही सुन्दर बगीचा नजर आया, ओर उस तरफ़ से भीनी भीनी खुशबु आ रही थी,ओर बहुत ही सुन्दर सुन्दर फ़ुल खिले थे,यह एक फ़ुलो का खेत था, ओर मां लक्ष्मी बिना सोचे समझे उस खेत मे गई ओर एक सुंदर सा फ़ुल तोड लाई, लेकिन यह क्या जब मां लक्ष्मी भगवान विष्णु के पास वापिस आई तो भगवान विष्णु की आंखो मै आंसु थे, ओर भगवान विष्णु ने मां लक्ष्मी को कहा कि कभी भी किसी से बिना पुछे उस का कुछ भी नही लेना चाहिये, ओर साथ ही अपना वचन भी याद दिलाया।

मां लक्ष्मी को अपनी भुल का पता चला तो उन्होने भगवान विष्णु से इस भुल की माफ़ी मागी, तो भगवान विष्णु ने कहा कि जो तुम ने जो भुल की है उस की सजा तो तुम्हे जरुर मिलेगी?? जिस माली के खेत से तुम नए बिना पुछे फ़ुल तोडा है, यह एक प्रकार की चोरी है, इस लिये अब तुम तीन साल तक माली के घर नोकर बन कर रहॊ, उस के बाद मै तुम्हे बैकुण्ठ मे वपिस बुलाऊंगा, मां लक्ष्मी ने चुपचाप सर झुका कर हां कर दी( आज कल की लक्ष्मी थोडे थी?

ओर मां लक्ष्मी एक गरीब ओरत का रुप धारण करके , उस खेत के मालिक के घर गई, घर क्या एक झोपडा था, ओर मालिक का नाम माधव था, माधब की बीबी, दो बेटे ओर तीन बेटिया थी , सभी उस छोटे से खेत मै काम करके किसी तरह से गुजारा करते थे,

मां लक्ष्मी जब एक साधारण ओर गरीब ओरत बन कर जब माधव के झोपडे पर गई तो माधव ने पुछा बहिन तुम कोन हो?ओर इस समय तुम्हे क्या चाहिये? तब मां लक्ष्मी ने कहा ,मै एक गरीब ओरत हू मेरी देख भाल करने वाला कोई नही, मेने कई दिनो से खाना भी नही खाया मुझे कोई भी काम देदॊ, साथ मै मै तुम्हरे घर का काम भी कर दिया करुगी, बस मुझे अपने घर मै एक कोने मै आसरा देदो? माधाव बहुत ही अच्छे दिल का मालिक था, उसे दया आ गई, लेकिन उस ने कहा, बहिन मै तो बहुत ही गरीब हुं, मेरी कमाई से मेरे घर का खर्च मुस्किल से चलता है, लेकिन अगर मेरी तीन की जगह चार बेटिया होती तो भी मेने गुजारा करना था, अगर तुम मेरी बेटी बन कर जेसा रुखा सुखा हम खाते है उस मै खुश रह सकती हो तो बेटी अन्दर आ जाओ।

माधाव ने मां लक्ष्मी को अपने झोपडे मए शरण देदी, ओर मां लक्ष्मी तीन साल उस माधव के घर पर नोकरानी बन कर रही;

जिस दिन मां लक्ष्मी माधव के घर आई थी उस से दुसरे दिन ही माधाव को इतनी आमदनी हुयी फ़ुलो से की शाम को एक गाय खरीद ली,फ़िर धीरे धीरे माधव ने काफ़ी जमीन खारीद ली, ओर सब ने अच्छे अच्छे कपडे भी बनबा लिये, ओर फ़िर एक बडा पक्का घर भी बनबा लिया, बेटियो ओर बीबी ने गहने भी बनबा लिये, ओर अब मकान भी बहुत बडा बनाबा लिया था।

माधव हमेशा सोचता था कि मुझे यह सब इस महिला के आने के बाद मिला है, इस बेटी के रुप मे मेरी किस्मत आ गई है मेरी, ओर अब २-५ साल बीत गये थे, लेकिन मां लक्ष्मी अब भी घर मै ओर खेत मै काम करती थी, एक दिन माधव जब अपने खेतो से काम खत्म करके घर आया तो उस ने अपने घर के सामने दुवार पर एक देवी स्वरुप गहनो से लदी एक ओरात को देखा, ध्यान से देख कर पहचान गया अरे यह तो मेरी मुहं बोली चोथी बेटी यानि वही ओरत है, ओर पहचान गया कि यह तो मां लक्ष्मी है.
अब तक माधव का पुरा परिवार बाहर आ गया था, ओर सब हेरान हो कर मां लक्ष्मी को देख रहै थे,माधव बोला है मां हमे माफ़ कर हम ने तेरे से अंजाने मै ही घर ओर खेत मे काम करवाया, है मां यह केसा अपराध होगया, है मां हम सब को माफ़ कर दे

अब मां लक्ष्मी मुस्कुराई ओर बोली है माधव तुम बहुत ही अच्छे ओर दयालु व्यक्त्ति हो, तुम ने मुझे अपनी बेती की तरह से रखा, अपने परिवार के सदस्या की तरह से, इस के बदले मै तुम्हे वरदान देती हुं कि तुम्हारे पास कभी भी खुशियो की ओर धन की कमी नही रहै गी, तुम्हे सारे सुख मिलेगे जिस के तुम हक दार हो, ओर फ़िर मां अपने स्वामी के दुवारा भेजे रथ मे बेठ कर बेकुण्ठ चली गई

इस कहानी मै मां लक्ष्मी का संदेशा है कि जो लोग दयालु ओर साफ़ दिल के होते है मै वही निवास करती हुं, हमे सभी मानवओ की मदद करनी चाहिये, ओर गरीब से गरीब को भी तुच्छ नही समझना चाहिये।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2009

आज का विचार



बुधवार, 2 दिसंबर 2009

फ़ोन की महिमा


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दिमागी कसरत -जीतो तो जाने

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कभी कभी एसा भी होता है

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Funny Picture Comments

शराफत

चिंटू - मां, पापा बहुत शरीफ हैं।

मां- वो कैसे बेटा।

चिंटू - पापा जब भी किसी लड़की को देखते हैं तो अपनी एक आंख बंद कर लेते हैं

हसी की खुराक

संता का गधा खो गया तो संता भगवान की प्रार्थना कर शुक्रिया अदा करने लगा।

बंता ने पूछा- तुम्हारा गधा खो गया और तुम भगवान को धन्यवाद दे रहे हो।

संता- मैं धन्यवाद इसलिए दे रहा हूं की अच्छा हुआ मैं उस पर नही बैठा हुआ था नही तो मैं भी खो जाता

शुक्रवार, 27 नवंबर 2009

आज के यमराज का इस्तीफा

एक दिन
यमदेव ने दे दिया
अपना इस्तीफा।
मच गया हाहाकार
बिगड़ गया सब
संतुलन,
करने के लिए
स्थिति का आकलन,
इन्द्र देव ने देवताओं
की आपात सभा
बुलाई
और फिर यमराज
को कॉल लगाई।

'डायल किया गया
नंबर कृपया जाँच लें'
कि आवाज तब सुनाई।

नये-नये ऑफ़र
देखकर नम्बर बदलने की
यमराज की इस आदत पर
इन्द्रदेव को खुन्दक आई,

पर मामले की नाजुकता
को देखकर,
मन की बात उन्होने
मन में ही दबाई।
किसी तरह यमराज
का नया नंबर मिला,
फिर से फोन

लगाया गया तो
'तुझसे है मेरा नाता
पुराना कोई' का
मोबाईल ने
कॉलर टयून सुनाया।


सुन-सुन कर ये
सब बोर हो गये
ऐसा लगा शायद
यमराज जी सो गये।

तहकीकात करने पर
पता लगा,
यमदेव पृथ्वीलोक
में रोमिंग पे हैं,
शायद इसलिए,
नहीं दे रहे हैं
हमारी कॉल पे ध्यान,
क्योंकि बिल भरने
में निकल जाती है
उनकी भी जान।

अन्त में किसी
तरह यमराज
हुये इन्द्र के दरबार
में पेश,
इन्द्रदेव ने तब
पूछा-यम
क्या है ये
इस्तीफे का केस?

यमराज जी तब
मुँह खोले
और बोले-

हे इंद्रदेव।
'मल्टीप्लैक्स' में
जब भी जाता हूँ,
'भैंसे' की पार्किंग
न होने की वजह से
बिन फिल्म देखे,
ही लौट के आता हूँ।

'बरिस्ता' और 'मैकडोन्लड'
वाले तो देखते ही देखते
इज्जत उतार
देते हैं और
सबके सामने ही
ढ़ाबे में जाकर
खाने-की सलाह
दे देते हैं।

मौत के अपने
काम पर जब
पृथ्वीलोक जाता हूँ
'भैंसे' पर मुझे
देखकर पृथ्वीवासी
भी हँसते हैं
और कार न होने
के ताने कसते हैं।

भैंसे पर बैठे-बैठे
झटके बड़े रहे हैं
वायुमार्ग में भी
अब ट्रैफिक बढ़ रहे हैं।
रफ्तार की इस दुनिया
का मैं भैंसे से
कैसे करूँगा पीछा।
आप कुछ समझ रहे हो
या कुछ और दूँ शिक्षा।

और तो और, देखो
रम्भा के पास है
'टोयटा'
और उर्वशी को है
आपने 'एसेन्ट' दिया,
फिर मेरे साथ
ये अन्याय क्यों किया?

हे इन्द्रदेव।
मेरे इस दु:ख को
समझो और
चार पहिए की
जगह
चार पैरों वाला
दिया है कह
कर अब मुझे न
बहलाओ,
और जल्दी से
'मर्सिडीज़' मुझे
दिलाओ।
वरना मेरा
इस्तीफा
अपने साथ
ही लेकर जाओ।
और मौत का
ये काम
अब किसी और से
करवाओ।

सोमवार, 23 नवंबर 2009

आज का विचार

करोगे याद एक दिन इस प्यार के ज़माने को ,
चले जायेंगे जब हम कभी ना वापस आने को .
चलेगा महफ़िल मे जब ज़िक्र हमारा कोई ,
तो तुम भी तन्हाई धुढोगे आंसू बहने को .

दिल का दर्द -सीधे अमित के दिल से किसी के लिए

मस्ती को मुहब्बत मे फना कौन करेगा ..??
यह फ़र्ज़ मेरे सेवा अदा कौन करेगा …???
हाथो की लकीरों को ज़रा देख मेरी जान …
यह देख मेरे साथ वफ़ा कौन करेगा ?????

दिल का दर्द -28

ख्याल था की हम तुझे राजदान बना लेते
मगर ये लोग नई दास्ताँ बना लेते
तू एक बार मुहब्बत से देख लेती तो हम
ज़मीं ख़ुद को तुझे आसमान बना लेते

रविवार, 22 नवंबर 2009

कभी कभी अंग्रजीवा मै भी झेलो

The naughtyवा wind
That blows the girl?sवा skirt high
But the nature is cleverवा
It sends dustवा with the wind
To close the boy?s eyes।


वा वा कहे पढ़त हो , बाकि भी समझ लो और हसत हो

शनिवार, 21 नवंबर 2009

गुदगुदी

कभी कहता था दोस्त मेरा ,
जान भी मांगो तू हाज़िर हे "
आज अपनी बीवी को जान कहता हे ,
और मांगो तू इनकार करता हे ॥


हे हे हे

दर्द दिल का -27

मेरी चाहतें तुम से अलग कब हैं ....
दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं ....
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह ...
फिर ज़िन्दगी को सासों की ज़रूरत कब है ...

दर्द दिल का -26

इस शाम मेरे लब पर तेरा नाम ना आए ,
खुदा करे ऐसी शाम ना आए ....
ए जान -ऐ -अमित कभी मुमकिन ही नहीं ,
मैं ग़ज़ल लिखूं और तेरा नाम ना आए .

दिल का दर्द -25

प्यार की बात ना करो ए दोस्तों ,
बहूत ही जखम खाए है हमने इसमें .
इसकी राह में चल कर तो देखो दोस्तों ,
कांटे ही कांटे बिछाए है खुदा ने इसमें .

मंजर

हर एक मंज़र पर उदासी छाई हैं
चाँद की रौशनी मे भी कमी आई हैं

अकेले अच्छे थे हम अपने अश्याने मे
जाने क्यों क्यों टूट के तुम्हारी याद आई हैं

अमित के दिल से

फूलों के शौक में बे -ख़बर ,
मैं बाग़ में घुसा चला गया .
बागबान से डरा कीचड में गिरा ,
काँटों से कटता गया ,

अब ये तुझ पर है की मै काटो मे पड़ा रहू या ,

फूलो के आगोश मे आ जाऊ ,

मर्जी तेरी है बहो मे हम को भर लो या ........................................

शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

आप का स्वागत है रेनू

रविवार, 15 नवंबर 2009

कुपोषण क्या यही है ?

आओ आप को शीशा दिखाये

Click to get cool Animations for your MySpace profileअब देख कर परेशान मत होना

कोई मुझे मराठी सिखा दो , कल बम्बई जाना है

मुंबई की हालत देखते हुए लग रहा है की जल्दी ही स्कुलू मे मराठी भाषा पढ़ना अनिवार्य हो जाए गा , चोक्क गए अरे भाई अब लगने लगा है की हम सभी हिंदुस्तान मे नही अब मराठिस्तान , तमिल्सातन , बिहारिस्तान , माओ वादी स्तान, मे रह रहे है , क्या हमारी सरकार इतनी डर गई है की इन नापाक तरीको को ख़तम नही कर सकती

आप के लिए शिष्टाचार का क्या मतलब है ?

खचाखच भरी बस में एक महिला संतुलन नहीं रख पा रही थी। वह अपने साथ खड़े आदमी पर झुकी जा रही थी। आखिर तंग कर उस आदमी ने पास की सीट पर बैठे 15-16 साल के एक लड़के से कहा : ' क्या तुम इस देवी जी को अपनी सीट दे सकते हो ?'

लड़के ने बात सुनी अनसुनी कर दी। उस आदमी ने जेब से दस रुपए का नोट निकाल कर लड़के को दिया तो लड़के ने थैंक यू कहते हुए सीट खाली कर दी। आदमी ने महिला से कहा : ' बैठिए। ' ' नहीं आप बैठिए ,' महिला बोली। ' जी , मैं नहीं बैठना चाहता। दरअसल मैं इस लड़के को बताना चाहता था कि इस दुनिया में शिष्टाचार नाम की भी कोई चीज होती है। ' महिला ने सीट पर बैठते ही लड़के से कहा : ' बेटे , इस भले आदमी को धन्यवाद दो। '
' मैं पहले ही थैंक यू कह चुका हूं ममी ' लड़का बोला।

किस की इज्जत को ज्यादा खतरा है।?

बसंती : भाग धन्नो भाग , आज तेरी बसंती की इज्जत का स्वाल है।
धन्नो : तुझे अपनी पड़ी है , मेरी तो सोच जिसके पीछे 10 घोड़े पड़े हैं !!!