रविवार, 5 अप्रैल 2009

मेरे दिले का दर्द शायरी मे -1

गुज़रे है आज इश्‍क के उस मुकाम से,
नफरत सी हो गयी है मोहबत के नाम से ।

5 टिप्‍पणियां:

  1. jisko hamne chaha wahi dard de gaya aur jisko bhi sunaya ye wo sabr de gaya.

    उत्तर देंहटाएं
  2. दिल एक को दो किसी नेक को दो यह मँदिर का परसाद नही जो हर एक को दो

    उत्तर देंहटाएं
  3. दिल एक को दो किसी नेक को दो
    यह मंदिर का परसाद नही जो हर एक को दो
    sujeet

    उत्तर देंहटाएं
    उत्तर
    1. SHAM UDAS HAI RAT BHI UDAS HOGI
      SUBAH KAFAN ME LIPTI LASH HOGI
      WO DAFNA NE WALO ZA K UNSE KEH DO
      KAFAN SR BHI UNKE ANE KI AS HOGI

      हटाएं