सोमवार, 5 जनवरी 2009

उल्लू और करवाचोथ मे क्या समानता है ? जानते हो या नही ?

एक दिन उल्लू बहुत उदास था।
वह रात भर चुप्पी साधे रहा।
लक्ष्मी जी ने उससे पूछा,
''प्रिय उल्लू तुम इतने उदास क्यों हो?
अपनी उदासी का कारण मुझे बतलाओ।'
उलूक महोदय ने जवाब दिया,
'' लक्ष्मी जी मैं आपको रोज ढोता रहता हूँ।
आपकी इतनी सेवा करता हु ।
मगर मेरा कोई महत्व नहीं हो पाया है।
दीपावली के दिन सारी दुनिया में आपकी पूजा होती है,
मगर मुझे कोई नहीं पूँछता।
अब ये क्या बात हुई?
उल्टे लोग मुझे उल्लू कहकर चिढ़ाते हैं।
मुझे बड़ा बुरा लगता है।
''लक्ष्मी जी ने अपने वाहन के दुख को समझा
और किंचित विचार करते हुए बोलीं ,
'' ठीक है प्रिय उलूक।
तुम्हारी बात बिल्कुल सही है।
मैं तुम्हें आशिर्वाद देती हूँ कि अब तुम्हारी पूजा मुझसे पहले हुआ करेगी।
तुम्हारी पूजा दीपावली से पहले करवा चौथ के दिन हुआ करेगी।
तभी से करवा चौथ मनाया जाने लगा।

4 टिप्‍पणियां:

  1. करवा चौथ के दिन उल्लू की पूजा? हमें बिल्कुल नहीं मालूम था. आभार.

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  2. वाह्! बहुत खूब.......
    एक बात बताईए कि आप उल्लू की श्रेणी मे पहुंच चुके हैं या फिर अभी बचे हुए हैं.

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  3. मजेदार.. भई इस लिहाज से हम भी उल्लू ठहरे।:)


    सुब्रमनियम साहब चुटकुला नहीं समझ पायॆ शायद...

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