बुधवार, 8 अप्रैल 2009

जो जर्नलिस्ट जूता फेंके वो कहलाए 'जरनैलिस्ट'

इंटरनेट की दुनिया से लेकर एसएमएस के खिलाड़ियों के बीच चुटकियों में एक नाम बेहद चर्चा में आ चुका है- जरनैल सिंह।वही युवा सिख पत्रकार जिसने कांग्रेस मुख्यालय में भरे संवाददाता सम्मेलन में 1984 के दंगों के आरोपी कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर को क्लीन चिट दिए जाने पर गुस्सा दिखाते हुए गृह मंत्री चिदंबरम की ओर जूता उछाल कर सिखों के आक्रोश को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया।हर मुद्दे को कभी बेहद गंभीर तो कभी बेहद मजाकिया अंदाज में गर्मागरम चर्चा में तब्दील करने के लिए मशहूर ब्लॉग और एसएमएस की दुनिया ने जरनैल सिंह को हाथों-हाथ लिया है और इंटरनेट के हजारों पेज इस अनजाने से युवा सिख पत्रकार को समर्पित हो गए हैं।एक दिलचस्प एसएमएस पत्रकार बिरादरी में धड़ल्ले से घूम रहा है। इसमें सवाल किया गया है कि जूता फेंकने वाले जर्नलिस्ट को क्या कहेंगे। जवाब में लिखा गया है-जरनैलिस्ट। एक ब्लॉग पर जनरैल सिंह को नया नाम दिया गया है, जरनैल सिंह दिल्लीवाला। जरनैल के लिए एक अन्य ब्लॉग चर्चा में 'जरनैल सिंह इज किंग'।गंभीर चर्चाओं को देखें तो लगभग सभी का मत यही था कि जनरैल ने अपना रोष प्रकट करने का गलत तरीका अपनाया, लेकिन यह भी राय सामने आ रही है कि इस पत्रकार ने सिखों के ढ़ाई दशक से रिसते घावों पर मरहम रखा है।एक ब्लॉग में कहा गया है कि इस घटना के बाद जरनैल सिंह और कांग्रेस दोनों ने ही बेहद परिपक्वता का परिचय दिया। अपने किए पर जरनैल के पछतावे की सब ने सराहना की है और पत्रकार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने तथा चिदंबरम की विनम्रता को भी खूब तारीफ मिल रही है।

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