शुक्रवार, 27 फ़रवरी 2009

टूटे हुए दिल का मुरब्बा

टूटे हुए दिल का मुरब्बा बना गयी ,
ghar को मेरे कचरे का डिब्बा बना गयी ,
निकाह को मेरे तीन महीने ही गुजरे थे ग़ालिब ,
जाने किस चक्कर मे मुझे अबा बना गयी

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