रविवार, 5 अप्रैल 2009

मर्द सुबह मानसिक रुप से कमजोर होते हैं ?

कह्ते है कि एक अच्छी नींद और सफल दाम्पत्य जीवन किसी भी पुरुष व महिला के लिए अवशयक होता है लेकिन कभी कभी ऎसी बातें सामने आती है जो किसी को भी चौका सकती है। अभी तक यही समझा जाता रहा है कि पति पत्‍नी एक ही वैड पर शयन करना दोनो की निकटता मे बृद्धि करता है । अब एक नए अनुसंधान से जो बात सामने आयी है वह पुरुषों को काफी चौकाने वाली हो सकती है। इस के अनुसार रात्री को अपने पत्‍नी के साथ एक ही बिस्तर पर शेयन करने वाले पुरुष के मानसिकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड सकता है।

वियाना यूनिवर्सिटी के प्रौफेसर जेर्हाट कोलोसेके के नेतृत्व मे औस्टियन वेज्ञानिको के एक टीम ने अपने अनुसंधान से यह निष्कर्ष निकाला है कि रात्रि से सोते समय पति और पत्‍नी का सोने के तौर तरीके अलग अलग होतें हैं तथा एक दुसरे के नीदं मे खलल डाल सकतें हैं फोरम ओफ यूरोपियन न्यूरो सांसिस के अनुसार एक ही विस्तर पर सोने वाले दम्पति को एक दुसरे की मानसिक तरंगो से जो व्य्वधान होता है उस से दोनो की नींद मे बाधा पडती है लेकिन पति के मानसिकता पर अधिक प्रभाव पड्ता है जबकि पत्‍नी के मानसिकता पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड्ता है। वैसे यही बात प्रेमी प्रेमिकाओ या अविवाहित जोडो पर भी लागू होता है।

अनुसंधान मे पाया गया है कि ऎसी स्थिती मे अगली प्रात: पुरुषो का मास्तिष्क अपेक्षाकृत शिथिलता से काम करता है । जिन दम्प्‍तियों पर यह अनुसंधान किए गए 10 रात तक बिस्तर पर सोने तथा 10 रातें अलग-अलग बिस्तर पर सोने को कहा गया इस दौरान वैज्ञानिक उनके अध्ययन व डायरियां भी तैयार करते रहे। प्रत्येक सुबह मानसिक स्थिती व मानसिक क्षमता का अध्ययन भी किया जाता था ।

अनुसंधानकर्ताओ ने पाया कि जब वे दम्पति एक ही बिस्तर में सोए तो उन की नींद मे बार बार खलल पडता रहा। ऎसा प्रतीत होता था जैसे दोने की मानसिक तरंगें एक दुसरे की नींद को बाधा पहुँचा रही है जबकि उन्हे अलग-अलग सोने को कहा गया तो उन की नींद सामान्य रही। इस मे रोचक बात यह पायी गयी कि पुरुषो को इस बात की अनुभुति नही थी कि इस तरह एक ही बिस्तर मे सोने से उन की नींद मे बाधा आती है लेकिन महिलाओ को यह बात सपष्‍ट रुप से अहसास होता है कि अलग सोने से उन्हे अधिक अच्छी नींद आती है।

अनुसंधान मे पाया गया कि नींद पूरी न होने के कारण पुरुषो मे हारमोंस का स्तर असंतुलित सा हो जाता है और वे अगली सुबह मानसिक क्षमता परिक्षण मे कमजोर साबित होतें है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें