शनिवार, 21 फ़रवरी 2009

महिलाय क्या चाहती है ? (पुरषों के लिए )

पुरुष अक्सर यह मानते हैं कि महिलाओं को समझ पाना और खुश रखना बेहद मुश्किल है। , इसके जरिए वे अपनी पार्टनर को बेहतर समझ सकते हैं

1। बाते करते रहो

महिलाओं को बात करना और यह अहसास पाना कि कोई उन्हें बेहद प्यार करता है, सेक्स से ज्यादा महत्वपूर्ण लगता है। अच्छी व दिलचस्प बातचीत उनका मूड बदल सकती है। ऐसा खासतौर पर उन महिलाओं के साथ होता है, जो पूरा दिन खूब भागदौड़ करती हैं। ऐसे में पार्टनर के साथ अच्छी बातचीत उन्हें रिलैक्स व फ्रेश कर देती है। यहां तक कि अगर महिलाओं से उनका पार्टनर यह कह दे कि वह उनसे बेहद प्यार करता है, तो उनकी थकान पल भर में दूर हो जाएगी। वैसे, उनके कान में धीरे से उनका नाम लेना भी बहुत है।

2। तारीफ का कारोबार करो

मेरा वजन बहुत बढ़ गया है... अब मैं उन्हें अट्रैक्टिव नहीं लगी तो...? यह फीलिंग महिलाओं में बहुत कॉमन है। वैसे, हर महिला की इस तरह की कुछ न कुछ परेशानियां होती ही हैं। हालांकि होना यह चाहिए कि अगर वह आकर्षक नहीं है, तो उसको झूठ बोलने की भी जरूरत नहीं है कि वह गॉर्जियस है। इसी तरह उसे यह बताने की भी जरूरत नहीं है कि अब वह उतनी अच्छी नहीं लगती। वैसे, हर महिला की कोई न कोई खासियत तो होती ही है। ऐसे में पुरुष उसके होंठ, आवाज, सॉफ्ट स्किन या कुकिंग स्किल्स की तो दिल खोलकर तारीफ की ही जा सकती है।

3। सरप्राइज देते रहो

अपना हर काम दिल से करती हैं। उनके लिए जिदंगी की हर बात दूसरी से जुड़ी होती है। जबकि पुरुष दिनभर की तमाम बातों को हिस्सों में बांट लेते हैं और इन्हें सेक्स से अलग लेकर चलते हैं। इसके विपरीत महिलाएं सेक्स को दिन भर के कामों से अलग नहीं कर पाती हैं। अगर दिन सही नहीं बीता, तो वे सेक्स इन्जॉय नहीं कर पातीं। इसके अलावा, महिलाओं का सेक्स को इन्जॉय करना इस बात पर भी डिपेंड करता है कि उनका पार्टनर बेड से बाहर उनके साथ किस तरह का व्यवहार करता है। पार्टनर से रूखा व्यवहार या आलोचना मिलने पर वे सेक्स में पूरी तरह इंवॉल्व नहीं हो पातीं। हालांकि हसबंड की ओर से मिलने वाले छोटे- छोटे सरप्राइज उनका मूड बदलने में देर नहीं लगाते।

4। ऑर्गेजम तक ले जाना ?

पुरुष आमतौर पर मानते हैं कि महिलाओं को ऑर्गेजम तक ले जाना ही 'गुड लवर' की निशानी है। बेशक ये पल बहुत अच्छे होते हैं, लेकिन हमेशा जरूरी नहीं होते। स्टडीज दिखाती हैं कि महज साठ प्रतिशत महिलाएं ही इंटरकोर्स के दौरान आधे से ज्यादा बार ऑर्गेजम महसूस करती हैं। इनमें से कई तो यहां तक महसूस करती हैं कि ऑर्गेजम तक पहुंचने के लिए कई बार पार्टनर द्वारा और और कई बार वे खुद अपने साथ जबर्दस्ती करती हैं। यहां समझने वाली बात यह है कि ऑर्गेजम से ज्यादा जरूरी यह है कि आपने उस पूरे अंतरंग पलों को कैसे इन्जॉय किया।

5। प्लेफुल ऐक्ट

कई पुरुष सेक्स के दौरान सीरियस होते हैं और इससे पहले वे हंसना, शरारत करना वगैरह सब भूल जाते हैं। यह ठीक नहीं। दरअसल, प्लेफुल ऐक्ट इस तरह की नजदीकियों को रिलैक्स्ड वकंफर्टेबल बनाता है। इस तरह दोनों पर परफॉर्मंस प्रेशर भी कम होता है, जो साइकॉजेनिक इंपोटेंसी की एक बड़ी वजह है।

6। टच मी टच मी टच मी

महिलाओं को रोमैंस पसंद होता है। वे चाहती हैं कि बेवजह भी उनका पार्टनर उन्हें गले लगाए, उन्हें किस करे, लेकिन ऐसा होता नहीं। तमाम महिलाओं की यह शिकायत रहती है कि उनका पार्टनर फोरप्ले और सेक्स के अलावा कभी उन्हें टच ही नहीं करता। ऐसे में पुरुष अपनी पार्टनर को टच से होने वाली खुशी का अहसास करवा सकते हैं। इसके लिए रिलैक्स करने वाली मसाज देना या उसके चेहरे पर प्यार से थपथपाना ही काफी है।

7। आफ्टर प्ले

टेंडर मोमेंट की जरूरत महिलाओं को लव मेकिंग के बाद भी होती है। ऐक्ट के दौरान पुरुषों में एंडॉर्फिन लेवल ज्यादा होता है, लेकिन पीक पर पहुंचने के तुरंत बाद वे बिल्कुल निढाल होने की स्थिति में होते हैं। यही वजह है कि सेक्स के बाद पुरुषों को नींद आने लगती है। वैसे, उन्हें इतनी नींद भी नहीं आती कि वे जाग न सकें। ऐसे में बेहतर यह होता है कि सोने की बजाय पुरुष अपनी पार्टनर को प्यार दें, क्योंकि महिलाएं पीक के बाद धीरे-धीरे निढाल होने की स्थिति में पहुंचती हैं और सेक्स के तुरंत बाद पार्टनर का सो जाना उन्हें बेहद अखरता है।

क्या कहना है इनका

अचला सचदेव
महिलाओं को ऑडियो सिस्टम बहुत पसंद .......................... आगे उन की आवाज मे ही सुने


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