बुधवार, 1 अप्रैल 2009

आज मेरा दिल उदास है

जान सको तो जान लो
बस एक बार ग़म क्या है पहेचान लो .
जी तो लेते है सभी खुशी में भी यारो ,
कभी तो दो आँसू पलकों पे सजा लो ,
दर्द में तुम भी बह जावो गे एक दिन आँखों का खरा पानी बनकर ,
कभी तो किसी ग़म के मारे को गले से तो लगा लो ........................

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें