गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

दर्द दिल का शायरी _- 8

जब से देखा है तुमको हमने ,
और कुछ नज़र आता नहीं ,
क्या करें
तुम्हारे सिवाए ,
दिल को कोई और अब भाता नहीं .....

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