शुक्रवार, 30 जनवरी 2009

अटल ने पीटा मुसरफ को कैसे ?

एक बार अटलबिहारी,मुशर्रफ़,
मल्लिका शेरावत औरमार्गरेट थेचर,
एक साथ ट्रेन मे सफ़र कर रहे थे।।
ट्रेन एक सुरंग के अन्दर से गुजरी,
घना अन्धेरा छा गया।
अटल को पता नही क्या सूझी,
उसने अपने हाथ को चूमकर एक जोरदार आवाज निकाली
और एक जोरदार झापड़ मुशर्रफ़ के रसीद कर दिया।
सभी ने झापड़ की आवाज को सुना।
ट्रेन जब सुरंग से बाहर निकली,
सबने देखा,
मुशर्रफ़ अपने गाल को सहला रहा था,
सभी ने अलग अलग सोचा
:मुशर्रफ़ सोच रहा था,
अटल ने मल्लिका को किस किया होगा,
गलती से झापड़ मुझे पड़ गया।
मल्लिका सोच रही थी,
हो सकता है मुशर्रफ़ ने मेरे को किसकरने के चक्कर मे मार्गरेट थैचर को किस कर दिया हो
इसलिए पिटा।
मार्गरेट सोच रही थी,
ये मुशर्रफ़ भी ना,
गलत जगह हाथ डाल देता है,
मुझे किस करता तो,
कम से कम,
झापड़ तो ना पड़ता ।
अटल सोच रहा था :
अबकि बार सुरंग आएगी तो फिर से करुगा

गुरुवार, 29 जनवरी 2009

अगर आप salesman से परेशां है तो अपने घर पर ये नोटिस चिपकाए

सेल्समैन ध्यान दें! हमें मांगकर उपयोग करने की आदत है। आप जो कुछ बेचने लाए हैं, वह हमारे पड़ोसियों को बेचें। ज़रूरत पड़ने पर हम उनसे मांग लेंगे।

चुटकला नम्बर ३

दो शायर मित्र घर में बैठे बड़ी देर से शेर-ओ शायरी किये जा रहे थे!जिस शायर का घर था ,उसकी पत्नी बड़ी देर से बर्दाश्त कर रही थी और गुर्रा भी रही थी !थोडी देर बाद मेहमान शायर बोला -” मित्र !एक शेर याद आ रहा है! कहो तों सुनाऊ?”मेजबान शायर ने कहा -” नही रहने दो और घर जाओ ,क्योकि इधर से शेरनी आ रही है !”

चुटकला नम्बर २

एक साहब जी घबराए हुए आये और बीवी से बोले-”बेगम!मैं दफ्तर से आ रहा था कि रास्ते में एक गधा ……!”इतने में उनकी बच्ची बोल उठी-”मम्मी! रीता ने मेरी गुडिया तोड़ दी है !”पति ने फिर कहना शुरू किया -”हां तों बेगम !मैं कह रहा था कि रास्ते में एक गधा ……।!इतने में उनका लड़का बोला -”मम्मी !रीता ने मेरी कार तोड़ दी है !”बीवी झल्लाकर बोली -” ईश्वर के लिए तुम सब चुप हो जाओ ,मुझे पहले गधे की बात सुन लेने दो !”

चुटकला

रावरी देवी मर जाती हैं,
और स्वर्ग में यमराज के पास पहुचती है।
वहाँ देखती हैं एक दीवाल पर ढेर सारी घडियाँ टंगी हैं।
राबरी (यमराज से) :इस दीवाल पर इतनी सारी घडियाँ क्यों है?
यमराज : ये झूठी घडियाँ हैं,
जो धरती पर झूठ बोलता हैं,
ये सब उसके उसके नाम की घडियाँ हैं।
जब भी कोई एक झूठ बोलता हैं,
तो उसके नाम की घड़ी एक पॉइंट आगे बढ़ जाती है।
राबडी: (एक घड़ी की तरफ़ इशारा करके) ये वाली घड़ी किसकी है?
यमराज: ये घड़ी गौतम बुध की हैं,
उसने कभी एक भी झूठ नही बोला,
इसलिए इस घड़ी का एक भी पॉइंट आगे नही बढ़ा है।
राबडी :(दूसरी घड़ी की तरफ़ इशारा करके) और ये वाली घड़ी किस की हैं?यमराज : ये वाली घड़ी गांधी जी की हैं,
उसने सिर्फ़ दो बार झूठ बोला था,
इसलिए इस घड़ी का पॉइंट सिर्फ़ दो बार आगे बढ़ा है।
राबडी (आश्चर्य से यमराज से पूछती हैं) : अच्छा ,हमारे पति श्री लालू जी की कौन सी घड़ी है?

यमराज:उनकी घड़ी मेरे ऑफिस में लगी हैं ,जो सीलिंग फैन का काम कर रही हैं.

न दिखाओ इतनी बरूखी


न दिखाओ इतनी बरूखी ,की
की
की
की हम भी कपड़े पहन ले .....................

खुशी से मर गया...तो ?

पत्नीः जब मैं मर जाऊंगी ,
तो तुम क्या करोगे ?
पतिः मैं भी मर जाऊंगा।
पत्नीः क्यों ?
पतिः क्योंकि ज्यादा खुशी से आदमी मर जाता है। ********

बुधवार, 28 जनवरी 2009

शादी से पहले हनिमून ?

बॉस - अरे सुमित !
फिर 5 दिन की छुट्टी ?
पिछले 1 साल में तुमने न जाने कितनी बार छुट्टियां ली हैं।
कभी सगाई ,
कभी हनिमून ,
बच्चे की बीमारी ,
कभी नामकरण ...
अब क्या है ?
राहुल - जी कल मेरी शादी है।

होगा जिसके पर्स में जितना ज्यादा कैश

होगा जिसके पर्स में जितना ज्यादा कैश
वही लड़कियां करेंगी पब में जाकर ऐश
पब में जाकर ऐश ,
तैश मत खाओ प्यारे
ग्लोबलाइजेशन के देखो मस्त नजारे
दिव्यदृष्टि इसलिए राम की सुन ले सेना
निजी मामले से उसका क्या लेना-देना .....................

शुक्रवार, 23 जनवरी 2009

हमदर्द

दर्द को दर्द से न देखो,
दर्द को भी दर्द होता है,
दर्द को ज़रूरत है दोस्त की,
आखिर दोस्त ही दर्द में हमदर्द होता है.......................................
दिल को हमसे चुराया आपने ,
दूर होकर भी अपना बनाया आपने,
कभी भूल नहीं पायेंगे हम आपको,
क्योंकि याद रखना भी तो सिखाया आपने..................................

हर सागर के दो किनारे होते है,

कुछ लोग जान से भी प्यारे होते है,

ये ज़रूरी नहीं हर कोई पास हो,

क्योंकी जिंदगी में यादों के भी सहारे होते है ...................................................

रविवार, 18 जनवरी 2009

साथ ???????????

कब्र तक हमने सब का साथ निभाया
जब परखा तो ख़ुद को अकेला पाया
हर कोई था मगन अपनी ही धुन में
ना सुना किसी ने जब हमने बुलाया
कहने को थे वो सभी हमारे अपने
वक्त पड़ा कोई भी काम न आया
हर इन्सान है मतलबी इस जहां में
हर किसी को हमने है आजमाया
मेरे हर ज़ख्म पर हसती रही दुनिया
हर गम को उसने हसी में उडाया
ना मिल पाई कभी छ्त और जमी
हम है वही जिसने सब कुछ लुटाया....................

शनिवार, 17 जनवरी 2009

जानते हो कुवारी लड़की , बस का कंडक्टर , और एक आलसी क्या बोले ?

एक कुंवारी लड़की की प्रार्थना : हे प्रभो, मैं अपने लिए कुछ नहीं मांगती, लेकिन कृपा करके मेरी मां को दामाद दे दो।''


बस के गेट पर लटके हुए मुसाफिरों से कंडक्टर ने कहा : भाइयो, अंदर हो जाओ। इस तरह गेट पर लटकना आपकी जान के लिए खतरनाक है। लेकिन जब कोई भी अंदर न हुआ तो कंडक्टर गुस्से में बोला : तुम्हें तुम्हारी पत्नी की कसम अंदर हो जाओ! इतना सुनना था कि जो मुसाफिर सीटों पर बैठे थे वे भी गेट पर आकर लटक गए।


एक आलसी से मित्र ने कहा : सुना है, तुम फौज में भरती हो रहे हो ? आलसी : अरे नहीं, मुझे तो यह भी पता नहीं कि बंदूक का मुंह किधर रखकर चलाते हैं।मित्र : इसमें क्या है ? तुम बंदूक का मुंह किधर भी रखकर चलाओ, देश का भला ही करोगे।

बुधवार, 14 जनवरी 2009

शीर्षासन सिख लो ? by योग गुरु


सिख गए ना ...............

मंगलवार, 13 जनवरी 2009

मुर्गी के हरे अंडे ?

केंद्रीय मैक्सिको में रबानीता नामक एक मुर्गी सुर्खियों में छा गई है।
यह मुर्गी हरे रंग के अंडे देकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है। स्पेन की समाचार एजेंसी ईएफई ने बुधवार को यह जानकारी दी है।

राजधानी के उत्तर में काऊतितलान के म्युनिसिपल सेक्रेटरी राउल ओर्टिज ने मंगलवार को कहा, ''यह सोने का अंडा देने वाली मुर्गी नहीं है, लेकिन यह मुर्गी हरे अंडे देती है।''

रबानीता नामक इस मुर्गी को लेकर अधिकारियों की दिलचस्पी बढ़ गई है। यह मुर्गी मीडिया का ध्यान तो पहले ही आकर्षित कर चुकी है, लेकिन अब यह मुर्गी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय समाचार पत्र 'रिफोर्मा' ने एक विशेषज्ञ के हवाले से मंगलवार को जानकारी दी है कि यह मुर्गी गिनि या अरौकाना चिकन जैसी विदेशी प्रजाति की हो सकती है जो सामान्यत: अमेरिका में पाई जाती है। यह प्रजाति मैक्सिको में नहीं पाई जाती है।

इस चमत्कारी मुर्गी के मालिक एल्वेरा रोमिरो हैं जो सांटा मारिया हुइकेतितला में रहते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस के सौजन्य से ये जानकारी आप को प्राप्त हुई है

रविवार, 11 जनवरी 2009

माँ

हवा दुखों की जब आई कभी ख़िज़ाँ की तरह
मुझे छुपा लिया मिट्टी ने मेरी माँ की तरह
मुझे बस इस लिए अच्छी बहार लगती है
कि ये भी माँ की तरह ख़ुशगवार लगती है
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती
बस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती

शनिवार, 10 जनवरी 2009

हे भगवन, राम क्यो नही आते

हो रहा आचरण का निरंतर पतन राम जाने कि क्यों राम आते नहीं !हैं
जहाँ भी कहीं हैं दुखी साधुजन लेके उनकोशरण क्यों बचाते नहीं !है
सिसकती अयोध्या दुखी नागरिक कट गये चित्रकूटों के रमणीक वन
स्वर्णमृग चर रहे दण्डकारण्य को पंचवटियों में बढ़ गया है अपहरण
घूमते हैं असुर साधु के वेश में अहिल्याये कई फिर बन गईं हैं शिला
सारी दुनियाँ में फैला अनाचार है रुकता दिखता नहीं ये बुरा सिलसिला
हो रहा गाँव नगरों में सीता हरण राम जाने कि क्यों राम आते नहीं !
सारे आदर्श बस सुनने पढ़ने को हैं आचरण में अधिकतर है मनमानियां
जिसकी लाठी है उसकी ही भैंस है
राजनेताओं में दिखती हैं नादानियां
स्वप्न में भी न सोचा जो होता है
वो हर समस्या उठाती नये प्रश्न
कई मान मिलता है कम समझदार को
भीड नेताओं की इतनी है बढ़ गई हर जगह
डगमगा गया है संतुलन
राम जाने कि क्यों राम आते नहीं !
बढ़ती जाती है कलह हर जगह बेवजह
नेह सद्भाव पडते दिखाई नहीं
एकता प्रेम विश्वास हैं अधमरे
आदमियत आदमी से हुई गुम कहीं
स्वार्थ सिंहासनों पर आसीन है
कोई समझता नहीँ किसी की व्यथामिट गई
रेखा लक्षमण ने खींची थी जो
राम जाने कि क्यों राम आते नहीं !..............


अगर आप जानते है तो मुझेभी बताय

प्यार क्या होता है ?

प्यार को बयां करना जितना मुश्किल है
महसूस करना उतना ही आसान है।
आपको प्यार कब, कैसे और कहां हो जाएगा
आप खुद भी नहीं जान पाते।
वो पहली नज़र में भी हो सकता है
और हो सकता है कि कई मुलाकातों के बाद भी।......................

प्रेम पनपता है तो अहंकार टूटता है।
अहंकार टूटने से सत्य का जन्म होता है।
जहां तक मीरा, सूफी संतों की बात है,
उनका प्रेम अमृत है।
अन्य रिश्तों की तरह ही प्रेम में भी संमजस्य बेहद ज़रूरी है।
आप यदि बेतरतीबी से हारमोनियम के स्वर दबाएं
तो कर्कश शोर ही सुनाई देगा,
वहीं यदि क्रमबद्ध दबाएं तो मधुर संगीत गूंजेगा।
यही समरसता प्यार है,
जिसके लिए सामंजस्य बेहद ज़रूरी है।........
बस मेरी नजर मे यही प्यार है अगर आप की नजर कुछ और कहती है तो उसे भी बताय

दिल मे क्या है सरफिरो कुछ तो कहो

दिल में क्या है सरफिरो कुछ तो कहो
सर का सौदा मत करो, कुछ तो कहो।
आँख सूरज से मिलाते क्यों नहीं रात के जादूगरो,
कुछ तो कहो।
आदमी पर क्यों नहीं जादू चला वक्त के पैगम्बरो,
कुछ तो कहो।
किन चिरागों की नजर तुमको लगी शाम से जलते घरो,
कुछ तो कहो।
मेरे छूने से बने हो देवता वरना क्या थे पत्थरो,
कुछ तो कहो।
बाप को बेटी ने खत में क्या लिखा धुँधले-धुँधले अक्षरो,
कुछ तो कहो।
और कितने वस्त्र त्यागे रुपसी रूप के सौदागरो,
कुछ तो कहो।
आप तो कहते थे मंजिल आ गई फिर लुटे क्यों रहबरो,
कुछ तो कहो।
आँख क्या झपकी जरा तुम चल दिए कब मिलोगे अवसरो,
कुछ तो कहो

शुक्रवार, 9 जनवरी 2009

depression ?

आपके डिप्रेशन का कारण छोटे होते दिन,
लम्बी रात और कडाके की ठण्ड तो नहीं।
जी हां, इस तरह के मौसम में आप सीजनल
अफेक्टिव डिसऑर्डर यानी सैड बीमारी के शिकार
हो सकते हैं। हालांकि राहत वाली बात यह है कि
भारत में इस बीमारी का आंकडा केवल दो प्रतिशत है,
लेकिन ये बीमारी महिलाओं को अधिक होती है।
जानकारों के मुताबिक सर्दियों का मौसम आते ही
महिलाओं को डिप्रेशन की प्रॉब्लम घेरने लगती है।
इस बीमारी का सबसे अच्छा इलाज सूरज की रोशनी
यानी ज्यादा से ज्यादा धूप का सेवन है।
क्या है सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर
साइकोलॉजिस्ट के अनुसार ये बीमारी विदेशों में ज्यादा होती है।
वहां धूप नहीं निकलने से लोगों को ये बीमारी घेर लेती है।
इसका इलाज सनलाइट देकर किया जाता है।
भारत में मुख्य रूप से महिलाएं इस बीमारी की शिकार होती हैं।
चंचल मन पर बीमारी का घेरा विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग
बहुत मूडी किस्म के इंसान होते हैं या जिनका मन बहुत चंचल होता है,
उनमें इस तरह की बीमारी ज्यादा पाई जाती है।
इस बीमारी के कारण शरीर का न्यूरोट्रांसमीटर फंक्शन प्रभावित हो जाता है। डॉक्टरों के मुताबिक जब हम हंसते हैं तो एंडोरफिन हार्मोन निकलता है। व्यायाम नहीं करने से शरीर में लेक्टिक तत्व जमा होना शुरू हो जाता है, जिससे शरीर तनावग्रस्त महसूस करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक ये परेशानी पुरूषों से ज्यादा महिलाओं में पाई जाती हैं।
पुरूष वर्किग होने के कारण अपनी परेशानियां ऑफिस में शेयर कर लेते हैं,
वहीं महिलाएं घर में अकेली होने के कारण इस बीमारी से ज्यादा ग्रसित होती हैं।

*धूप का साथ: ठंड के मौसम में धूप का सेवन सर्वश्रेष्ठ है।
सूर्य की किरणें कोशिकाओं को क्रियाशील बनाती हैं।

*अंधेरे से दूरी: इस मौसम में अंधेरे में कम रहें क्योंकि इससे शरीर का मिलेनियम हार्मोन बढ जाता है
और सुस्ती ज्यादा आती है।
*भरपूर नींद लें: इस मौसम में कम से कम 8 घण्टे सोएं।
साथ ही सोशल और फिजिकल एक्टिविटी के लिए समय निकालें।

only for honey


कोई दौलत पर नाज़ करते हैं,

कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं ,

जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो ,

वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं...............

आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी

आज हम हैं कल हमारी यादें hogi
आज हम हैं कल हमारी यादें होंगी ,
जब हम ना होंगे तब हमारी बातें होंगी ,
कभी पलटोगे जिंदगी के ये पन्ने ,
तब शायद आपकी आंखों से भी बरसातें होंगी
..............

आप बचपन से बूढे कैसी होते है ?


तस्वीर को पुरा आकर देने के लिए तस्वीर पर डबल क्लिक्क करे ( धन्यवाद )

ख़ुद के ख्याल पढ़ कर कैसा लगा दोस्तों ?

मेरी मोहबत का हाल

जानेमन आप की महोब्बत में
kya से क्या हाल हो गया ,
बदन से बदबू आ रही है ,
नहाये हुए ज़माना हो गया .......................

मेरी दुआ

दीप जलते जगमगाते रहे ,
हम आप को आप हमे याद आते रहे ,
जब तक जिन्दगी है दुआ है हमारी ,
आप चाँद की तरह जगमगाते रहे ....................

गुरुवार, 8 जनवरी 2009

मौत का सफर

मिटटी का जिस्म ले के पानी के घर मे हु ,
मंजिल है मौत मेरी ,
मगर मै हर पल सफर मे हु,
होना है कतल ये मालूम है मुझे,
लेकिन ख़बर नही किसकी नजर मे हु ..............

लड़की में सबसे पहले क्या देखते हो?

लड़की : तुम लड़के किसी भी लड़की में सबसे पहले क्या देखते हो ?
???????????????
बोलो बोलो
लड़का : यह तो इस पर डिपेंड करता है कि लड़की आ रही है या जा रही है।

ऐ काना मत बोलना ,मै तेरे मौसी हु


मयाऊ

बुधवार, 7 जनवरी 2009

जिहादी तराना पाकिस्तान kay आतंकवादियो का

जिहाद जारी रहेगा तक क़यामत ,
जिहाद हरगिज़ नहीं रुकेगा।
इससे ज़ालिम का सर झुका है ,

मुंबई में हमले के ज़िम्मेदार पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा की वेबसाइट पर यह पूरी नज़्म जिहादी के नाम से अपलोड की गई है।


ज़ुल्म-ओ-सितम मिटेगा।
जिहाद फरमान है खुदा का ,
जिहाद रास्ता है मुस्तफा का।
जिहाद पायमान (वादा) है वफा का ,
हर एक मोमिन वफा करेगा।
जिहाद कुरआन में लिखा है ,
जिहाद ईमान की बक़ा (हमेशा) है।
यही मसीहत (खुदा की मर्जी) ,
यही रज़ा है ,
जिसे न कोई बदल सकेगा।
ज़मीन से फितनों (बेईमानों) का सर हमेशा ,
जिहाद से ही क़लम हुआ है।
रहेगा दम-ख़म जिहाद में तो फसाद में दम नहीं रहेगा।
जिहाद ही से ज़बान मिलती है ,
आन मिलती है बेक़सों (बेबस) को।
जिहाद झूठी खुदाईयों को ,
उलट कर बे-आबरू करेगा।
जिहाद से इज्तनाब (बचना) ही ने ,
गुलामियों को जनम दिया है।
जिहाद दुश्मन ज़लील होकर ,
अथाह पस्ती (गहरा कुआं) में जा गिरेगा।
जिहाद मिल्लत (राष्ट्र) की पासबानी (सुरक्षा) ,
जिहाद गैरत की है निशानी।
जिहाद तोहफा है आसमानी ,
नसीब वालों को ही मिलेगा।
जिहाद दहशत मिटाने वाला ,
जिहाद मुज़्दे (अच्छी खबरें) सुनाने वाला।
जिहाद जीना सिखाने वाला ,
जो मरना सीखेगा वह जिएगा।
जिहाद आलम है बेखुदी का ,
जिहाद लश्कर (सेना) बहादुरी का।
जिहाद परचम है रस्ती (सच्चाई) का ,
कभी झुका ,
न कभी झुकेगा।
जिहाद ईमान की है शाही ,
जिहाद जज़्बों की है बेपनाही।
जिहाद अल्लाह की ताबानी ,
इसे मिटाएगा जो मिटेगा।
जिहाद अफज़ां (जायज़) हक़ पर है डटना ,
क़दम बढ़ाकर न पीछे हटना।
जिहाद शाहीन (चील) का झपटना ,
शिकार बातिल (दुष्ट) बना रहेगा। ......

कोर्ट नए क्या बोला है रेप के लिए

" While a murderer destroys the physical frame of the victim, a rapist degrades and defiles the soul of a helpless female

रेपिस्ट की सजा क्या हो ?

जब तक हिन्दुस्तान मैं रेप की सज़ा रेपिस्ट का लिंग काट कर,
उसको आधा करने की नही बनेगी ,
तब तक इस तरह की घटना नही रुकेगी।
अब समय आ गया है की इस तरह की मानवता से अलग हट कर सज़ा का रूल हो,
क्योकि मानवो की साथ मानवता का व्यवहार होना चाहिए
ओर इस तरह के जंगली जानवरो के साथ जानवरो वाला व्यवहार होना चाहिए ,....................

नॉएडा मै एक बेचारी बहन ?कहा है सारे भाई ?

आज मेरा मन जल्लाद बनने को कर रहा है ,
शायद वो ५ कमीने अगर कही मिल जाए तो आप भी जलाद बन जाओगे ,
उन हवस के कीडो को क्यो नही सब मिल कर टुकड़े टुकड़े कर के चील कावो को खिला दे/
जो किसी की बहन - बेटी को सिर्फे नंगा जिस्म के रूप मे देखते है ,
क्या किसका खून नही खौल रहा है ,
noaida may kiya gayaye jaghany apradh kabhi bhi bhuya na ja sakega
क्या सब के सब नपुसक बन गए है ,
कैसे जुरत हो जाती है समाज मे किसी की बहन की आबरू लूटने की ,
क्यो हमारा कानून इसे गुनाहगारों को तुंरत मौत की सजा नही सुनाता
आज मेरा मन बहुत ज्यादा उतेजित हो गया है ,


दुश्मनी

देख मुझ को यूँ न दुश्मनी से,
इतनी नफ़रत न कर आदमी से ,
माना की मै तेरी चाहत के काबिल नही ,
क्या इसलिए सिर्फ़ मे जिन्दा रहने के काबिल नही .........

मंगलवार, 6 जनवरी 2009

अनवर मिर्जापुरी की शायरी

मैं नजर से पी रहा हूं,
ये समां बदल न जाएं ,
झुकाओ तुम निगाहें,
कही रात ढल न ..........जाए

फूलो की बस्ती , दिल मे मस्ती

काटो से गुजर जाना ,
शोलो से निकल जाना ,
फूलो की बस्ती मे जाना तो सभल जाना ,
काटा अगर चुभेगा तो सिर्फ़ दर्द होगा ,
फूल अगर लगेगा तो दिल मे शूल सा चुभेगा ................................

हमे मोंत ने भी दगा दिया

ऐ मोत्त,
उन्हें भुलाय ज़माने गुजर गए ,
अब तो आजा बेवफा ,
की हमे जहर खाए ज़माने गुजर गए ................

मेरे टूटी फूटी शायरी - ( नम्बर का पता नही )

दर्द के हर पल को खुशी मे बदलो तो बात बन जाए ,
गम की आंधी मे भी खुशी भरो तो बात बन जाय ,
इम्तिहान खुदा नए हर वक़्त लिया ,
नाकामी से न डरो ,
उस से भी खुश हो कर मिलो तो बात है ...................

सोमवार, 5 जनवरी 2009

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मोटे लोगो ,अब तुम्हरी शादी भी होगी आसान, कैसे ?

छरहरे और गठीले लोगों को शादी के बंधन में बांधने के लिए तो ढेरों वेबसाइटें हैं,
लेकिन कल तक ऐसी कोई वेबसाइट नहीं थी जो मोटे लोगों की जोड़ी बनवा सके।
लेकिन अब एक ऐसी वेबसाइट की शुरुआत हो चुकी है,
जो मोटे लोगों को शादी के बंधन में बांधने का काम कर रही है।
इस वेबसाइट का नाम है 'ओवरवेटशादी डॉट कॉम'।
इसे शुरू किया है दो बहनों ने।
हालांकि यह वेबसाइट पिछले साल अक्टूबर में ही शुरू की जा चुकी है,
लेकिन इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को है।
यह वेबसाइट अब तक 300 लोगों को एक-दूसरे से मिलवा चुकी है।
इनमें से छह लोग शादी के बंधन में बंध भी चुके हैं।
अपना जीवनसाथी हासिल कर चुके चार लोग भारत के हैं और दो अमेरिका के।
दोनों अपने इस प्रयास से काफी खुश हैं,
क्योंकि उनका मानना है कि इसकी मदद से
वे एक तरह की समाजसेवा कर रही हैं।

क्यो आया मजा जानकर , मन मे लाडू footne लगे न

उल्लू और करवाचोथ मे क्या समानता है ? जानते हो या नही ?

एक दिन उल्लू बहुत उदास था।
वह रात भर चुप्पी साधे रहा।
लक्ष्मी जी ने उससे पूछा,
''प्रिय उल्लू तुम इतने उदास क्यों हो?
अपनी उदासी का कारण मुझे बतलाओ।'
उलूक महोदय ने जवाब दिया,
'' लक्ष्मी जी मैं आपको रोज ढोता रहता हूँ।
आपकी इतनी सेवा करता हु ।
मगर मेरा कोई महत्व नहीं हो पाया है।
दीपावली के दिन सारी दुनिया में आपकी पूजा होती है,
मगर मुझे कोई नहीं पूँछता।
अब ये क्या बात हुई?
उल्टे लोग मुझे उल्लू कहकर चिढ़ाते हैं।
मुझे बड़ा बुरा लगता है।
''लक्ष्मी जी ने अपने वाहन के दुख को समझा
और किंचित विचार करते हुए बोलीं ,
'' ठीक है प्रिय उलूक।
तुम्हारी बात बिल्कुल सही है।
मैं तुम्हें आशिर्वाद देती हूँ कि अब तुम्हारी पूजा मुझसे पहले हुआ करेगी।
तुम्हारी पूजा दीपावली से पहले करवा चौथ के दिन हुआ करेगी।
तभी से करवा चौथ मनाया जाने लगा।

सबसे सेक्सी अंग


अमेरिकी टीवी E! ने हाल ही में एक सर्वे किया है।
इस सर्वे में हॉलिवुड और बॉलिवुड की ऐक्ट्रिस के सबसे सेक्सी बॉडी पार्ट के लिए वोटिंग कराई गई। एक बार दुनिया की नौवीं सबसे सुंदर महिला चुनी जा चुकीं ऐश्वर्या इस सर्वे में एंजेलीना जोली, मेगन फॉक्स और स्करालेट जोहैनसन को पीछे छोड़ते हुए सबसे सुंदर आंखों वाली मानी गईं।
तो समझ आया आखे है दुनिया का सबसी सेक्सी अंग

हमारा बेटा क्या बंदर है

लड़का वालों को लड़की पसंद आ गई
और उन्होंने लड़की वालों से कहा कि शादी कब करनी है ?
इस पर लड़की वालों ने कहा कि अभी हमारी लड़की पढ़ रही है ,
पढ़ाई के बाद शादी होगी।
लड़के वालों ने गुस्से में कहा कि हमारा लड़का क्या बंदर है ,
जो किताबें फाड़ देगा ?

एक अजीब सी बात क्या आपने कभी महसूस की है ?

आज खाने-पीने की चीजों से लेकर कपड़े , फर्नीचर , गाड़ी और मनोरंजन तक पर कई तरह के टैक्स जुड गए है ! इसके बावजूद भी इनकम टैक्स में कोई रिबेट नहीं मिलता। इसकी वजह से दिमाग में कहीं न कहीं यह सवाल उठता है कि हम जब हर चीज पर टैक्स चुकाते हैं , तो अपनी मेहनत की कमाई पर सरकार को टैक्स क्यों दें ? इस संबंध में आपकी राय

है किसी के पास कोई जवाब ?

दोस्ती कब प्यार मै बदल जाए पता नही ! प्यार हों तो ओर भी अच्छा है पर वो प्यार अगर रूठ जाए या टूट जाए तो बहुत दुःख होता है! किसी ने कहा है " ए खुदा किसी को किसी पर फिदा ना करना ! करे तो कयामत तक जुदा ना करना !क्योंकि लोग मर नही पाते जुदाई मै ओर जी भी नही पाते तन्हाइ मे


क्यो क्यो क्यो ,है किसी के पास कोई जवाब ?

आई लव किड्स


मेरे महबूबा के नाम -1

फूलो की हर कली खुशबू दे आप को ,
सूरज की हर किरण रौशनी दे आप को ,
हम तो कुछ देने के काबिल नही ,
पर देने वाला हर खुशी दे आप को ........

तू ही meree dhadkan

हमे जिन्दगी मे रौनकें तुझसे ही मिली ,
तू माने न माने ये जिन्दगी है तेरी ,
दिल को अब इत्मिनान और सुकून भी नही चाहिये ,
उनकी एह्साश -ऐ - वफ़ा ही बहुत है जो हम को मिली,
तस्वीर - ऐ - इश्क का किला बरसो मे बनाया ,
देखी इसके गुलशनो मे बेताब है हर कली ,
तू ही है मेरे dhadkan ,तू ही दुआ , तू ही अब meree ali

शनिवार, 3 जनवरी 2009

आओ कुछ नगन तस्वीर देखे


आज का मेरा नजरिया

1 शादी : यह मालूम करने का तरीका कि आपकी बीबी को कैसा पति पसन्द आता।
2 अनुभव : भूतकाल में की गई गलतियों का दूसरा नाम ।
3 बीबी : वह स्त्री, जो शादी के बाद कुछ सालों में टोक-टोक कर आपकी सारी आदतें बदल दे और फिर कहे कि आप कितना बदल गए हैं।
4 पड़ोसी : वह महानुभाव जो आपके मामलों को आपसे ज्यादा समझते हैं।

आज फ़िर याद आया मिर्जा चाचा का कलाम

हजारो ख्वाहिशे ऎसी की हर ख्वाइश पे दम निकले
बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले
डरे क्यू न मेरा कातिल क्या रहेगा उसकी गर्दन पर
वो खून जो चश्म-ऐ-तर से उम्र भर यू न दम निकले
निकलना खुल्द से आदम का सुनते आए है न
लेकिन बहुत बे-आबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले................

आज मेरे मन को एक झटका सा लगा जब किसी ने ये पुछा--क्या आप भगवान को मानते हैं.... क्यों मानते हैं ?

क्या आप भगवान को मानते हैं.... क्यों मानते हैं ? ... क्या आपको विश्वास है कि भगवान कहीं है ? ...यदि है तो वह क्या किसी को दिखाई दिया है ? ये सवाल सबसे पहले हमारे मन में आते हैं लेकिन बाल्यकाल से हमारे मनोमस्तिष्क पर जो संस्कार कर दिये जाते हैं उनके कारण हम मानते हैं कि भगवान नाम की कोई हस्ती इस दुनिया में है जो सर्वशक्तिमान है और इस फ़ानी दुनिया को चलाती है... चलो मान लिया... हमें सिखाया जाता है कि भगवान सभी पापियों का नाश करते हैं... भगवान की मर्जी के बिना इस दुनिया में पत्ता तक नहीं हिलता... जो प्राणी सच्चे मन से भगवान की प्रार्थना करते हैं उनको सुफ़ल अवश्य मिलता है... लेकिन ईश्वर मौजूद है तो फ़िर इस दुनिया में अन्याय, शोषण, भ्रष्टाचार, गरीबी, बीमारी आदि क्यों बनी हुई है ? शैतान क्या है और नरक का निर्माण किसने किया ? क्या भगवान ने ? यदि हाँ तो क्यों ? यदि कोई व्यक्ति अपराध करता है तो क्यों ना उसे ईश्वर की लीला समझकर माफ़ कर दिया जाये, क्योंकि उसकी मर्जी के बिना तो कुछ हो ही नहीं सकता । बाढ, सूखा, सुनामी, भूकम्प, ज्वालामुखी सभी ईश्वर की ही देन हैं, मतलब इन्सान को प्रकृति बिगाडने का दोषी नहीं माना जाना चाहिये. कहा जाता है कि मनुष्य, भगवान की सर्वोत्तम कृति है, फ़िर यह "सर्वोत्तम कृति" क्यों इस संसार को मिटाने पर तुली है... ? इसके जवाब में लोग कहते हैं कि यह तो मनुष्य के पूर्वजन्म के कर्मों का फ़ल है... लेकिन हमें तो बताया गया था कि चौरासी लाख योनियों के पश्चात ही मनुष्य जन्म प्राप्त होता है, फ़िर इस मनुष्य ने पाप किस जन्म में किये होंगे.. जब वह गाय-बकरी या कीडे-मकोडे के जन्म में होगा तब...? लेकिन मूक प्राणी तो कोई पाप नहीं करते... फ़िर ? और मनुष्य के पाप-पुण्य का हिसाब भी बडा मजेदार है... अब देखिये.... भगवान पापी, दुराचारी, पाखण्डी को अवश्य सजा देते हैं... लेकिन कब ? भगवान की बनाई हुई दुनिया उजडी जा रही है... लेकिन वह चुप है... अन्याय, लूट-खसोट चरम पर है, लेकिन वह कुछ नहीं करता...ईश्वर के नाम पर तमाम पाखण्ड और ढोंग चल रहा है... लेकिन वह चुप है... बडे-बडे लुटेरे, कालाबाजारिये, घूसखोर अफ़सर आदि लाखों रुपये चन्दा देकर विशाल भण्डारे और प्रवचन आयोजित कर रहे हैं... लेकिन भगवान को वह भी मंजूर है... दिन भर पसीना बहाने वाला एक ठेलाचालक भी उतना ही धार्मिक है लेकिन वह ताजिन्दगी पिसता और चूसा जाता रहेगा धनवानों द्वारा, ऐसा क्यों... ? धनवान व्यक्ति के लिये हर बडे मंदिर में एक वीआईपी कतार है, जबकि आम आदमी (जो भगवान की प्रार्थना सच्चे मन से करता है) वह लम्बी-लम्बी लाईनों में खडा रहता है....क्या उसकी भक्ति उस धनवान से कम है ? या भगवान को यह अन्याय मंजूर है... नहीं... तो फ़िर वह कुछ करता क्यों नहीं ?

आप इस परिवतन को क्या कहेगे ?

मोहल्ले के एक सार्वजनिक स्थल पर रोज रोज कचरा फेंकने से उत्पन्न गंदगी पड़ोसियों की मुसीबत का कारण बनती जा रही थी ।बार बार समझाने बुझाने और मना करनेके बाद भी जब गंदगी फैलाने वालों पर कोई असर नहीं पड़ा तब पीड़ितों ने आपसी विचार विमर्श कर वहाँरातों रात एक धार्मिक चबूतरा बनवा दिया .अब आस्था का प्रतीक बन चुके उसी स्थलपर लोग पवित्र जल और सुगंधित पुष्प चढ़ाते हैं

आप इस परिवर्तन को क्या कहेगे ?

बच्चा ?


भगवान कहां है ?

नर्सरी क्लास में छोटे बच्चों से पूछा गया - ''भगवान कहां है ?''एक बच्चे ने हाथ उठाया, बोला - ''मुझे पता है !''टीचर ने कहा - ''अच्छा बताओ'' । बच्चे ने बताया - ''हमारे बाथरूम में'' । एक पल के लिए टीचर चुप! फिर संभलते हुए बोली, ''तुम्हें कैसे पता ?''
बच्चा बोला - ''रोज सुबह जब पापा उठते हैं, बाथरूम का दरवाजा पीटते हुए कहते हैं - ''हे भगवान ! तुम अब तक अन्दर ही हो !''

कमाई

इश्क में हमने ये कमाई की ,
दिल दिया ,
गम से आशनाई की ...............

मेराज फैजाबादी की शायरी

एक टूटी हुई जंजीर की फरियाद हैं हम,
और दुनिया ये समझती है कि आजाद हैं हम

डरना

साफ जाहिर है निगाहों से कि हम पर मरते हैं,
मुंह से कहते हुये ये बात मगर डरते हैं .......................

अदा

आँखे ऊंची हुई तो दुआ बन गई ,
आँखे नीची हुई तो हया बन गई ,
जो झुक कर उठी तो खता बन गई ,
और उठ कर झुकी तो अदा बन गई

खुशनसीब

आप की तारीफ मे लिखे जितने भी लफ्ज वो कम है ,
खुश नसीब है हम ,
चाहा जिसे आप ने वो हम है *****************
हम ख्वाबो मे उन के पास जा पहुचे ,
उनको वो तस्वीर कहते है ,
चोक कर जब वो जग उठे ,
उसे हम अपनी तकदीर कहते है .....................अमित

शुक्रवार, 2 जनवरी 2009

अकेले बैठ अकेलेपन मे अकेला साज बजाया,
अकेले बैठ अकेलेपन मै साज के साथ गुनगुनाया ,
अकेले बैठ अकेलेपन मे सुना ,
अकेले बैठ अकेलेपन मे दिल ,
आँखों के रास्ते खूब रोया ,
फ़िर अकेलेपन मे अकेला ही सो गया .......................
आज अकेलेपन की काली तितली फ़िर हम पर मंडरा गई ,
हम अकेले हो गए है ये हमे बता गई ,
जीने का अंदाज अब बदल लो,
ये जतला गई ,
कोई दिल की गहराईओ मे रहता है ,
हम भी गमो की गहराई नाप रहे है ,
पी नही है कभी हमने ,
फ़िर भी उस के सरूर मे हम लड़खड़ा रहे है,
ये हमे वो बता गई ......................

नए साल मे क्या करे

पाजिटिव रहे ,
ज्यादा रजुल्युशिओन और रूल बनने के चक्र मे न उलझे ,
अपना बेस्ट करने की कोशिश करे ,
अपने आप सब शानदार होता जायगा /

गुरुवार, 1 जनवरी 2009

आँखे खोलो

१ * मनुष्य जिस बात का सत्य होना अधिक पसंद करता है ,उसी बात मै विशवाश करता है /
२* जो समय चिंता मे गया समझो कूडेदान मे गया , जो समय चिंतन मै गया समझो तिजोरी मे गया

सिर्फ़ हनी के लिए (. chuhiya )

गम न मिले तो खुशी को कैसे समझ पाओगे ,
अगर हम ही न रहे इस ज़माने मे ,
ज़माने की महफ़िल मे किसे अपना गम सुनाओगे

हाल - ऐ - दिल किसी को बया न करना ,

चाहे गम मिले हजारो ,

पर किसी के आगे आँखे नम न करना .........

काश उपर वाले ने जुदाई ना बनाई होती ,
न आप हमसे मिलते ,
न जुदा होते ,
जिन्दगी जो अब तक ,
अपनी थी ,
परायी न होती................
न जाने किस गम को छुपाने की तम्मना थी आप को ,
आज हर बात पर हस्ते देखा आप .........
न गम अपना इस तरह छुपाया करो ,
राज- ऐ - गम कभी हमे भी बताया करो ,