बुधवार, 7 जनवरी 2009

जिहादी तराना पाकिस्तान kay आतंकवादियो का

जिहाद जारी रहेगा तक क़यामत ,
जिहाद हरगिज़ नहीं रुकेगा।
इससे ज़ालिम का सर झुका है ,

मुंबई में हमले के ज़िम्मेदार पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जमात-उद-दावा की वेबसाइट पर यह पूरी नज़्म जिहादी के नाम से अपलोड की गई है।


ज़ुल्म-ओ-सितम मिटेगा।
जिहाद फरमान है खुदा का ,
जिहाद रास्ता है मुस्तफा का।
जिहाद पायमान (वादा) है वफा का ,
हर एक मोमिन वफा करेगा।
जिहाद कुरआन में लिखा है ,
जिहाद ईमान की बक़ा (हमेशा) है।
यही मसीहत (खुदा की मर्जी) ,
यही रज़ा है ,
जिसे न कोई बदल सकेगा।
ज़मीन से फितनों (बेईमानों) का सर हमेशा ,
जिहाद से ही क़लम हुआ है।
रहेगा दम-ख़म जिहाद में तो फसाद में दम नहीं रहेगा।
जिहाद ही से ज़बान मिलती है ,
आन मिलती है बेक़सों (बेबस) को।
जिहाद झूठी खुदाईयों को ,
उलट कर बे-आबरू करेगा।
जिहाद से इज्तनाब (बचना) ही ने ,
गुलामियों को जनम दिया है।
जिहाद दुश्मन ज़लील होकर ,
अथाह पस्ती (गहरा कुआं) में जा गिरेगा।
जिहाद मिल्लत (राष्ट्र) की पासबानी (सुरक्षा) ,
जिहाद गैरत की है निशानी।
जिहाद तोहफा है आसमानी ,
नसीब वालों को ही मिलेगा।
जिहाद दहशत मिटाने वाला ,
जिहाद मुज़्दे (अच्छी खबरें) सुनाने वाला।
जिहाद जीना सिखाने वाला ,
जो मरना सीखेगा वह जिएगा।
जिहाद आलम है बेखुदी का ,
जिहाद लश्कर (सेना) बहादुरी का।
जिहाद परचम है रस्ती (सच्चाई) का ,
कभी झुका ,
न कभी झुकेगा।
जिहाद ईमान की है शाही ,
जिहाद जज़्बों की है बेपनाही।
जिहाद अल्लाह की ताबानी ,
इसे मिटाएगा जो मिटेगा।
जिहाद अफज़ां (जायज़) हक़ पर है डटना ,
क़दम बढ़ाकर न पीछे हटना।
जिहाद शाहीन (चील) का झपटना ,
शिकार बातिल (दुष्ट) बना रहेगा। ......

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