रविवार, 26 अप्रैल 2009

मोदी पीएम इन वेटिंग नंबर-2 होंगे? आने वाले कल की ख़बर

बीजेपी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में पार्टी के अंदर समर्थन बढ़ रहा है।पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण शौरी के बाद अरुण जेटली और एम. वेंकैया नायडू ने भी कहा कि मोदी को शीर्ष राजनीतिक पद पर देखकर उन्हें प्रसन्नता होगी। हालांकि जेटली और नायडू ने स्पष्ट किया कि मौजूदा लोकसभा चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ही पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पर के उम्मीदवार हैं। पार्टी महासचिव जेटली ने वड़ोदारा में संवाददाताओं से कहा कि अगर भविष्य में मोदी के प्रधानमंत्री बनने संबंधी अरुण शौरी की कामना सच साबित होती है तो उन्हें खुशी होगी। उन्होंने कहा कि मोदी ने गुजरात में शासन किया है, जो देश के अन्य राज्यों के लिए आदर्श बन गया है। वेंकैया नायडू ने भी मोदी को 2014 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किए जाने का समर्थन किया। हालांकि उन्होंने जोर दिया कि पार्टी मौजूदा चुनाव पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें आडवाणी शीर्ष पद के लिए उम्मीदवार हैं। बेंगलुरु में एक संवाददाता द्वारा यह पूछने पर कि मोदी भी प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, नायडू ने पलट कर जवाब दिया, 'वह उम्मीदवार नहीं हैं। मीडिया उन्हें उम्मीदवार बना रहा है।' अरुण शौरी और अरुण जेटली द्वारा मोदी का पक्ष लिए जाने का जिक्र किए जाने पर नायडू ने कहा कि 2014 की जिम्मेदारी के संदर्भ में ऐसा कहा गया है। इसके पहले मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए अगले उम्मीदवार होने का संकेत देते हुए शौरी ने कल कहा था कि गुजरात के लोगों को इस बार ही नहीं बल्कि अगले चुनाव में भी प्रधानमंत्री चुनने का मौका मिलेगा।

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2009

रोये हम जार जार

यादें तेरी आज फिर आई हैं बार बार
पुकारा तुमको और फिर रोये हम जार जार
चांदनी रातों मैं हम तुम मिला करते थे
पहरों बैठकर बातें किया करते थे
यादो का करब कर गया आंखें अश्कबार
पुकारा तुमको और फिर रोये हम जार जार
बुलाएं किस तरह तुमको ,
कहाँ तुम खो गए जिस्म तड़पता है यहाँ ,
रूह साथ ले गए Teesh उठती है ,
और उतर जाती है दिल के पार
पुकारा तुमको और फिर रोये हम जार जार
इश्क को समझा इबादत ,
क्या यह उसकी सज़ा है
जिंदगी भी तो नहीं ,
फिर क्या यह काजा है
दिल बेकस आरजुओं का है
जीता जागता मजार
पुकारा तुम को और फिर रोये हम जार जार
यादें तेरी आज फिर आई हैं
बार बार पुकारा तुमको और फिर रोये हम जार जार .............................

गुरुवार, 23 अप्रैल 2009

गजल

सदा जो दिल से निकल रही है वो
शेर-ओ-नग्मों में ढल रही है वो
कि दिल के आँगन में जैसे कोई
गजल की झाँझर झनक रही है वो .........

नाकाम इशक मेरा

जज्बात इश्क नाकाम न होन देंगे हम
कभी शाम न होने देंगे हम
दोस्त हर इल्जाम खुद पर ले लेंगे
पर तुम्हें बदनाम न होने देंगे हम ....................

हकीकत

हकीकत जान लो
जुदा होने से पहले
मेरी सुन लो
अपनी कहने से पहले
बहुत रोई है ये आँखे
मुस्कुराने से पहले!

सीधी सड़क

सोचते थे हर मोड पर आप का इंतेज़ार करेंगे॥
पर,
पर,
पर,
पर, पर,
पर, पर, पर, पर,
कम्भाकत सड़क ही सीधी निकली...

बुधवार, 22 अप्रैल 2009

नपुंसकता : इलाज की नई तकनीक

इंदौर शहर के प्रसिद्ध सर्जन डॉ। वीके अग्रवाल ने नपुंसकता को खत्म करने के लिए नई ऑपरेशन पद्धति ईजाद की है। इरेक्टाइल डिसफंक्शन नामक बीमारी के कारण जिन पुरुषों के लिंग में रक्त प्रवाह सामान्य नहीं होता उनके लिए यह तकनीक कारगर है। डॉ. अग्रवाल के अनुसार यह विश्व भर में ऐसा पहला ऑपरेशन है और इसके परिणाम वियाग्रा जैसी दवाइयों से बेहतर हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन तथा पूर्व डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन (डीएमई) एवं हाल ही में चरक अवॉर्ड से सम्मानित डॉ. अग्रवाल पिछले 26 वर्षों से ओमेंटोपेक्सी पद्धति पर कार्य कर रहे हैं। इसके तहत आमाशय के पास स्थित रक्त नसों के गुच्छे 'ओमेंटम' को लंबा कर उसे उस स्थान पर ले जाया जाता है जहाँ रक्त संचरण प्रभावित है।इन नसों के कारण प्रभावित स्थान पर नवीन नसें विकसित हो जाती हैं तथा रक्त संचरण सामान्य हो जाता है। डॉ. अग्रवाल द्वारा इस पद्धति को पैरों तथा हाथों के रक्त संचरण में, गैंगरीन तथा आँखों के लिए पूर्व में इस्तेमाल किया जाता रहा है। मिली नई जिंदगी :- डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले दिनों उनके पास धार जिले के एक गाँव से नपुंसकता से पीड़ित 39 वर्षीय श्याम कुमार वर्मा (परिवर्तित नाम) आए। उन्होंने बताया कि 12 वर्ष के वैवाहिक जीवन में पिछले 10 वर्ष से वे इस बीमारी से पीड़ित थे और नीम-हकीम सहित कई चिकित्सा पद्धतियों से इलाज कराने में लाखों रुपए खर्च कर चुके थे। इसी मानसिक अवसाद में चार बार आत्महत्या करने की कोशिश भी कर चुके थे। डॉ. अग्रवाल ने ओमेंटोपेक्सी पद्धति से लिंग का दुनिया का पहला ऑपरेशन किया। इसके बाद श्याम की जिंदगी में बहुत सुधार आ गया है और वीडियो रिकॉर्डिंग के माध्यम से उन्होंने कहा है कि वे अब 110 प्रतिशत सामान्य हैं।
पद्धति के बारे में ऐसे आया विचारडॉ. अग्रवाल के अनुसार इस मरीज के लिंग में रक्त संचरण मात्र 30 प्रतिशत था। वे कहते हैं कि पिछले 26 वर्षों से वे ओमेंटम को लिंग के पास से प्रभावित स्थान पर ले जा रहे थे तब उन्होंने कभी नहीं सोचा कि इससे लिंग के अवरुद्ध रक्त प्रवाह को भी सामान्य किया जा सकता है। श्याम की समस्या सुनने के बाद उन्होंने लंदन के हैमरस्मिथ हॉस्पिटल एंड पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट के यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजीव कुमार से विचार-विमर्श किया। इसके बाद ओमेंटोपेक्सी ऑपरेशन पद्धति से इसका इलाज करने का निर्णय लिया गया।नई खोज को दिया जन्म :- डॉ. अग्रवाल ने पिछले वर्ष राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात की और ओमेंटोपेक्सी के बारे में बताया। डॉ. कलाम ने पूछा कि क्या ओमेंटम के ये गुण स्टेम सेल (कोशिका) के कारण हैं? डॉ. अग्रवाल उस समय जवाब नहीं दे पाए, मगर लौट कर उन्होंने इसका अध्ययन किया तो पूर्व में छपे ऐसे अध्ययन के बारे में जानकारी मिली। वे कहते हैं कि आजकल स्टेम सेल्स पर बहुत कार्य किया जा रहा है। अपने बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लोग हजारों रुपए में स्टेम सेल का संरक्षण करते हैं जिससे उसे 20 वर्षों बाद उपयोग किया जा सके। इसे अम्लाइकल कॉर्ड तथा बोन मैरो से लिया जाता है, लेकिन अब किसी स्टेम सेल बैंक की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि स्टेम सेल बैंक तो उदर में ही मौजूद है। अब गैंगरीन होने पर पैर काटने की जरूरत नहीं पड़ती और इस पद्धति से पैरों के रक्त प्रवाह को सुचारु किया जा सकता

गुरुवार, 16 अप्रैल 2009

शायरी या दिल का गुबार -2

हर चहरे मे कुछ तोह एह्साह है,

आपसे दोस्ती हम यूं ही नही कर बैठे,

क्या करे हमारी पसंद ही कुछ "ख़ास" है. .

चिरागों से अगर अँधेरा दूर होता,

तोह चाँद की चाहत किसे होती.

कट सकती अगर अकेले जिन्दगी,

तो दोस्ती नाम की चीज़ ही न होती.

कभी किसी से जीकर ऐ जुदाई मत करना,

इस दोस्त से कभी रुसवाई मत करना,

जब दिल उब जाए हमसे तोह बता देना,

न बताकर बेवफाई मत करना.

दोस्ती सची हो तो वक्त रुक जता है

अस्मा लाख ऊँचा हो मगर झुक जता है

दोस्ती मे दुनिया लाख बने रुकावट,

अगर दोस्त सचा हो तो खुदा भी झुक जता है.

दोस्ती वो एहसास है जो मिटती नही.

दोस्ती पर्वत है वोह, जोह झुकता नही,

इसकी कीमत क्या है पूछो हमसे,

यह वो "अनमोल" मोटी है जो बिकता नही . . .

सची है दोस्ती आजमा के देखो..

करके यकीं मुझपर मेरे पास आके देखो,

बदलता नही कभी सोना अपना रंग ,

चाहे जितनी बार आग मे जला के देखो

शायरी है या दिल का गुबार

Oye mere dost,.
andhere ke ghost,.
Double ande ki Toast,.
Bujhe huye lamp post,.
flop show ki host,.
I MISS U MOST

शायरी है या दिल का गुबार

Oye mere dost,.
andhere ke ghost,.
Double ande ki Toast,.
Bujhe huye lamp post,.
flop show ki host,.
I MISS U MOST

सोमवार, 13 अप्रैल 2009

एक छोटी सी अर्ज

अपने गमो पर हँसता रहा मै हे पर्भु ,
और आप भी मुझे हँसाते रहे ,
तम्मना मेरे एक ये पुरी करना बस ,
कभी मुझे भी खुशी के आशु देना

गॉड को समस ?

एक बच्चे ने पैदा होते ही नर्स से पूछा: क्या मोबाइल है ?
नर्स: हां है , तुम क्या करोगे ?
बच्चा: कुछ नहीं , बस भगवान को एसएमएस कर दूं कि मैं पहुंच गया।

बीवी का किस

संता की बीवीः देखो हमारे नए पड़ोसी बंताजी कितने अच्छे हैं ,
सुबह ऑफिस जाने के पहले अपनी बीवी का चुंबन लेते हैं।
पर आप ऐसा क्यों नही करते ?
संताः इच्छा तो मेरी भी बहुत होती है चुंबन लेने की ,
लेकिन बंताजी की बीवी मुझे ऐसा करने देंगी क्या ?

बीवी का किस

संता की बीवीः देखो हमारे नए पड़ोसी बंताजी कितने अच्छे हैं ,
सुबह ऑफिस जाने के पहले अपनी बीवी का चुंबन लेते हैं।
पर आप ऐसा क्यों नही करते ?
संताः इच्छा तो मेरी भी बहुत होती है चुंबन लेने की ,
लेकिन बंताजी की बीवी मुझे ऐसा करने देंगी क्या ?

प्रेमिका का पति!

प्रेमी : तो पक्का है न कि हम आज रात 2 बजे शहर छोड़कर भाग जाएंगे।
तुम लेट मत होना।
प्रेमिकाः तुम फिक्र मत करो ,
मेरे पति मेरा सामान बाँध रहे हैं।

चुड़ैल पड़ोसन

मां के कहने पर टिकलू पड़ोस के घर में चीनी मांगने गया।
टिकलू : आंटी जी, मां ने एक कटोरी चीनी मंगाई है।
आंटी : बेटा, मां ने कुछ और तो नहीं कहा ?
टिकलू : हां, उन्होंने कहा कि वह चुड़ैल न दे तो शर्मा जी के यहां से ले लेना।

शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

प्यार को जिंदा रखें

आप जानते हैं कि वह आपके लिए स्पेशल है। तभी से जब से आप ने उसे पहली बार देखा। अब आपका सपना पूरा हो गया और वह आपकी जीवनसाथी है। उदासीन वैवाहिक जीवन को विवाह पूर्व की तरह ताजा रखना आज भी आपके हाथ में है। जीवन की सारी जिम्मेदारियों जिम्मेदारियों व आवश्यकताओं को पूरा करते हुए आप इस प्रेम को बरकरार रख सकते हैं-
1. चॉकलेट दें : याद है वह दिन जब सबकी नजरों से छिपा कर आप उसे उसकी पसंदीदा चॉकलेट दिया करते थे। आज भी देकर देखिए उसका चेहरा नई आभा से खिल उठेगा।
2. छेडिए मत : वह आप ही के लिए देर तक सजना-संवरना चाहती है। इसके लिए उसे छेडिए मत। उसे उसकी खूबसूरती का एहसास कराइए।
3. टालिए मत : सुबह घर से निकलते हुए जल्दी में जो विदा लेनी आप भूल गए, उसे सुधारने का मौका शाम को मिला है हाथ से जाने मत दें। लंबे इंतजार के बाद ये क्षण आपके हैं। 4. हाथ थामें : कभी-कभी बिना कुछ कहे मजबूती से पकडे हाथ बहुत बडा संबल होते हैं। स्पर्श थेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार यह स्पर्श बडे काम की चीज है।
5. नई तकनीक आजमाएं : ईमेल, एसएमएस किस दिन के लिए हैं। कभी-कभी इनका इस्तेमाल अपने प्यार के इजहार के लिए करें। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के प्रयोग बेहतर असर डालते हैं।
6. एक नोट लिखिए : एक कागज के टुकडे पर उनके लिए कोई अच्छा रिमार्क या उम्दा वाक्य लिख कर छोड दीजिए। उसे ऐसे रखें कि वह उसे पढे और मुसकराए बिना न रह सके।
7. अपनी पहली डेट को याद करें : जब पत्नी को डेट पर ले जाने की बात कहेंगे तो देखिएगा पहले वाली स्मित मुसकान चेहरे पर विराजमान हो जाएगी।
8. कम्युनिकेट करें : पत्नी को पूरे तौर पर जीवन में शामिल करें। दिन में कई बार छोटी-छोटी बातें फोन पर कर उसे अपने प्रोग्राम से अवगत कराएं। जरूरी विषयों पर राय भी लें।
9. फूल दें : प्यार के इजहार का फूलों से अच्छा कोई और विकल्प नहीं। कभी-कभी बेवजह भी छोटा सा बुके पत्नी के लिए खरीद कर उसके ऑफिस या घर पर भिजवाएं।
10. सराहना करें : दूसरों की उपस्थिति में पत्नी की तारीफ करने से उसे प्रोत्साहन मिलेगा। अपनी पसंद पर उसे गर्व होगा।
11. सरप्राइज डेट पर ले जाएं : किसी को अपने बच्चों की जिम्मेदारी सौंप कर चुप-चाप अपनी पत्नी को एक या दो दिन के लिए बाहर लेकर जाएं। देखिएगा कई महीनों तक उसे ये डेट याद रहेगी।
12. सॉरी कहिए : यदि गलती हुई है तो माफी मांगने में संकोच मत करिए। सॉरी कहने से आप छोटे नहीं होंगे बल्कि आपका सम्मान पहले से कहीं ज्यादा बढ जाएगा।
13. काम का तनाव छोड कर आएं : यदि ऑफिस में काम ज्यादा है तो उसका प्रेशर घर ले आने की जरूरत नहीं। इसका मतलब यह नहीं कि आप उससे अपने काम व उसके तनाव की चर्चा नहीं कर सकते, लेकिन घर के माहौल पर इसका असर न पडे।
14. कुछ भी न छिपाएं : अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहिए। संपर्क हमेशा बनाए रखें और सभी महत्वपूर्ण विषयों पर खुल कर बातचीत करें।
15. लापरवाही न बरतें : कोई पत्नी ऐसे पति को पसंद नहीं करती जिसकी एक भी चीज में नुक्स हो। चाहे उसकी कार हो या फोन, कपडे हों या जूते सभी परफेक्ट होने चाहिए।
16. कांप्लीमेंट दें : हर व्यक्ति अपनी सराहना चाहता है। लेकिन पत्नी तो बहुत छोटी सराहना से ही खुश हो जाती है कि वह आज भी किसी की नजरों में स्पेशल है। वह प्रशंसा भले ही कुछ भी खर्च न कराए, लेकिन पत्नी के लिए बेशकीमती हो सकती है।
17. पसंदीदा उपहार दें : किसी भी स्त्री के पसंदीदा उपहार जैसे परफ्यूम या सुंदर सी एक साडी दें।
18. विशेष दिन न भूलें : अपने फोन में रिमाइंडर, कैलेंडर में निशान लगा कर सभी खास दिनों को रखें जिससे उन्हें भूले नहीं।
19. गुडनाइट करना न भूलें : दिन भर की व्यस्तता व थकान के बाद रात को मधुर मुसकान के साथ गुडनाइट किस करना न भूलें।
20. घर पर ध्यान दें : ऐसा न हो कि आपकी पूरी व्यस्तता व सारे काम ऑफिस के लिए ही हों। अकसर पति घर की जिम्मेदारियों के प्रति सजग नहीं रहते। यदि पत्नी का दिल जीतना चाहते हैं तो इस तरफ भी ध्यान दें।
21. नकारात्मक न बनें : उन चीजों को पकडने की कोशिश मत करिए जिन्हें आपकी पत्नी ने नहीं किया। प्रसन्नचित्त रहने की कोशिश करें। नकारात्मक चीजों को अनदेखा करिए या प्यार से हल करिए।
22. सुनना सीखें: स्त्रियां स्वभाव से ही बातूनी होती हैं। ऐसे में आप एक अच्छे श्रोता की भूमिका निभा उसका दिल जीत सकते हैं।
23. धैर्य रखें : कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जो स्त्रियों की मानसिकता को बदल देते हैं। ऐसे समय में उन्हें समझने की कोशिश करिए और उन्हें सहयोग दीजिए।
24. गलती स्वीकार करिए :गलती होने पर यदि व्यक्ति खुद स्वीकार कर ले तो आधी से ज्यादा समस्याएं अपने आप सुलझ जाती हैं।
25. उसके लिए त्याग करिए : जैसे आपकी पत्नी आपकी खुशी व सुविधा का पूरा खयाल रखती है वैसे ही आप भी उसकी खुशी का पूरा ध्यान रखिए।
26. कवि बनिए : हंसिए मत, शायर की पंक्तियां याद करिए-कहीं कवि न बन जाऊं तेरे प्यार में कविता। पत्नी के लिए कभी-कभी तुकबंदी कर या रोमांटिक गीत गुनगुना कर आप अपने रोमांस को जिंदा व ताजा कर पाएंगे।
27. रलेक्स करिए : कई बार अत्यंत थकान व तनाव के क्षणों में धीरे से सिर सहलाने या मालिश करने से वह रिलेक्स हो जाएगी।
28. किसी खेल में शामिल हों : का‌र्ड्स हों, चेस या तंबोला, कभी-कभी फुर्सत पाते ही कुछ गेम ऐसे खेलें जिन्हें खेलने में मजा आए व आप हार कर उसे जीतने की खुशी दें।
29. देर होने पर सूचना दें : जब भी किसी काम में देर हो रही हो तो कोशिश करें कि उसे पहले से बता दें। अन्यथा कई दिन तक कोपभाजन बनना पडेगा।
30. सहयोग दें : काम ज्यादा होने पर या पर्व या पार्टी में घरेलू कामों में उसकी मदद कर देंगे तो बहुत अच्छा तो लगेगा ही, आपकी भावनाओं को भी वह सराहेगी।
31. कैंडल लाइट डिनर करें : साथ-साथ बिना किसी खास अवसर के भी कैंडल लाइट डिनर माहौल को रोमांटिक बनाने के साथ आपके मूड को भी परिवर्तित कर देता है।
32. रोमांटिक फिल्म दिखाएं : कभी किसी वीकएंड में पत्नी को रोमांटिक फिल्म या नाटक दिखाने ले जाएं। अच्छा नाटक देर तक दिलो-दिमाग पर छाया रहता है।
33. कभी अतिरिक्त पैसा दें : कभी-कभी पत्नी को घर खर्च के अलावा भी कुछ अतिरिक्त पैसा दीजिए। इससे उसे अच्छा महसूस होगा और वह अपनी मर्जी से कुछ खरीद पाएगी।
34. वजन को लेकर ताने न दें : बढता वजन किसी भी स्त्री के लिए सबसे संवेदनशील विषय है। इसलिए कभी भूलकर भी इसके बारे में उससे बात मत करिए।
35. फाइनेंस पर बहस न करें : घरेलू वित्तीय मामलों में कभी पत्नी से बहस न करें यह पूर्णतया उसका अपना क्षेत्र है। इसमें जितनी दखलअंदाजी करेंगे, उतनी ही मुसीबत मोल लेंगे। आपकी शादी वित्तीय मामले से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
36. विवाह की यादें ताजा करें : शादी के बाद की कुछ यादगगार यादें या बातें कर उसे एक बार फिर से रोमांचित कर दें।
37.पूजा करें : साथ-साथ धर्म-कर्म करने से प्यार और विश्वास दोनों बढते हैं।
38. आदर करें : उसकी अच्छी बातों का सम्मान करें जिससे उसे ऊर्जा मिले व उत्साह भी। जब आप उसका सम्मान करेंगे तभी अन्य लोग भी उसका सम्मान करेंगे।
39. जिम्मेदारी बांटें: अपनी पत्नी व परिवार का पूरा ध्यान रखें। उसकी कुछ जिम्मेदारियों को बांट लीजिए।
40. उसकी जरूरत जताएं : उसे इस बात का एहसास कराते रहिए कि आपको उसकी आवश्यकता है, आपका जीवन उसके बिना अधूरा है।
41. रोने दें : कभी-कभी मन का गुबार निकालने के लिए रोना जरूरी होता है, इसलिए उसे रोने दें। अपनी बाहों व कंधे का सहारा दें।
42. नियंत्रण रखें : संवेदनशील होने के कारण स्त्री जल्दी उत्तेजित हो जाती है। इसलिए उसे कुछ भी कहने से पहले ध्यान रखें।
43. दूसरों की उपस्थिति में गलती न निकालें: कभी भी दूसरों के सामने उसकी गलतियों के बारे में न बताएं इससे वह चिढ जाएगी और सही चीजों को भी गलत तरीके से लेगी। विशेषकर फैशन व मेकअप के बारे में। 44. पत्नीभक्त बनिए : हमेशा अपनी आंखों को, मन को, वाणी को, विचारों को और शरीर को अपनी पत्नी की तरफ ही केंद्रित रखिए।
45.समय दें : उसकी मन की बातें जानने व समझने के लिए अपनी पत्नी को पर्याप्त समय दीजिए।
46. माफ करना सीखें : पत्नी ने ऐसा कुछ भी कर दिया है जो आपको तकलीफ दे रहा है तो उसे माफ कर दीजिए। कडवडाहट रिश्तों के लिए घातक होती है।
47. अपने घर का नेता बनें : घर पत्नी के अधिकार क्षेत्र में है, वहां जल्दी किसी की नेतागिरी नहीं चलती। यदि आपमें घर चलाने के बेहतर गुण हैं तो अपनी पत्नी की सलाह मशविरे के बाद ही नेतागिरी संभालें।
48. साफ-सुथरे रहिए : सफाई से रहने वाला व प्रभावशाली व्यक्ति हमेशा स्त्रियों को आकर्षित करता है। अपने को ग्रूम करिए व मनभावन खुशबू से महकाइए।
49. सुरक्षा का एहसास कराएं : आपके प्यार में इतनी सुरक्षा होनी चाहिए कि आपकी पत्नी अपने को सुरक्षित महसूस करे।
50. उसकी आवश्यकताएं समझें : सेक्सुएली आपकी पत्नी की क्या आवश्यकताएं हैं, इसे समझना भी उतना ही जरूरी है जितना कि उसके प्यार को समझना।
51. तीमारदारी करें : उसके बीमार होने पर उसका ध्यान रखें, घर के कामों में हाथ तो बंटाएं ही, उसे डॉक्टर के पास ले जाएं व खाने-पीने व दवाओं का भी ध्यान रखें।
52. नकारात्मक तुलना न करें : दूसरी स्त्रियों से अपनी पत्नी की तुलना करने से हमेशा नकारात्मक असर पडता है।
53. शांत हो जाएं : जब भी पत्नी को गुस्सा आए आप शांत रहने की कोशिश करें। थोडी देर बाद अपना पक्ष रखें।
54. मुखर होइए : प्यार के इजहार के क्षणों में मुखर होने की कोशिश करिए, इससे वह आपकी आवश्यकताओं को जान सकेगी और आप उसकी।
55. शॉपिंग करिए : ऐसा सामान खरीदें जिसकी शॉपिंग करना आप दोनों को पसंद हो। शॉपिंग स्त्रियों का मनपसंद शगल है।
56. सपने पूरे करने के लिए उत्साह बढाइए : यदि आपकी पत्नी के कुछ सपने व लक्ष्य हैं तो उन्हें पूरा करने में अपनी पत्नी की सहायता करिए।
57. दयालु व उदार बनिए : रिश्तों को मधुर बनाने के लिए उदार व नम्र बनना जरूरी है। कठोर व्यवहार तकलीफ पहुंचाता है।
58. पिछली बातें न दोहराएं : जो कुछ बीत गया उसे भुला कर कडवी यादों को अलविदा कहें और अच्छी बातों को याद रखें।
59. फ्लर्ट करें : कभी-कभी पत्नी के साथ स्ट्रीट रोमियो वाला व्यवहार करिए। देखिए उसे युवावस्था के दिन याद आ जाएंगे।
60. ध्यान रखें : उन बातों का ध्यान रखिए जिनसे आपकी पत्नी चिढती है जैसे गीला तौलिया बिस्तर पर छोडना, उतरे कपडे जमीन पर छोडना या जरूरी कमिटमेंट को अकसर भूल जाना तथा समय की पाबंदी।
61. उसके घरवालों का सम्मान करें : यह ध्यान रखें कि जैसे आपको आपके घरवालों का खयाल है वैसे ही उसे भी है। इसलिए उसके घरवालों की इज्जत करने से आपकी इज्जत भी उसकी नजरों में बढेगी।
62. दोस्त बनिए : अपनी पत्नी का अच्छा दोस्त बनने की कोशिश करिए, ऐसा दोस्त जिससे वह अपने मन की हर बात शेयर कर सके।
63. उसके विचारों का सम्मान करें : यदि किसी संबंध में उसका विचार आपसे अलग है तो उसे सुन कर समझने की कोशिश करें। न तो अनसुना करें न ही अवहेलना करें।
64. बुरी आदतें छोड दें : ऐसी आदतें जो पत्नी को तकलीफ पहुंचाती हैं, उनसे दूर रहने की कोशिश करें।
65. सेक्स के पीछे न भागें : हर समय सेक्स के पीछे दीवाने ना रहें। याद रखें कि प्यार में धैर्य चाहिए।
66. शेफ बनिए: कभी-कभी रसोई में जाइए और पत्नी की कुकिंग की जिम्मेदारी संभालिए। कोई डिश बनाइए जो पत्नी को पसंद हो व बच्चों की भी पसंदीदा हो।
67. उसकी खुशी के लिए समर्पित होइए: केवल खुश करने के तरीके ही नहीं खोजिए उसकी खुशी का भी पूरा ध्यान रखिए। उसकी खुशी पर पूरे परिवार की खुशी निर्भर है।
68. दूसरा हनीमून प्लान करें : यह कोई जरूरी नहीं कि शादी के ज्यादा दिन बीत जाने पर आप अगला हनीमून प्लान नहीं कर सकते। ऐसा करने से रिश्ते पहले की तरह खुशनुमा हो जाएंगे।
69. अपनी पसंद पर गर्व करें : जब तक आप अपनी पसंद को सही नहीं समझेंगे और उस पर विश्वास नहीं रखेंगे तब तक दूसरे भी उसे वैसे ही कैजुअली लेंगे।
70. आगे की सुध लें: यदि आज तक इन बातों को नहीं अपनाया तो कोई बात नहीं अब अनुकरण करिए। जब जागो तभी सवेरा।

दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए..


दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिए..

क्रूक्ड में नजर आएंगे अभि-ऐश

बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय फिल्म रावण के अलावा फिल्म क्रूक्ड में भी एक साथ नजर आएंगे।
क्रूक्ड के निर्माता रितेश सिधवाणी ने कहा कि भारत के अलावा फिल्म की शूटिंग मिस्त्र, इस्तांबुल और थाइलैंड में की जाएगी। अभिषेक-ऐश्वर्या की जोड़ी के अलावा फिल्म में गुल पनाग, जिमी शेरगिल और बोमन ईरानी भी नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अभिनय देव करेंगे।
देव इन दिनों आमिर खान की फिल्म दिल्ली बेली का निर्देशन कर रहे हैं।

नया धंधा , पैसा ही पैसा बिना किसी खर्चे के

किसी भी शादी समारोह में तमाम मित्र, रिश्तेदार और जानने वाले जुटते हैं।
और सबकी निगाहें होती हैं दूल्हा या दुल्हन पर।
रोम के एक व्यक्ति को यह बात समझ में आ गई
और उसे कुछ धन कमाने का एक अनोखा आइडिया सूझा।
अपनी शादी वाले दिन उसने अपनी टाई का स्पेस बेचने का फैसला किया है। यानी अपनी टाई के जरिए वह कंपनी का प्रचार करेगा।
जिस कंपनी की जितनी ऊंची बोली होगी, उसे टाई में जगह भी उतनी ही ऊंची मिलेगी।
26 वर्षीय ट्यूडार कियोरा ने अपनी वेबसाइट पर बोली आमंत्रित की है।
विवाह वाले दिन टाई में अपना नाम सबसे ऊपर देने के लिए किसी कंपनी को 20 यूरो चुकाने होंगे।
बीच की जगह के लिए 15 यूरो
और टाई के सबसे निचले हिस्से के लिए मात्र 10 यूरो देने की बात कही गई है।
कंपनी कियोरा की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट क्रेवेटेमिआ डाट काम पर आवेदन कर सकती हैं।

आप का क्या विचार है दोस्तों .....:)

धोडे की माडलिंग ( तस्वीर )


क्या आपने कभी किसी घोड़े को माडल की तरह सज-धजकर फोटो खिंचवाते देखा है? एड फोटोग्राफी के लिए तमाम पुरस्कार जीत चुके इंग्लैंड के जूलियन वोकेंस्टीन ने यह अनोखा फोटोशूट किया है। यह आइडिया उन्हें अचानक ही आया। बस, उन्होंने कुछ घोड़ों को तैयार किया और खींच डाली उनकी फोटो।

गर्भपात की अनुमति किन हालात में? आप की क्या राय है ?

निकिता मेहता को अपने 24 हफ़्ते के भ्रूण के गर्भपात की अनुमति नहीं मिली।उनका तर्क था कि डॉक्टरों के अनुसार बच्चे को दिल की बीमारी है और उसे आजीवन पेसमेकर लगाए रखना पड़ सकता है।निकिता और उनके पति हरेश का कहना था कि वे इस समस्या से मानसिक और आर्थिक रूप से जूझने में स्वयं को असमर्थ पा रहे हैं।लेकिन अदालत ने उनकी दलील को ठुकराते हुए आदेश दिया कि 20 हफ़्ते से अधिक के गर्भ को तभी गिराया जा सकता है जबकि माँ की जान को ख़तरा हो.अदालत का यह भी कहना था कि इस बारे में आगे चल कर क़ानून बनाया जा सकता है लेकिन फ़िलहाल ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.
आप इस निर्देश से सहमत हैं?
क्या बच्चे के विकलांग होने की स्थिति में उसे गर्भ में ही नष्ट कर दिया जाना चाहिए चाहे उसकी आयु कितनी भी हो?
क्या इस मामले में डॉक्टरों की राय सर्वोपरि होनी चाहिए? क्या इस तरह के क़ानून की ज़रूरत है?

आप सब इस पर क्या राय रखते है ? अपने विचार जरूर बताय

खबर जो आप कल के अख़बार मे पढेगे -हमारे बिना सरकार नहीं बन सकती


लालू यादव, राम विलास पासवान और मुलायम सिंह ने उत्तर प्रदेश में पहली साझा रैली में कहा कि तीनों के समर्थन के बिना अगली सरकार नहीं बन सकती।
मुलायम सिंह के गाँव सैफ़ई में गुरुवार को आयोजित साझा रैली में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव ने कहा, "हम एक बार फिर एक साथ हैं और दुनिया की कोई ताकत हम तीनों को अलग नहीं कर सकती है. हम दिल्ली में अगली सरकार बनाने जा रहे हैं."
उनका कहना था, "मैं ये कह दूं कि हम तीनों के बिना दिल्ली में कोई सरकार नहीं बन सकती."
लालू यादव, लोक जनशक्ति पार्टी के राम विलास पासवान और समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने गुरुवार को इटावा के अलावा गोरखपुर, बरेली और वाराणसी में भी साझा रैली की।
मुलायम सिंह यादव ने तीनों नेताओं की ओर से बेरोज़गारों को काम देने, बर्ख़ास्त सिपाहियों की बहाली, बिजली, पेयजल, सभी को इलाज मुहैया कराने के लिए मोर्चा बनाए जाने की बात कही.
लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान ने मुख्यमंत्री मायावती पर हमला बोला, "उनके शासन में प्रदेश का विकास अवरुद्ध है, केवल अपनी और कांशीराम की मूर्तियां और पत्थरों को लगवाने पर खजाने का पैसा फूंका जा रहा है."
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का कहना था, "न कांग्रेस और न ही भाजपा बहुमत में आ रही है. हम लोग जिसे चाहेंगे उसी की सरकार बनेगी."
रामविलास पासवान ने कहा कि हमारा मिलन व्यवस्था परिवर्तन के लिए हुआ है. हम तीनों के मिलन से वोटों का एकीकरण होगा.

गुरुवार, 9 अप्रैल 2009

CBI ki full form ?

chess buro of india

बुधवार, 8 अप्रैल 2009

कांग्रेस का ................. जय हो.................. देखो

जय हो गाने का नया version देखो

माया वती और चुनाव आयोग की रस्सा कशी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रथम चरण के मतदान से ऐन पहले अफसरों को हटाने पर एतराज जताया है। कहा है कि अगर ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।
मुख्यमंत्री मायावती बुधवार को नागपुर-मुंबई के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान के लिए कुछ दिन ही शेष बचे हों, ऐसे में प्रमुख सचिव-गृह जैसे जिम्मेदार अधिकारी को हटाने से दूसरे अफसरों का मनोबल गिरेगा। यह तबादले निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। राज्य सरकार को विश्वास में लिए बिना अधिकारियों को हटाया गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी तो उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी। राजनेताओं के साथ कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं, आयोग की ही होगी।
मुख्यमंत्री का कहना था कि विरोधी पार्टियों की शिकायत पर अधिकारियों को हटाकर चुनाव आयोग गलत संदेश दे रहा है। कई ऐसे डीएम और एसएसपी बिना कारण के हटाए गए हैं, जिनके खिलाफ न तो कोई शिकायत थी और न ही किसी ने चुनाव आचार संहिता को लागू करने में कोताही की थी। उन्होंने कहा-आश्चर्य की बात यह है कि नई तैनाती के लिए राज्य सरकार से कोई पैनल भी नहीं मांगा गया। जबकि नियमानुसार ऐसा होना चाहिए। इसके लिए आयोग को पत्र लिखा है। शायद इसी का असर है कि प्रमुख सचिव गृह के लिए तीन अधिकारियों का पैनल मांगा है।
मायावती ने कहा कि अगर किसी अधिकारी के कामकाज से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं था तो उसे राज्य सरकार को सूचित करना चाहिए था। सरकार कार्रवाई न करती तो आयोग को यह कदम उठाना चाहिए था किंतु उसने राज्य सरकार को विश्वास में लेना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध है।
बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट शब्दों में कहा-'चुनाव आयोग बिना किसी जांच पड़ताल के राजनीतिक कारणों से अधिकारियों को हटा रहा है। यह न्यायपूर्ण नहीं है। मैं चुनव आयोग की यह गलतफहमी दूर करना चाहती हूं कि अधिकारियों के माध्यम से किसी को लाभ लेने की छूट नहीं दी जाएगी। चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष होंगे।'
फतेह बहादुर अब प्रमुख सचिव सीएम
लखनऊ। चुनाव आयोग के निर्देश पर हटाए गए प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर सिंह को बुधवार को पुन: महत्वपूर्ण पद सौंप दिया गया। उन्हें अब मुख्यमंत्री मायावती ने अपना प्रमुख सचिव नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री द्वारा अफसरों को हटाने के मसले पर चुनाव आयोग के प्रति एतराज जताने के कुछ देर बाद ही फतेह बहादुर को नई नियुक्ति दे दी गई।
गृह सचिव महेश गुप्ता ने लखनऊ में बताया कि कुंवर फतेह बहादुर सिंह को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। चुनाव आयोग ने फतेह बहादुर को प्रमुख सचिव गृह के पद से हटाने के लिए मंगलवार को निर्देश जारी किया था।

मायावती ने चुनाव आयोग को नीचा दिखाया

जो जर्नलिस्ट जूता फेंके वो कहलाए 'जरनैलिस्ट'

इंटरनेट की दुनिया से लेकर एसएमएस के खिलाड़ियों के बीच चुटकियों में एक नाम बेहद चर्चा में आ चुका है- जरनैल सिंह।वही युवा सिख पत्रकार जिसने कांग्रेस मुख्यालय में भरे संवाददाता सम्मेलन में 1984 के दंगों के आरोपी कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दिए जाने पर गुस्सा दिखाते हुए गृह मंत्री चिदंबरम की ओर जूता उछाल कर सिखों के आक्रोश को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।हर मुद्दे को कभी बेहद गंभीर तो कभी बेहद मजाकिया अंदाज में गर्मागरम चर्चा में तब्दील करने के लिए मशहूर ब्लॉग और एसएमएस की दुनिया ने जरनैल सिंह को हाथों-हाथ लिया है और इंटरनेट के हजारों पेज इस अनजाने से युवा सिख पत्रकार को समर्पित हो गए हैं।एक दिलचस्प एसएमएस पत्रकार बिरादरी में धड़ल्ले से घूम रहा है। इसमें सवाल किया गया है कि जूता फेंकने वाले जर्नलिस्ट को क्या कहेंगे। जवाब में लिखा गया है-जरनैलिस्ट। एक ब्लॉग पर जनरैल सिंह को नया नाम दिया गया है, जरनैल सिंह दिल्लीवाला। जरनैल के लिए एक अन्य ब्लॉग चर्चा में 'जरनैल सिंह इज किंग'।गंभीर चर्चाओं को देखें तो लगभग सभी का मत यही था कि जनरैल ने अपना रोष प्रकट करने का गलत तरीका अपनाया, लेकिन यह भी राय सामने आ रही है कि इस पत्रकार ने सिखों के ढ़ाई दशक से रिसते घावों पर मरहम रखा है।एक ब्लॉग में कहा गया है कि इस घटना के बाद जरनैल सिंह और कांग्रेस दोनों ने ही बेहद परिपक्वता का परिचय दिया। अपने किए पर जरनैल के पछतावे की सब ने सराहना की है और पत्रकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने तथा चिदंबरम की विनम्रता को भी खूब तारीफ मिल रही है।

आइसक्रीम ने डाला कांग्रेस प्रत्याशी को मुश्किल में

पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार संदीप दीक्षित मुश्किल में पड़ सकते हैं, क्योंकि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन कार्यालय ने उन पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया है।दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट भेजी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा की शिकायत के बाद इस मामले में दीक्षित के खिलाफ रिपोर्ट मांगी थी।भाजपा ने शिकायत की थी कि मौजूदा सांसद ने बिना इजाजत के एक कार्यक्रम का आयोजन किया और उन्होंने न्यूफ्रेंड्स कॉलोनी के सनलाइट कॉलोनी में मतदाताओं के बीच आइसक्रीम बांटी।एक वरिष्ठ चुनाव अधिकारी ने बताया आरोपों की जांच पर हमने पाया कि दीक्षित ने कार्यक्रम के लिए हमसे इजाजत नहीं ली थी। उनके खिलाफ सबूत के तौर पर फोटोग्राफ हैं।

मंगलवार, 7 अप्रैल 2009

सुरक्षित किडनी दान करने का नया तरीका ( महिलाओ के लिए )

Kidney removed through vaginaa

a surgeon successfully removed a healthy kidney through a donor's vagina for transplantation, the first operation of its kind. The donor and the recipent, the donor's niece, are both recovering. Typically, removing the kidney requires a six-inch incision through the belly and the donor is in the hospital for several days after. With the new procedure, the donor could likely go home in a day. From CNN:
"Removing the kidney through a natural opening should hasten the patient's recovery and provide a better cosmetic result," (Johns Hopkins Medical Center transplant surgeon Robert) Montgomery said. He told CNN on Tuesday, "We want to make it easier for people to donate, to have less impact on their lives, [be] in hospital a shorter amount of time and get back to their lives quicker." The woman was chosen to be the first donor to undergo the procedure because a previous hysterectomy enabled doctors to operate without a uterus obstructing their efforts, he added.

सोमवार, 6 अप्रैल 2009

जाने याहू मे कई id के साथ कैसे चाट करे बिना किसी सोफ्टवेर के

1। Go to Start ----> Run । Type regedit, then इंटर
2.Navigate to HKEY_CURRENT_USER --------> Software --->yahoo ----->pager---->टेस्ट
3.On the right page , right-click and choose new Dword value .
4.Rename it as Plural.
5.Double click and assign a decimal value of 1.
Its done!!Now close registry and restart yahoo messenger and try Multiple Login

ab aap yahoo ko maje say use kare , kai id kay sath ek sath

रविवार, 5 अप्रैल 2009

coment on baba ramdev (blOG PAR)



सुनाने kay लिए प्ले करे और अपने पीसी का volume तेज करे

मेरे दिल का दर्द शायरी मे -8

गुज़री है रात आधी सब लोग सो रहे हैं,
यहां हम अकेले वैठे तेरी याद मे रो रहे हैं ।

मेरे दिल का दर्द शायरी मे

जो गिर गया उसे और क्यों गिराते हो,
जलाकर आशियाना उसी की राख उडाते हो ।

मेरे दिल का दर्द शायरी मे -6

आता नही हमको राहें वफा दामन बचाना,
तुम्ही पर जान दे देगें एक दिन आज़मा लेना।

मेरे दिल का दर्द शायरी मे -4

आशिक जलाए नही द्फनाय़े जाते हैं,
कब्र खोद कर देखो इन्तज़ार करते पाय़ जाते हैं ।

मेरे दिल का दर्द शायरी मे -2

जनाजा रोककर वो मेरे से इस अन्दाज़ मे बोले,
गली छोड्ने को कही थी हमने तुमने दुनियां छोड दी।

कोलाम्बुस का बाप

मनु,"डेडी, ज्यादा काबिल कौन है मैं या आप?"

डैडी, " मै, क्योकि मैं एक तो तुम्हारा बाप हुँ, दुसरे उम्र मे भी तुम से बडा हुँ और मेरा तजुर्बा भी तुम से ज्यादा है।"

मनु, "फ़िर तो आप जानते होगें कि अमेरिका की खोज किस ने की थी? "

डैडी, "कोलम्बस ने की थी"

मनु, "कोलम्बस के बाप ने क्यों नही की, उसका तजुर्बा तो कोलम्बस से कही ज्यादा होगी?

मर्द सुबह मानसिक रुप से कमजोर होते हैं ?

कह्ते है कि एक अच्छी नींद और सफल दाम्पत्य जीवन किसी भी पुरुष व महिला के लिए अवशयक होता है लेकिन कभी कभी ऎसी बातें सामने आती है जो किसी को भी चौका सकती है। अभी तक यही समझा जाता रहा है कि पति पत्‍नी एक ही वैड पर शयन करना दोनो की निकटता मे बृद्धि करता है । अब एक नए अनुसंधान से जो बात सामने आयी है वह पुरुषों को काफी चौकाने वाली हो सकती है। इस के अनुसार रात्री को अपने पत्‍नी के साथ एक ही बिस्तर पर शेयन करने वाले पुरुष के मानसिकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड सकता है।

वियाना यूनिवर्सिटी के प्रौफेसर जेर्हाट कोलोसेके के नेतृत्व मे औस्टियन वेज्ञानिको के एक टीम ने अपने अनुसंधान से यह निष्कर्ष निकाला है कि रात्रि से सोते समय पति और पत्‍नी का सोने के तौर तरीके अलग अलग होतें हैं तथा एक दुसरे के नीदं मे खलल डाल सकतें हैं फोरम ओफ यूरोपियन न्यूरो सांसिस के अनुसार एक ही विस्तर पर सोने वाले दम्पति को एक दुसरे की मानसिक तरंगो से जो व्य्वधान होता है उस से दोनो की नींद मे बाधा पडती है लेकिन पति के मानसिकता पर अधिक प्रभाव पड्ता है जबकि पत्‍नी के मानसिकता पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड्ता है। वैसे यही बात प्रेमी प्रेमिकाओ या अविवाहित जोडो पर भी लागू होता है।

अनुसंधान मे पाया गया है कि ऎसी स्थिती मे अगली प्रात: पुरुषो का मास्तिष्क अपेक्षाकृत शिथिलता से काम करता है । जिन दम्प्‍तियों पर यह अनुसंधान किए गए 10 रात तक बिस्तर पर सोने तथा 10 रातें अलग-अलग बिस्तर पर सोने को कहा गया इस दौरान वैज्ञानिक उनके अध्ययन व डायरियां भी तैयार करते रहे। प्रत्येक सुबह मानसिक स्थिती व मानसिक क्षमता का अध्ययन भी किया जाता था ।

अनुसंधानकर्ताओ ने पाया कि जब वे दम्पति एक ही बिस्तर में सोए तो उन की नींद मे बार बार खलल पडता रहा। ऎसा प्रतीत होता था जैसे दोने की मानसिक तरंगें एक दुसरे की नींद को बाधा पहुँचा रही है जबकि उन्हे अलग-अलग सोने को कहा गया तो उन की नींद सामान्य रही। इस मे रोचक बात यह पायी गयी कि पुरुषो को इस बात की अनुभुति नही थी कि इस तरह एक ही बिस्तर मे सोने से उन की नींद मे बाधा आती है लेकिन महिलाओ को यह बात सपष्‍ट रुप से अहसास होता है कि अलग सोने से उन्हे अधिक अच्छी नींद आती है।

अनुसंधान मे पाया गया कि नींद पूरी न होने के कारण पुरुषो मे हारमोंस का स्तर असंतुलित सा हो जाता है और वे अगली सुबह मानसिक क्षमता परिक्षण मे कमजोर साबित होतें है।

मेरे दिल की शायरी

खुदा जाने मोहबत का क्या दस्तूर होता है,
जिसे मै दिल से चाहता हूँ वही मुझ से दूर होता है।

मेरे दिल का दर्द शायरी मे -5

तुम क्या मिले कि फैले हुए गम सिमट गये,
सदियों के फासले थे जो लम्हो मे कट गये।

मेरे दिले का दर्द शायरी मे -1

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से,
नफरत सी हो गयी है मोहबत के नाम से ।

शनिवार, 4 अप्रैल 2009

मेरा दर्द न जाने कोय -2

गम के सागर में तिनके खुशियों के दूंढ रहा हूँ ,
में जीना चाहता हु फिर भी यारों डूब रहा हूँ .

किर्पया ध्यान दे , जरूरत है आप के खून की ..................

Plz call me,
its urgent.
Ek accident ho gaya hai
..
.
.
.
......Aap ka hi blood group chahiye,
Plz mana mat karna..
.
.
..
.
.
.
Warna..GADHA mar jayega

मेरा दर्द न जाने कोय -1

फिर बेवफा को दोस्त बना बैठे ,
उसकी सादगी से फरेब खा बैठे ,
पथोरों से है अपना रिश्ता पुराना ,
फिर भी शीशे का घर बना बैठे .........................

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2009

वो कोन थी ?

मुकेश अपनी पत्नी के साथ होटल की सीढ़ियाँ उतर रहा था।
तभी सामने से आती हुई महिला ने कहा- हैलो।
उसने जवाब दिया और पत्नी के साथ आगे बढ़ गया।
मुकेश की पत्नी ने पूछा - कौन थी वह?
मुकेश - मैं तो पहले ही यह सोच-सोच कर परेशान हूँ कि वह अगर तुम्हारे बारे में पूछेगी,
तो क्या जवाब दूँगा?

क्या आप को अपने प्यार की परख है ?

कुदरत का सबसे अनमोल तोहफा प्यार है। यह बाँटने से और बढ़ता है तथा अपनी भीनी-भीनी महक को प्रकृति में चारों ओर बिखेर देता है। यूँ तो प्यार के प्रेम, इश्क, लव रोमांस, चाहत, मोहब्बत जैसे कई प्यारे नाम हैं पर प्यार की खूबसूरती पर इन नामों का कोई असर नहीं होता है। लोग बदल जाते हैं, पर प्यार कभी नहीं बदलता है। यह तो ऐसा संक्रामक रोग है जो देखने से भी फैलता है और कभी भी, कहीं भी, किसी को भी हो सकता है।

कुछ लोग कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है। पर प्यार देखकर, समझकर तो किया ही जा सकता है। प्यार क्या है, किससे करें, कब करें ऐसे कई अनसुलझे सवाल हैं कि अगर जानबूझकर इन्हें नजरअंदाज किया जाए तो अंत में निराशा तथा दिल के टूटने की आहट ही सुनाई देती है। कई बार जिएँगे तो साथ-मरेंगे तो साथ ऐसी कसमें खाकर उसे निभाने के वादे तो लोग कर लेते हैं लेकिन प्रेम में परवान चढ़ते-चढ़ते जब जिंदगी की हकीकत से सामना होता है तो सारे सपने उनके कदमों तले टूटकर बिखर जाते हैं और कुछ दिनों का इश्क जीवनभर के अश्क बन जाता है।

यह स्थिति स्वाभाविक भी है क्योंकि जब कोई किसी से सच्चा प्रेम करता है एवं केवल सामने वाले के रूप-रंग से आकर्षित नहीं होता बल्कि उसकी सीख से प्रेम करता है तो वह कभी भी यह जानने की कोशिश नहीं करता है कि वह जिसके इश्क में गिरफ्तार है, वह उसके प्रति क्या सोचता/सोचती है। वह वफादार है या नहीं। उसकी आने वाले भविष्य में क्या योजनाएँ एवं संभावनाएँ हैं। इसी का परिणाम होता है- मोहब्बत में बेवफाई। हालाँकि सभी के साथ ऐसा नहीं होता है कि इश्क में ठोकरें ही मिलें, पर कोई जानबूझकर कुएँ में क्यों कूदे।

कई आशिकों की गाड़ी जब प्यार के प्लेटफार्म से गुजरकर शादी के स्टेशन पर रुकती है तो बिना टिकट के यात्री की तरह इनकी सचाई भी सामने आने लगती है। ऐसे में समझदार माँ-पिता केवल प्यार के नाम पर ही बेटे-बेटी की शादी उस लड़के-लड़की से करने को तैयार नहीं होते हैं जो केवल प्यार का दम भरता है। ऐसे मामलों में अगर कभी शादी हो भी जाए तो लोग कुछ दिनों तक तो मदद करते हैं, फिर तो दोस्त भी कन्नी काट लेते हैं।

WDWD
ऐसे में विवाह भी नाकामयाब हो जाता है और छोटी-सी गलती नासूर बनकर जीवनभर दर्द का अनुभव कराती है। कहने का अर्थ यह है कि जिस प्रकार पैसा कमाने के लिए शिक्षा, अनुभव एवं सीखना आवश्यक है, उसी प्रकार प्रेम को जीवन पर्यन्त सुंदर बनाए रखने के लिए भी यह जरूरी है कि हम इसके बारे में देख लें, परख लें एवं धोखा खाने से संभवतः बचने का प्रयास करें।

यूँ तो प्यार में चोट देने वाला, पहचान के बाद भी चोट दे सकता है। पर फिर भी थोड़ी खोजबीन जरूरी है। आपने देखा भी होगा कि कोई आपको प्यार तो बहुत करता है पर कह नहीं पाता या फिर हमेशा ही जताता रहता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी आप बड़ी उलझनों में भी घिर जाते हैं। इन समस्याओं से बचने और अपने प्यार को परखने के लिए कुछ सामान्य से उपाय करके देखिए-

* अगर सामने वाला चाहता है और आपके लिए कुछ भी करने को तैयार है परंतु इस बात को अहसान बताकर याद दिलाता रहता है तो समझ लेना चाहिए कि वह आपसे प्यार नहीं करता है और आपको अपने अहसानों तले दबाकर रखना चाहता है।


अगर आपको पसंद करने वाला आपकी सभी बातों का समर्थन करे। चाहे गलत हो या सही, तो मानना चाहिए कि सामने वाला आपको पाने के मकसद से ही आपकी गलतियों को छिपा रहा है। ऐसा वह किसी और स्थिति में भी कर सकता है।

* यदि आपका प्रेमी/प्रेमिका आपके सामने ही आपके दोस्त या सहेलियों को मोहने की कोशिश कर रहे हों तो आगे क्या होगा। यह जरूर सोचें। अगर आगे भी वह ऐसा ही व्यवहार रखता है तो वह इनसान प्रेमी तो क्या दोस्त भी नहीं बनाया जा सकता है।

* प्यार में उपहारों का बड़ा गहरा रिश्ता है। यदि कोई आपको ऐसा तोहफा दे जो आपके बहुत काम का हो, तो यह समझना होगा कि वह आपका ख्याल रखता है एवं स्वयं से अधिक आपकी भावनाओं के बारे में सोचता है। ऐसा व्यक्ति आपके लिए बेहतर साथी सिद्ध हो सकता है।

* अगर आपको पसंद करने वाला आपकी सभी बातों का समर्थन करे, चाहे गलत हो या सही, तो मानना चाहिए कि सामने वाला आपको पाने के मकसद से ही आपकी गलतियों को छिपा रहा है। ऐसा वह किसी और स्थिति में भी कर सकता है।

* यदि प्रेमी/प्रेमिका आपकी उन मामलों में भी मदद करे, जो उसकी सीमा के बाहर है तो यह मानना चाहिए कि आपको बहुत चाहता है और सदा काम करने के लिए आगे रहता है।

* अगर कभी प्यार करने वाला आपका जन्मदिन ही भूल जाए या अन्य जरूरी मौकों पर सहयोग न करे और प्यार का दम भरे तो समझ लीजिए कि वह आपके बारे में कम और खुद की रक्षा करने के बारे में अधिक सोचता है।

* यदि कोई लम्बे समय तक आपसे मिलता रहे, प्यार जताता रहे परंतु शादी की बात बिना किसी बड़े कारण के टालता रहे तो निश्चित ही वह आपसे शादी नहीं करना चाहता है। केवल टाइमपास बना रखा है। ऐसे में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

* शादी से पहले ही अगर साथी का व्यवहार एवं माँगें अनुचित हों तथा तरह-तरह के प्रलोभन देकर वह केवल अपनी बात ही मनवाना चाहे तो स्वयं फैसला कीजिए कि ऐसा साथी जीवन के सफर में आप से कितनी वफा निभा सकेगा।

* यदि आपको चाहने वाला आपके अलावा आपके पूरे परिवार को भी उचित मान-सम्मान देता है तथा परिवार में सदस्य की तरह ही व्यवहार करे तो मान लीजिए कि ऐसे व्यक्ति से आप शादी कर सकते हैं।

* शादी से पहले लड़के/लड़की के परिवार संबंधी एवं कामकाज के बारे में भी खोज कर लें। प्रेमी यदि बेरोजगार है तो सोच-समझकर ही प्यार को आगे बढ़ाएँ अन्यथा स्पष्ट बात कर लें।

कुल मिलाकर इन बिंदुओं के आधार पर आप कम से कम यह निष्कर्ष तो निकाल ही सकते हैं कि जिससे आप प्यार कर रहे हैं वह आपके साथ कहाँ तक चल पाएगा। यकीन मानिए इनको अपनाकर अगर आपने अपने दिल को टूटने से बचा लिया तो कभी भविष्य में यह नहीं सुनना पड़ेगा कि

'मुहब्बत है, जरा सोच समझकर रोना,
एक आँसू भी टूटा, तो सुनाई देगा।'

इसलिए प्यार में बेवफाई करने और सहने से अच्छा है कि जब प्यार हो तो प्यार को कसौटी पर घिसकर परख भी लें।

मीठी बाते ये भी है

एक पति ने
अपनी रूखे और झगड़ालू स्वभाव की पत्नी से कहा-
'प्रिये, कान में कोई ऐसी मीठी बात कह दो जिससे मेरे पाँव जमीन पर न पड़ें।'


पत्नी ने तीर सा छोड़ते हुए कहा-
'जाओ, फाँसी लगा लो।'

टेलीफोन पर बाते कैसे कम करे ?

ये कोन सी बीमारी है ?

डॉक्टर साहब, मेरा दिल-दिमाग बिलकुल जवाब दे चुका है। जरा-सी आहट पर उछल जाता हूँ।

दरवाजे की घंटी बजते ही दिल जोर-जोर से धड़कने लगता है। रात को सो नहीं पाता आखिर मेरी बीमारी क्या है। कुछ समझ में नहीं आता? 'एक रोगी ने डॉक्टर से आश्चर्यजनक लहजे में पूछा।

तुम्हारी और मेरी बीमारी में कोई फर्क नहीं है। तुम्हारी तरह मैं भी विवाहित हूँ।' डॉक्टर साहब ने समझाते हुए कहा।

बहका जो कदम बाली उमर मे ..........................

टीन एज में अक्सर किशोर बहक जाते हैं और प्यार, दोस्ती व नए संबंधों के चक्कर में उलझ जाते हैं। एक ओर पढाई का तनाव होता है तो वहीं दूसरी ओर प्रियतम को अपना बनाने की लालसा मन में हिलोरे लेने लगती है।

इस उम्र में जो कुछ भी होता है वो अनुभवों से कम और परिवेश से अधिक सीखा जाता है। यदि इस उम्र में आपके कदम बहकने से संभल गए तो आपका भविष्य सुनहरा हो सकता है।
रहता है कि 'अब आगे मैं क्या करूँ' अपने करियर पर ध्यान दूँ या चोरी-छिपे जिए जा रहे इस नए रिश्ते को दुनिया में एक पहचान दूँ। देखिए, प्यार करना बुरी बात नहीं है परंतु यदि आप अपने पैरों पर खड़े नहीं हुए तो आपका भविष्य अंधकारमय हो सकता है।

ऐसे में आप न तो अपने जीवनसाथी का साथ निभा पाएँगे ना ही उसे खुशियाँ दे पाएँगे। आज के जमाने में दौलत है तो सब कुछ है अन्यथा कुछ भी नहीं।
हर निर्णय के लिए एक सही उम्र होती है इसलिए जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भविष्य में आपके लिए पछतावे का कारण बन सकता है। आपको पूरा हक है अपने हाथों से अपने सपनों को संजोने का। परंतु ऐसा न हो कि अपने एक गलत निर्णय के कारण आपका प्यार लंबी दूरी तक आपका साथ नहीं निभा सके। इसलिए जो कुछ भी करे सोच समझकर करें।

कैसे ले सही फैसला :-
* सबसे पहले अपनी पढाई पर ध्यान दें क्योंकि वो जीवनभर आपका साथ निभाएगी।
* लोगों के बहकावे में न आए। स्वविवेक से निर्णय ले।
* आपका वि‍वेक काम ना करें तो विश्वसनीय मित्र की सलाह लें।
* आपका एक गलत कदम आपके व आपके परिवार के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
* अवयस्कता की उम्र में उठाया गया कोई भी गलत कदम आपके लिए मुश्किलों का कारण बन सकता है।
* अपने दिल की बात अपने परिवारवालों से शेयर करें।

दिल का दर्द --








एक लड़की ने अपने विवाह के अवसर पर अपने पुराने प्रेमी को निमंत्रण पत्र भेजा।
प्रेमी ने विवाह पत्रिका बड़े ध्यान से पढ़ी! और जिससे उसकी शादी होने वाली थी उससे संपर्क किया
बाद में उसे बधाई का तार भेजा, जिसमें लिखा था- 'ईश्वर करे आपकी जिंदगी में ये दिन बार-बार आए।'

गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

दर्द दिल का -2

हमें तो शामे-ग़म में काटनी है ज़िन्दगी अपनी
जहाँ वो हों वहीं ऎ चाँद ले जा चाँदनी अपनी

अगर कुछ थी तो बस ये थी तमन्ना आख़री अपनी
के वो साहिल पे होते और कश्ती डूबती अपनी

जो वो अपने हुए तो सारी दुनिया हो गई अपनी
चमन के फूल अपने, चाँद अपना, चाँदनी अपनी

ख़ुदा के वासते ज़ालिम घड़ी भर के लिए आजा
बुझानी है तेरे दामन से शम्मे-ज़िन्दगी अपनी

वहीं चलिए, वहीं चलिए तक़ाज़ा है मोहब्बत का
वो मेहफ़िल हाय! जिस मेहफ़िल में दुनिया लुट गई अपनी

दर्द दिल का शायरी -12

जिसे दिल की कलम और मोहोब्बत की इंक कहते हैं
जिसे लाब्जो की किताब और यादो का कवर कहते हैं
हां यार, ये वो ही विषय हैं दोस्तो
जिसे लोग शायरी कहते हैं

प्यार एक अन्त्रगता है
एक विशवास है
जीवन के लिए सार्थक प्रेरणा हैं
प्यार बन्धन नहीं मुक्ति हैं
त्याग नहीं तपस्या हैं

मेरे मरने के बाद व मुझे जलाने से पहेले
मेरे इस दिल को निकाल लेना वरना इसमें
जो बसे है वो भी साथ में जल जायेंगे

दर्द दिल का शायरी -11

यु न रूठो मुझसे दिल सहेम सा जाता है
हर पल मे तेरा हे तो ख्याल आता है
दिल तो मेरा सिर्फ़ सांसें लेता है
लेकिन ज़िन्दगी तो ये तुजे बताता है ...

दर्द दिल का शायरी -10

हर शब् प्यारी तेरी याद ,
चाहे दिन हो या हो रात ,
कभी हसती है कभी रुलाती है ,
हर लम हा तेरी ही बात ,
आँखों मे तेरे सपने ,होठो पर तेरी बात ,,
इंतज़ार मे बाई थे हम ,लेकर मिलने की फरियाद

दर्द दिल का शायरी -9

तेरे बिना हम जीना भूल जाते है ,
ज़ख्मों को सीना भूल जाते है ,
तू ज़िन्दगी में सबसे अज़ीज़ है हमे ,
तुजसे हर बार यह कहना भूल जाते है ...

दर्द दिल का

दुनिया हज़ार जुल्म करे उसका गम नही होता,
मारा जो तुमने फूल तो वो पत्थर से कम नही होता।

दर्द दिल का

तुम अपने दोस्तों के जरा नाम तो बता दो,
मै अपने दुश्मनो की तदाद तो समझ लूं ।

दर्द दिल का --

दिल के हर ज़ख्म से आती है वफा की खुश्बु,
ज़ख्म छुप जाऐगे खुश्बु को छुपाऊ कैसे ।

दर्द दिल का शायरी _- 8

जब से देखा है तुमको हमने ,
और कुछ नज़र आता नहीं ,
क्या करें
तुम्हारे सिवाए ,
दिल को कोई और अब भाता नहीं .....

बुधवार, 1 अप्रैल 2009

आज का ब्लोगेर कैसा दीखता है ? देखो


मेरी तस्वीर जो मैंने वेब काम से ली है ................................

मेरे शायरी -7

हमे तो उसने ऐसे ही बना दिया ,
लगता है आपको बनने में अपना सब कुछ लुटा दिया ,
दीवाने हम न थे किसीके ,
लेकिन लगता है आपने आज बना ही दिया ...

आज मेरा दिल उदास है

जान सको तो जान लो
बस एक बार ग़म क्या है पहेचान लो .
जी तो लेते है सभी खुशी में भी यारो ,
कभी तो दो आँसू पलकों पे सजा लो ,
दर्द में तुम भी बह जावो गे एक दिन आँखों का खरा पानी बनकर ,
कभी तो किसी ग़म के मारे को गले से तो लगा लो ........................

मेरे महबूबा की शायरी

महोब्बत में दिल बेकरार करने वाली हूँ ,
बिना दांतों के ये खुमार करने वाली हूँ ,
रब ने तीस साल बाद बदली किस्मत ,
70 की सही पर प्यार करने वाली हु .....................