शनिवार, 28 फ़रवरी 2009

पत्नी के हाथ का ......................................पति (सुने यहाँ )


सुनाने के लिए प्ले करे ,
अपने पीसी की आवाज तेज करे ,
पति पत्नी पार्ट _1

शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2009

टूटे हुए दिल का मुरब्बा

टूटे हुए दिल का मुरब्बा बना गयी ,
ghar को मेरे कचरे का डिब्बा बना गयी ,
निकाह को मेरे तीन महीने ही गुजरे थे ग़ालिब ,
जाने किस चक्कर मे मुझे अबा बना गयी

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2009

पुलिस

पुलिस के प्रति एक विशेष श्रद्धा मिश्रित कौतूहल भाव मेरे मन में सदा बना रहा। यों भारतीय पुलिस के विषय में इतनी रोचक सूचनाएँ आए दिन प्राप्त होती रहती हैं कि किसी और मनोरंजन की आवश्यकता ही नहीं है। पुलिस को मानवीय और सभ्य बनाने की कोशिशें लगातार जारी हैं। लेकिन अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर वाला प्रभाव‚ छूटे तब ना। पुलिस के विषय में हमें अपनी मध्ययुगीन मानसिकता भी बदलनी होगी। हमारे पुलिस जन को भी अपनी‚ थुलथुल काया‚ रोबदार चेहरा‚ घनी मूँछों से छुटकारा पाना होगा। फिल्मों का इस क्षेत्र में योगदान सराहनीय है। उन्होंने पुलिस जन के कई संस्करण भारतीय जनता के सम्मुख रखे हैं। हास्यास्पद से लेकर चाकलेटी तक और खलनायक से लेकर ठेठ लंपट प्रेमी तक। चयन आपका अधिकार है। क्रोध की माया ही ऐसी मतमंद होती है वत्स! एक दिवस हमने पार्क में एक पुलिस वाले को अपनी मंगेतर से नम्र निवेदन करते हुए सुना– ''ए. . . इधर आय ससुरी। वहन का कूं कूं. . .कर रही है'' श्रृंगार का ऐसा सघन? रूप देख मन रोमांचित हो उठा। लगता है शिशुपाल इनके पूर्वज रहे होंगे। उन्होंने सौ गालियाँ तक का विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इनका पता नहीं, एक थानेदार मित्र ने मुझसे गंभीर होते हुए कहा– ''यार कहीं इस विचार के जनक का पता मिलें तो बताना‚ स्साले को ऐसा फिट करूँगा कि सब भूल जाएगा। अधिकारों की देखरेख हमारी ज़िम्मेदारी है या जनता की।'' स्त्रियों के विषय में सामंती संस्कार भला कहाँ छूट पाए हैं ''जेहि की बिटिया सुंदर देखी तेहि पर जाय धरे हथियार'' वाला अंदाज़ बरकरार है। इन सब ख़बरों को पढ़कर मैं पुलिस के प्रति अपार भक्ति एवं श्रद्धा भाव से भर जाता हूँ। मैं जो कभी अपने बच्चों को ढंग से गाली नहीं दे पाया‚ व्यवस्था को गाली नहीं दे पाया वह भला पुलिस मैं क्या ख़ाक भर्ती होता? क्योंकि न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के बिना कैसे काम चलता? आप पुलिसयाने की सोच रहें है क्या? हाँ हाँ तो गरियाना चालू कर दें। ठीक बिल्कुल ठीक. . .पहले घर से ही शुरू करें। माँ–बाप से शुरू करें तो और भी अच्छा।

सोमवार, 23 फ़रवरी 2009

adult joke -3

Saambha :
Gabbar ! Thakur ne teri bhen da rape ka dita.
Te oh puch rahi hai ki...
Gabbar: Ki puchdi hai?
Saambha: Puchdi hai ki Thakur to Badla Laina hai ya payment?

adult joke -2

A beautiful girl goes to Professor cabin
and
say
that i will do anything to pass in the exams
and
professor says
NOW OPEN YOUR
.
.
,
.
..
.
.
.
.
.....Books And Study

Women's top 7 lies.......

Women's top 7 lies :-
1. I love you
2. I am virgin
3. I hate sex
4. You are the first one touching me
5. Oh its too big?
How wld it go inside?
6. I hate sucking
7. Alright - but u wld do it only once!...

adult joke -1

Boy and girl of class 2 asked teacher:
“can kids of our age have kids?”
Teacher replied ”
NO Never!!”
Boy said to girl :
“see i told you not to worry!!!!”.

युवती को दर्द ............

एक युवती दर्द की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंची। ''''आपको कहां दर्द है ?'''' डॉक्टर ने पूछा। ''''सब जगह दर्द है। प्लीज मेरी मदद कीजिये ।'''' युवती ने कहा। ''''सब जगह...। क्या मतलब ? जरा साफ साफ बताइये ।'''' डॉक्टर ने पूछा। युवती ने ने अपनी तर्जनी से घुटने को छुआ और चिल्लाई - ''''ओह, यहां दर्द है।'''' फिर उसने उंगली से ही अपने गाल को छुआ और बताया - ''''आउच, यहां भी दर्द है।'''' फिर उसने अपने कान को छुआ और चीखी - ''''यहां भी दुखता है । प्लीज मेरा इलाज कीजिये ।'''' डॉक्टर ने कुछ देर तक ध्यानपूर्वक उसका परीक्षण किया फिर कहा - ''''आपकी उंगली टूट गई है।''''

पहला प्यार

प्यार को बयां करना जितना मुश्किल है महसूस करना उतना ही आसान है। आपको प्यार कब, कैसे और कहां हो जाएगा आप खुद भी नहीं जान पाते। वो पहली नज़र में भी हो सकता है और हो सकता है कि कई मुलाकातों के बाद भी।
प्रेम तीन स्तरों में प्रेमी के जीवन में आता है। चाहत, वासना और आसक्ति के रूप में। इसके अलावा प्रेम से जुड़ी कुछ और बातें भी हैं -प्रेम का दार्शनिक पक्ष- प्रेम पनपता है तो अहंकार टूटता है। अहंकार टूटने से सत्य का जन्म होता है। जहां तक मीरा, सूफी संतों की बात है, उनका प्रेम अमृत है।अन्य रिश्तों की तरह ही प्रेम में भी संमजस्य बेहद ज़रूरी है। आप यदि बेतरतीबी से हारमोनियम के स्वर दबाएं तो कर्कश शोर ही सुनाई देगा, वहीं यदि क्रमबद्ध दबाएं तो मधुर संगीत गूंजेगा। यही समरसता प्यार है, जिसके लिए सामंजस्य बेहद ज़रूरी है।प्रेम का पौराणिक पक्ष- प्रेम के पौराणिक पक्ष को लेकर पहला सवाल यही दिमाग में आता है कि प्रेम किस धरातल पर उपजा-वासना या फिर चाहत....? माना प्रेम में काम का महत्वपूर्ण स्थान है, लेकिन महज वासना के दम पर उपजे प्रेम का अंत तलाक ही होता है। जबकि चाहत के रंगों में रंगा प्यार ज़िंदगीभर बहार बन दिलों में खिलता है, जिसकी महक उम्रभर आपके साथ होती है।प्रेम का वर्जित क्षेत्र- सामान्यतः समाज में विवाह के बाद प्रेम संबंध की अनुमति है। दूध के रिश्ते का निर्वाह तो सभी करते हैं, इसके अलावा निकट के सभी रक्त संबंध भी वर्जित क्षेत्र माने जाते हैं, जैसे- चचेरे, ममेरे, मौसेरे, फुफेरे भाई-बहन या मित्र की बहन या पत्नी आदि। किसी बुजुर्ग का किसी किशोरी से प्रेम संबंध भी व्याभिचार की श्रेणी में आता है। ऐसा इसलिए भी है कि एक सामाजिक प्राणी होने के नाते नियमों की रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य भी है।प्रेम का प्रतीक गुलाब- सुगंध और सौंदर्य का अनुपम समन्वय गुलाब सदियों से प्रेमी-प्रेमिकाओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। गुलाब का जन्म स्थान कहां है यह आज भी विवाद का विषय बना हुआ है। इस पर कथाएं तो कई हैं, लेकिन एक कथा के अनुसार जहां-जहां पैगम्बर के पसीने की बूंदें गिरीं, वहां-वहां गुलाब के पौधे उग आए। लाल गुलाब की कली मासूमियत का प्रतीक है और यह संदेश देती है तुम सुंदर और प्यारी हो। लाल गुलाब किसी को भेंट किया जाए तो यह संदेश है कि मैं तुम्हें प्यार करता हूं। सफ़ेद गुलाब गोपनीयता रखते हुए कहता है कि तुम्हारा सौंदर्य नैसर्गिक है। जहां पीला गुलाब प्रसन्नता व्यक्त करता है, वहीं गुलाबी रंग प्रसन्नता और कृतज्ञता व्यक्त करता है। गुलाब यदि दोस्ती का प्रतीक है तो गुलाब की पत्तियां आशा की प्रकीत है।

रविवार, 22 फ़रवरी 2009

आरती गूगल की सुने (मुस्कुराना माना है )


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आप इसे डाउनलोड कर के किसी भी गूगल भक्त को bhej सकते है यदि आप को आवाज kum sunai दे रही है to अपने पीसी की volume bhadane का kust करे

अरे यह क्या हुआ? मॉडल के साथ ?

आप क्या देख रहे है ? बदमाशी............

दरअसल हुआ यूं कि मॉडल्स ने जैसे ही रैंप पर कैटवॉक करना शुरू किया, उनके कदम 'बहकने' लगे।...अरे रे रे गलत मतलब मत निकालिए...

शनिवार, 21 फ़रवरी 2009

महिलाय क्या चाहती है ? (पुरषों के लिए )

पुरुष अक्सर यह मानते हैं कि महिलाओं को समझ पाना और खुश रखना बेहद मुश्किल है। , इसके जरिए वे अपनी पार्टनर को बेहतर समझ सकते हैं

1। बाते करते रहो

महिलाओं को बात करना और यह अहसास पाना कि कोई उन्हें बेहद प्यार करता है, सेक्स से ज्यादा महत्वपूर्ण लगता है। अच्छी व दिलचस्प बातचीत उनका मूड बदल सकती है। ऐसा खासतौर पर उन महिलाओं के साथ होता है, जो पूरा दिन खूब भागदौड़ करती हैं। ऐसे में पार्टनर के साथ अच्छी बातचीत उन्हें रिलैक्स व फ्रेश कर देती है। यहां तक कि अगर महिलाओं से उनका पार्टनर यह कह दे कि वह उनसे बेहद प्यार करता है, तो उनकी थकान पल भर में दूर हो जाएगी। वैसे, उनके कान में धीरे से उनका नाम लेना भी बहुत है।

2। तारीफ का कारोबार करो

मेरा वजन बहुत बढ़ गया है... अब मैं उन्हें अट्रैक्टिव नहीं लगी तो...? यह फीलिंग महिलाओं में बहुत कॉमन है। वैसे, हर महिला की इस तरह की कुछ न कुछ परेशानियां होती ही हैं। हालांकि होना यह चाहिए कि अगर वह आकर्षक नहीं है, तो उसको झूठ बोलने की भी जरूरत नहीं है कि वह गॉर्जियस है। इसी तरह उसे यह बताने की भी जरूरत नहीं है कि अब वह उतनी अच्छी नहीं लगती। वैसे, हर महिला की कोई न कोई खासियत तो होती ही है। ऐसे में पुरुष उसके होंठ, आवाज, सॉफ्ट स्किन या कुकिंग स्किल्स की तो दिल खोलकर तारीफ की ही जा सकती है।

3। सरप्राइज देते रहो

अपना हर काम दिल से करती हैं। उनके लिए जिदंगी की हर बात दूसरी से जुड़ी होती है। जबकि पुरुष दिनभर की तमाम बातों को हिस्सों में बांट लेते हैं और इन्हें सेक्स से अलग लेकर चलते हैं। इसके विपरीत महिलाएं सेक्स को दिन भर के कामों से अलग नहीं कर पाती हैं। अगर दिन सही नहीं बीता, तो वे सेक्स इन्जॉय नहीं कर पातीं। इसके अलावा, महिलाओं का सेक्स को इन्जॉय करना इस बात पर भी डिपेंड करता है कि उनका पार्टनर बेड से बाहर उनके साथ किस तरह का व्यवहार करता है। पार्टनर से रूखा व्यवहार या आलोचना मिलने पर वे सेक्स में पूरी तरह इंवॉल्व नहीं हो पातीं। हालांकि हसबंड की ओर से मिलने वाले छोटे- छोटे सरप्राइज उनका मूड बदलने में देर नहीं लगाते।

4। ऑर्गेजम तक ले जाना ?

पुरुष आमतौर पर मानते हैं कि महिलाओं को ऑर्गेजम तक ले जाना ही 'गुड लवर' की निशानी है। बेशक ये पल बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन हमेशा जरूरी नहीं होते। स्टडीज दिखाती हैं कि महज साठ प्रतिशत महिलाएं ही इंटरकोर्स के दौरान आधे से ज्यादा बार ऑर्गेजम महसूस करती हैं। इनमें से कई तो यहां तक महसूस करती हैं कि ऑर्गेजम तक पहुंचने के लिए कई बार पार्टनर द्वारा और और कई बार वे खुद अपने साथ जबर्दस्ती करती हैं। यहां समझने वाली बात यह है कि ऑर्गेजम से ज्यादा जरूरी यह है कि आपने उस पूरे अंतरंग पलों को कैसे इन्जॉय किया।

5। प्लेफुल ऐक्ट

कई पुरुष सेक्स के दौरान सीरियस होते हैं और इससे पहले वे हंसना, शरारत करना वगैरह सब भूल जाते हैं। यह ठीक नहीं। दरअसल, प्लेफुल ऐक्ट इस तरह की नजदीकियों को रिलैक्स्ड वकंफर्टेबल बनाता है। इस तरह दोनों पर परफॉर्मंस प्रेशर भी कम होता है, जो साइकॉजेनिक इंपोटेंसी की एक बड़ी वजह है।

6। टच मी टच मी टच मी

महिलाओं को रोमैंस पसंद होता है। वे चाहती हैं कि बेवजह भी उनका पार्टनर उन्हें गले लगाए, उन्हें किस करे, लेकिन ऐसा होता नहीं। तमाम महिलाओं की यह शिकायत रहती है कि उनका पार्टनर फोरप्ले और सेक्स के अलावा कभी उन्हें टच ही नहीं करता। ऐसे में पुरुष अपनी पार्टनर को टच से होने वाली खुशी का अहसास करवा सकते हैं। इसके लिए रिलैक्स करने वाली मसाज देना या उसके चेहरे पर प्यार से थपथपाना ही काफी है।

7। आफ्टर प्ले

टेंडर मोमेंट की जरूरत महिलाओं को लव मेकिंग के बाद भी होती है। ऐक्ट के दौरान पुरुषों में एंडॉर्फिन लेवल ज्यादा होता है, लेकिन पीक पर पहुंचने के तुरंत बाद वे बिल्कुल निढाल होने की स्थिति में होते हैं। यही वजह है कि सेक्स के बाद पुरुषों को नींद आने लगती है। वैसे, उन्हें इतनी नींद भी नहीं आती कि वे जाग न सकें। ऐसे में बेहतर यह होता है कि सोने की बजाय पुरुष अपनी पार्टनर को प्यार दें, क्योंकि महिलाएं पीक के बाद धीरे-धीरे निढाल होने की स्थिति में पहुंचती हैं और सेक्स के तुरंत बाद पार्टनर का सो जाना उन्हें बेहद अखरता है।

क्या कहना है इनका

अचला सचदेव
महिलाओं को ऑडियो सिस्टम बहुत पसंद .......................... आगे उन की आवाज मे ही सुने


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गुरुवार, 19 फ़रवरी 2009

बुधवार, 18 फ़रवरी 2009

शनिवार, 14 फ़रवरी 2009

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2009

दाग की शायरी -1

लुत्फ़ वो इश्क में पाये हैं के जी जानता है
iरंज भी इतने उठाये हैं के जी जानता है
जो ज़माने के सितम हैं वो ज़माना जाने
तुने दिल इतने दुखाये हैं के जी जानता है
तुम नहीं जानते अब तक ये तुम्हारे अंदाज़
वो मेरे दिल में समाये हैं के जी जानता है
इन्ही क़दमों ने
तुम्हारे इन्ही क़दमो की क़सम
ख़ाक में इतने मिलाये हैं के जी जानता है
दोस्ती में तेरी दर पर्दा
हमारे दुश्मन इस कदर अपने पराये हैं के जी जानता है

रविवार, 8 फ़रवरी 2009

शनिवार, 7 फ़रवरी 2009

प्यार करने से पहले ये पढ़ लेना

प्यार मत करना प्यार आज बदनाम है,
प्यार मत करना प्यार आज नाकाम है,
कोई किसी से प्यार ना करे,
प्यार आज ख्वाब हो गया है,
प्यार मत करना....................
फिर भी लोग प्यार करते है
प्यार मे जीते मरते है,
मै कहता हू॑ प्यार मत करना
दिल मे दरार पड् जायेगा टूट के बिखर जायेगा,
प्यार मत करना प्यार.............................
प्यार मे बदनामी है ,
प्यार मे पढ़ाई रुक जाती है,
प्यार को आज टाईम-पास कहते है ,
आज से प्यार से बचते जाऐ
दिल से कोई खेल जायेगा,
दिल कोई तोड़ जायेगा,
आप रोते रह जाओगे
वो हस के गुजर जायेगा,
इसलिए कहता हू॓
प्यार मत करना
प्यार आज बदनाम हो गया है।

अध्याय - चुगली

मुझे उन चुगली पसंन्द लोगों से भले वो जानवर लगतें हैं जो चुगल खोरी के शगल से खुद को बचा लेतें हैं ।। इंसान नस्ल के बारे में किताबें पड़ते है ....!!अपने आप को श्रेष्ठ साबित करने चुगली करने वालों की आप किसी तरह की सज़ा दें न दें कृपया उनके सामने केवल जानवरों की तारीफ़ कीजिए। कम-अस-कम इंसानी नस्ल किसी बहाने तो सुधर जाए । आप सोच रहें होंगें मैं भी किसी की चुगली पर पोस्ट कर रहा हूँ सो सच है ..परन्तु अर्ध-सत्य है .. परन्तु ये चुगली करने वालों की नस्ल के समूल विनिष्टी-करण की दिशा में किया गया एक प्रयास मात्र है।अगर मैं किसी का नाम लेकर कुछ पोस्ट करूं तो चुगली समझिए । यहाँ उन कान से देखने वाले लोगों को भी जीते जी श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहूंगा जो पति धृतराष्ट्र का अनुकरण करते हुए आज भी अपनीं आँखें पट्टी से बाँध के हस्तिनापुर में की साम्राज्ञी बनी कौरवों का पालन पोषण कर रहें है। मेरा सचमुच उनकी चतुरी जिन्दगी में मेरा कोई हस्तक्षेप कतई नहीं है । होना भी नहीं चाहिए । पर एक फिल्म की कल्पना कीजिए जिसमें विलेन नहीं हों हुज़ूर फिल्म को कौन फिल्म मानेगा ...? अपने आप को हीरो-साबित करने मुझे या मुझ जैसों को विलेन बना के पहले पेश करतें है। फिर अपनी जोधागिरी का एकाध नमूना बताते हुए यश अर्जित करने के लिए मरे जातें हैं ।ऐसा हर जगह हों रहा है....हम-आप में ऐसे अर्जुनों की तलाश है जो सटीक एवं समय पे निशाना साधे ...... हमें चुगलखोरों की दुनियाँ को नेस्तनाबूत जो करना है.

शुक्रवार, 6 फ़रवरी 2009

मेरा तडपता दिल -1


गुरुवार, 5 फ़रवरी 2009

बुधवार, 4 फ़रवरी 2009

इंटरव्यू मे पास होने का तरीका नम्बर १

एक सरकारी कार्यालय में अकाउंटेंट के पद के लिए एक उम्मीदवार का इंटरव्यू लिया जा रहा था।

एक परीक्षक ने पूछा - 2 और 2 कितने होते हैं ?

सवाल सुनकर उम्मीदवार उठा

और आहिस्ते से कमरे का दरवाजा खोलकर बाहर झांका।

वहां कोई नहीं था।

फिर उसने झुककर मेज के नीचे झांका।

वहां भी कोई नहीं था।

फिर सारे खिड़की - दरवाजे बन्द कर परीक्षक के कान में फुसफुसाकर बोला - कितने होते हैं इसको मारिए गोली.........

आप बताइये सर, आप कितने करवाना चाहते हैं ........ ?

kiss

एक सरदार ने एक खुबसूरत लड़की को देखा.
और फिर उसने जाकर उस लड़की को किस कर लिया.
लड़की बोली "स्टूपिड, व्हाट आर यू डूइंग...?"
सरदार: " बी।कॉम फाइनल इयर....

सोमवार, 2 फ़रवरी 2009

मेरी टूटी फूटी शायरी -नम्बर का पत्ता नही

आज मन बहुत दुखी है ,
जो पास नही है वो दूर भी नही ,
जिस्म उसका न जाने कहा है ,
आवाज उस की न जाने कहा है ,
पर यादे उस की यही है ,
आज मन बहुत दुखी है ,
जो पास नही वो दूर भी नही ,
कल तक हम आप के अपने थे ,
पैसा अपनी जेब मे था तो हम आप के सपने थे ,
जब थोडी सी मुसीबतों का झोका आया
आप हमारी डाल पर न हो किसी और की डाल पर थे ,
क्या यही प्यार था ,
या ओरो की तरह आप का मन भी पैसो का यार था ,
दुआ करते है हम खुदा से की आप को पैसे मे तोल दे ,
हर तरफ़ आप को पैसा ही पैसा दे ,
बस आप के मन की खुशी का एक पल भी न दे ,
जो बीत रही है हम पर बस उस के कुछ पल आप को तोहफे मे दे ...........