बुधवार, 7 जनवरी 2009

नॉएडा मै एक बेचारी बहन ?कहा है सारे भाई ?

आज मेरा मन जल्लाद बनने को कर रहा है ,
शायद वो ५ कमीने अगर कही मिल जाए तो आप भी जलाद बन जाओगे ,
उन हवस के कीडो को क्यो नही सब मिल कर टुकड़े टुकड़े कर के चील कावो को खिला दे/
जो किसी की बहन - बेटी को सिर्फे नंगा जिस्म के रूप मे देखते है ,
क्या किसका खून नही खौल रहा है ,
noaida may kiya gayaye jaghany apradh kabhi bhi bhuya na ja sakega
क्या सब के सब नपुसक बन गए है ,
कैसे जुरत हो जाती है समाज मे किसी की बहन की आबरू लूटने की ,
क्यो हमारा कानून इसे गुनाहगारों को तुंरत मौत की सजा नही सुनाता
आज मेरा मन बहुत ज्यादा उतेजित हो गया है ,


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