शुक्रवार, 10 अप्रैल 2009

प्यार को जिंदा रखें

आप जानते हैं कि वह आपके लिए स्पेशल है। तभी से जब से आप ने उसे पहली बार देखा। अब आपका सपना पूरा हो गया और वह आपकी जीवनसाथी है। उदासीन वैवाहिक जीवन को विवाह पूर्व की तरह ताजा रखना आज भी आपके हाथ में है। जीवन की सारी जिम्मेदारियों जिम्मेदारियों व आवश्यकताओं को पूरा करते हुए आप इस प्रेम को बरकरार रख सकते हैं-
1. चॉकलेट दें : याद है वह दिन जब सबकी नजरों से छिपा कर आप उसे उसकी पसंदीदा चॉकलेट दिया करते थे। आज भी देकर देखिए उसका चेहरा नई आभा से खिल उठेगा।
2. छेडिए मत : वह आप ही के लिए देर तक सजना-संवरना चाहती है। इसके लिए उसे छेडिए मत। उसे उसकी खूबसूरती का एहसास कराइए।
3. टालिए मत : सुबह घर से निकलते हुए जल्दी में जो विदा लेनी आप भूल गए, उसे सुधारने का मौका शाम को मिला है हाथ से जाने मत दें। लंबे इंतजार के बाद ये क्षण आपके हैं। 4. हाथ थामें : कभी-कभी बिना कुछ कहे मजबूती से पकडे हाथ बहुत बडा संबल होते हैं। स्पर्श थेरेपी विशेषज्ञों के अनुसार यह स्पर्श बडे काम की चीज है।
5. नई तकनीक आजमाएं : ईमेल, एसएमएस किस दिन के लिए हैं। कभी-कभी इनका इस्तेमाल अपने प्यार के इजहार के लिए करें। विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के प्रयोग बेहतर असर डालते हैं।
6. एक नोट लिखिए : एक कागज के टुकडे पर उनके लिए कोई अच्छा रिमार्क या उम्दा वाक्य लिख कर छोड दीजिए। उसे ऐसे रखें कि वह उसे पढे और मुसकराए बिना न रह सके।
7. अपनी पहली डेट को याद करें : जब पत्नी को डेट पर ले जाने की बात कहेंगे तो देखिएगा पहले वाली स्मित मुसकान चेहरे पर विराजमान हो जाएगी।
8. कम्युनिकेट करें : पत्नी को पूरे तौर पर जीवन में शामिल करें। दिन में कई बार छोटी-छोटी बातें फोन पर कर उसे अपने प्रोग्राम से अवगत कराएं। जरूरी विषयों पर राय भी लें।
9. फूल दें : प्यार के इजहार का फूलों से अच्छा कोई और विकल्प नहीं। कभी-कभी बेवजह भी छोटा सा बुके पत्नी के लिए खरीद कर उसके ऑफिस या घर पर भिजवाएं।
10. सराहना करें : दूसरों की उपस्थिति में पत्नी की तारीफ करने से उसे प्रोत्साहन मिलेगा। अपनी पसंद पर उसे गर्व होगा।
11. सरप्राइज डेट पर ले जाएं : किसी को अपने बच्चों की जिम्मेदारी सौंप कर चुप-चाप अपनी पत्नी को एक या दो दिन के लिए बाहर लेकर जाएं। देखिएगा कई महीनों तक उसे ये डेट याद रहेगी।
12. सॉरी कहिए : यदि गलती हुई है तो माफी मांगने में संकोच मत करिए। सॉरी कहने से आप छोटे नहीं होंगे बल्कि आपका सम्मान पहले से कहीं ज्यादा बढ जाएगा।
13. काम का तनाव छोड कर आएं : यदि ऑफिस में काम ज्यादा है तो उसका प्रेशर घर ले आने की जरूरत नहीं। इसका मतलब यह नहीं कि आप उससे अपने काम व उसके तनाव की चर्चा नहीं कर सकते, लेकिन घर के माहौल पर इसका असर न पडे।
14. कुछ भी न छिपाएं : अपनी पत्नी के प्रति ईमानदार रहिए। संपर्क हमेशा बनाए रखें और सभी महत्वपूर्ण विषयों पर खुल कर बातचीत करें।
15. लापरवाही न बरतें : कोई पत्नी ऐसे पति को पसंद नहीं करती जिसकी एक भी चीज में नुक्स हो। चाहे उसकी कार हो या फोन, कपडे हों या जूते सभी परफेक्ट होने चाहिए।
16. कांप्लीमेंट दें : हर व्यक्ति अपनी सराहना चाहता है। लेकिन पत्नी तो बहुत छोटी सराहना से ही खुश हो जाती है कि वह आज भी किसी की नजरों में स्पेशल है। वह प्रशंसा भले ही कुछ भी खर्च न कराए, लेकिन पत्नी के लिए बेशकीमती हो सकती है।
17. पसंदीदा उपहार दें : किसी भी स्त्री के पसंदीदा उपहार जैसे परफ्यूम या सुंदर सी एक साडी दें।
18. विशेष दिन न भूलें : अपने फोन में रिमाइंडर, कैलेंडर में निशान लगा कर सभी खास दिनों को रखें जिससे उन्हें भूले नहीं।
19. गुडनाइट करना न भूलें : दिन भर की व्यस्तता व थकान के बाद रात को मधुर मुसकान के साथ गुडनाइट किस करना न भूलें।
20. घर पर ध्यान दें : ऐसा न हो कि आपकी पूरी व्यस्तता व सारे काम ऑफिस के लिए ही हों। अकसर पति घर की जिम्मेदारियों के प्रति सजग नहीं रहते। यदि पत्नी का दिल जीतना चाहते हैं तो इस तरफ भी ध्यान दें।
21. नकारात्मक न बनें : उन चीजों को पकडने की कोशिश मत करिए जिन्हें आपकी पत्नी ने नहीं किया। प्रसन्नचित्त रहने की कोशिश करें। नकारात्मक चीजों को अनदेखा करिए या प्यार से हल करिए।
22. सुनना सीखें: स्त्रियां स्वभाव से ही बातूनी होती हैं। ऐसे में आप एक अच्छे श्रोता की भूमिका निभा उसका दिल जीत सकते हैं।
23. धैर्य रखें : कुछ दिन ऐसे भी होते हैं जो स्त्रियों की मानसिकता को बदल देते हैं। ऐसे समय में उन्हें समझने की कोशिश करिए और उन्हें सहयोग दीजिए।
24. गलती स्वीकार करिए :गलती होने पर यदि व्यक्ति खुद स्वीकार कर ले तो आधी से ज्यादा समस्याएं अपने आप सुलझ जाती हैं।
25. उसके लिए त्याग करिए : जैसे आपकी पत्नी आपकी खुशी व सुविधा का पूरा खयाल रखती है वैसे ही आप भी उसकी खुशी का पूरा ध्यान रखिए।
26. कवि बनिए : हंसिए मत, शायर की पंक्तियां याद करिए-कहीं कवि न बन जाऊं तेरे प्यार में कविता। पत्नी के लिए कभी-कभी तुकबंदी कर या रोमांटिक गीत गुनगुना कर आप अपने रोमांस को जिंदा व ताजा कर पाएंगे।
27. रलेक्स करिए : कई बार अत्यंत थकान व तनाव के क्षणों में धीरे से सिर सहलाने या मालिश करने से वह रिलेक्स हो जाएगी।
28. किसी खेल में शामिल हों : का‌र्ड्स हों, चेस या तंबोला, कभी-कभी फुर्सत पाते ही कुछ गेम ऐसे खेलें जिन्हें खेलने में मजा आए व आप हार कर उसे जीतने की खुशी दें।
29. देर होने पर सूचना दें : जब भी किसी काम में देर हो रही हो तो कोशिश करें कि उसे पहले से बता दें। अन्यथा कई दिन तक कोपभाजन बनना पडेगा।
30. सहयोग दें : काम ज्यादा होने पर या पर्व या पार्टी में घरेलू कामों में उसकी मदद कर देंगे तो बहुत अच्छा तो लगेगा ही, आपकी भावनाओं को भी वह सराहेगी।
31. कैंडल लाइट डिनर करें : साथ-साथ बिना किसी खास अवसर के भी कैंडल लाइट डिनर माहौल को रोमांटिक बनाने के साथ आपके मूड को भी परिवर्तित कर देता है।
32. रोमांटिक फिल्म दिखाएं : कभी किसी वीकएंड में पत्नी को रोमांटिक फिल्म या नाटक दिखाने ले जाएं। अच्छा नाटक देर तक दिलो-दिमाग पर छाया रहता है।
33. कभी अतिरिक्त पैसा दें : कभी-कभी पत्नी को घर खर्च के अलावा भी कुछ अतिरिक्त पैसा दीजिए। इससे उसे अच्छा महसूस होगा और वह अपनी मर्जी से कुछ खरीद पाएगी।
34. वजन को लेकर ताने न दें : बढता वजन किसी भी स्त्री के लिए सबसे संवेदनशील विषय है। इसलिए कभी भूलकर भी इसके बारे में उससे बात मत करिए।
35. फाइनेंस पर बहस न करें : घरेलू वित्तीय मामलों में कभी पत्नी से बहस न करें यह पूर्णतया उसका अपना क्षेत्र है। इसमें जितनी दखलअंदाजी करेंगे, उतनी ही मुसीबत मोल लेंगे। आपकी शादी वित्तीय मामले से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
36. विवाह की यादें ताजा करें : शादी के बाद की कुछ यादगगार यादें या बातें कर उसे एक बार फिर से रोमांचित कर दें।
37.पूजा करें : साथ-साथ धर्म-कर्म करने से प्यार और विश्वास दोनों बढते हैं।
38. आदर करें : उसकी अच्छी बातों का सम्मान करें जिससे उसे ऊर्जा मिले व उत्साह भी। जब आप उसका सम्मान करेंगे तभी अन्य लोग भी उसका सम्मान करेंगे।
39. जिम्मेदारी बांटें: अपनी पत्नी व परिवार का पूरा ध्यान रखें। उसकी कुछ जिम्मेदारियों को बांट लीजिए।
40. उसकी जरूरत जताएं : उसे इस बात का एहसास कराते रहिए कि आपको उसकी आवश्यकता है, आपका जीवन उसके बिना अधूरा है।
41. रोने दें : कभी-कभी मन का गुबार निकालने के लिए रोना जरूरी होता है, इसलिए उसे रोने दें। अपनी बाहों व कंधे का सहारा दें।
42. नियंत्रण रखें : संवेदनशील होने के कारण स्त्री जल्दी उत्तेजित हो जाती है। इसलिए उसे कुछ भी कहने से पहले ध्यान रखें।
43. दूसरों की उपस्थिति में गलती न निकालें: कभी भी दूसरों के सामने उसकी गलतियों के बारे में न बताएं इससे वह चिढ जाएगी और सही चीजों को भी गलत तरीके से लेगी। विशेषकर फैशन व मेकअप के बारे में। 44. पत्नीभक्त बनिए : हमेशा अपनी आंखों को, मन को, वाणी को, विचारों को और शरीर को अपनी पत्नी की तरफ ही केंद्रित रखिए।
45.समय दें : उसकी मन की बातें जानने व समझने के लिए अपनी पत्नी को पर्याप्त समय दीजिए।
46. माफ करना सीखें : पत्नी ने ऐसा कुछ भी कर दिया है जो आपको तकलीफ दे रहा है तो उसे माफ कर दीजिए। कडवडाहट रिश्तों के लिए घातक होती है।
47. अपने घर का नेता बनें : घर पत्नी के अधिकार क्षेत्र में है, वहां जल्दी किसी की नेतागिरी नहीं चलती। यदि आपमें घर चलाने के बेहतर गुण हैं तो अपनी पत्नी की सलाह मशविरे के बाद ही नेतागिरी संभालें।
48. साफ-सुथरे रहिए : सफाई से रहने वाला व प्रभावशाली व्यक्ति हमेशा स्त्रियों को आकर्षित करता है। अपने को ग्रूम करिए व मनभावन खुशबू से महकाइए।
49. सुरक्षा का एहसास कराएं : आपके प्यार में इतनी सुरक्षा होनी चाहिए कि आपकी पत्नी अपने को सुरक्षित महसूस करे।
50. उसकी आवश्यकताएं समझें : सेक्सुएली आपकी पत्नी की क्या आवश्यकताएं हैं, इसे समझना भी उतना ही जरूरी है जितना कि उसके प्यार को समझना।
51. तीमारदारी करें : उसके बीमार होने पर उसका ध्यान रखें, घर के कामों में हाथ तो बंटाएं ही, उसे डॉक्टर के पास ले जाएं व खाने-पीने व दवाओं का भी ध्यान रखें।
52. नकारात्मक तुलना न करें : दूसरी स्त्रियों से अपनी पत्नी की तुलना करने से हमेशा नकारात्मक असर पडता है।
53. शांत हो जाएं : जब भी पत्नी को गुस्सा आए आप शांत रहने की कोशिश करें। थोडी देर बाद अपना पक्ष रखें।
54. मुखर होइए : प्यार के इजहार के क्षणों में मुखर होने की कोशिश करिए, इससे वह आपकी आवश्यकताओं को जान सकेगी और आप उसकी।
55. शॉपिंग करिए : ऐसा सामान खरीदें जिसकी शॉपिंग करना आप दोनों को पसंद हो। शॉपिंग स्त्रियों का मनपसंद शगल है।
56. सपने पूरे करने के लिए उत्साह बढाइए : यदि आपकी पत्नी के कुछ सपने व लक्ष्य हैं तो उन्हें पूरा करने में अपनी पत्नी की सहायता करिए।
57. दयालु व उदार बनिए : रिश्तों को मधुर बनाने के लिए उदार व नम्र बनना जरूरी है। कठोर व्यवहार तकलीफ पहुंचाता है।
58. पिछली बातें न दोहराएं : जो कुछ बीत गया उसे भुला कर कडवी यादों को अलविदा कहें और अच्छी बातों को याद रखें।
59. फ्लर्ट करें : कभी-कभी पत्नी के साथ स्ट्रीट रोमियो वाला व्यवहार करिए। देखिए उसे युवावस्था के दिन याद आ जाएंगे।
60. ध्यान रखें : उन बातों का ध्यान रखिए जिनसे आपकी पत्नी चिढती है जैसे गीला तौलिया बिस्तर पर छोडना, उतरे कपडे जमीन पर छोडना या जरूरी कमिटमेंट को अकसर भूल जाना तथा समय की पाबंदी।
61. उसके घरवालों का सम्मान करें : यह ध्यान रखें कि जैसे आपको आपके घरवालों का खयाल है वैसे ही उसे भी है। इसलिए उसके घरवालों की इज्जत करने से आपकी इज्जत भी उसकी नजरों में बढेगी।
62. दोस्त बनिए : अपनी पत्नी का अच्छा दोस्त बनने की कोशिश करिए, ऐसा दोस्त जिससे वह अपने मन की हर बात शेयर कर सके।
63. उसके विचारों का सम्मान करें : यदि किसी संबंध में उसका विचार आपसे अलग है तो उसे सुन कर समझने की कोशिश करें। न तो अनसुना करें न ही अवहेलना करें।
64. बुरी आदतें छोड दें : ऐसी आदतें जो पत्नी को तकलीफ पहुंचाती हैं, उनसे दूर रहने की कोशिश करें।
65. सेक्स के पीछे न भागें : हर समय सेक्स के पीछे दीवाने ना रहें। याद रखें कि प्यार में धैर्य चाहिए।
66. शेफ बनिए: कभी-कभी रसोई में जाइए और पत्नी की कुकिंग की जिम्मेदारी संभालिए। कोई डिश बनाइए जो पत्नी को पसंद हो व बच्चों की भी पसंदीदा हो।
67. उसकी खुशी के लिए समर्पित होइए: केवल खुश करने के तरीके ही नहीं खोजिए उसकी खुशी का भी पूरा ध्यान रखिए। उसकी खुशी पर पूरे परिवार की खुशी निर्भर है।
68. दूसरा हनीमून प्लान करें : यह कोई जरूरी नहीं कि शादी के ज्यादा दिन बीत जाने पर आप अगला हनीमून प्लान नहीं कर सकते। ऐसा करने से रिश्ते पहले की तरह खुशनुमा हो जाएंगे।
69. अपनी पसंद पर गर्व करें : जब तक आप अपनी पसंद को सही नहीं समझेंगे और उस पर विश्वास नहीं रखेंगे तब तक दूसरे भी उसे वैसे ही कैजुअली लेंगे।
70. आगे की सुध लें: यदि आज तक इन बातों को नहीं अपनाया तो कोई बात नहीं अब अनुकरण करिए। जब जागो तभी सवेरा।

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