बुधवार, 1 अप्रैल 2009

मेरे महबूबा की शायरी

महोब्बत में दिल बेकरार करने वाली हूँ ,
बिना दांतों के ये खुमार करने वाली हूँ ,
रब ने तीस साल बाद बदली किस्मत ,
70 की सही पर प्यार करने वाली हु .....................

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