शनिवार, 4 अप्रैल 2009

मेरा दर्द न जाने कोय -2

गम के सागर में तिनके खुशियों के दूंढ रहा हूँ ,
में जीना चाहता हु फिर भी यारों डूब रहा हूँ .

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