बुधवार, 8 अप्रैल 2009

माया वती और चुनाव आयोग की रस्सा कशी

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती ने प्रथम चरण के मतदान से ऐन पहले अफसरों को हटाने पर एतराज जताया है। कहा है कि अगर ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।
मुख्यमंत्री मायावती बुधवार को नागपुर-मुंबई के चुनावी दौरे पर रवाना होने से पहले लखनऊ में पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पहले चरण के मतदान के लिए कुछ दिन ही शेष बचे हों, ऐसे में प्रमुख सचिव-गृह जैसे जिम्मेदार अधिकारी को हटाने से दूसरे अफसरों का मनोबल गिरेगा। यह तबादले निष्पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। राज्य सरकार को विश्वास में लिए बिना अधिकारियों को हटाया गया और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी तो उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी। राजनेताओं के साथ कोई हादसा हो जाता है तो उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं, आयोग की ही होगी।
मुख्यमंत्री का कहना था कि विरोधी पार्टियों की शिकायत पर अधिकारियों को हटाकर चुनाव आयोग गलत संदेश दे रहा है। कई ऐसे डीएम और एसएसपी बिना कारण के हटाए गए हैं, जिनके खिलाफ न तो कोई शिकायत थी और न ही किसी ने चुनाव आचार संहिता को लागू करने में कोताही की थी। उन्होंने कहा-आश्चर्य की बात यह है कि नई तैनाती के लिए राज्य सरकार से कोई पैनल भी नहीं मांगा गया। जबकि नियमानुसार ऐसा होना चाहिए। इसके लिए आयोग को पत्र लिखा है। शायद इसी का असर है कि प्रमुख सचिव गृह के लिए तीन अधिकारियों का पैनल मांगा है।
मायावती ने कहा कि अगर किसी अधिकारी के कामकाज से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं था तो उसे राज्य सरकार को सूचित करना चाहिए था। सरकार कार्रवाई न करती तो आयोग को यह कदम उठाना चाहिए था किंतु उसने राज्य सरकार को विश्वास में लेना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए कटिबद्ध है।
बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट शब्दों में कहा-'चुनाव आयोग बिना किसी जांच पड़ताल के राजनीतिक कारणों से अधिकारियों को हटा रहा है। यह न्यायपूर्ण नहीं है। मैं चुनव आयोग की यह गलतफहमी दूर करना चाहती हूं कि अधिकारियों के माध्यम से किसी को लाभ लेने की छूट नहीं दी जाएगी। चुनाव शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष होंगे।'
फतेह बहादुर अब प्रमुख सचिव सीएम
लखनऊ। चुनाव आयोग के निर्देश पर हटाए गए प्रमुख सचिव गृह कुंवर फतेह बहादुर सिंह को बुधवार को पुन: महत्वपूर्ण पद सौंप दिया गया। उन्हें अब मुख्यमंत्री मायावती ने अपना प्रमुख सचिव नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री द्वारा अफसरों को हटाने के मसले पर चुनाव आयोग के प्रति एतराज जताने के कुछ देर बाद ही फतेह बहादुर को नई नियुक्ति दे दी गई।
गृह सचिव महेश गुप्ता ने लखनऊ में बताया कि कुंवर फतेह बहादुर सिंह को प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। चुनाव आयोग ने फतेह बहादुर को प्रमुख सचिव गृह के पद से हटाने के लिए मंगलवार को निर्देश जारी किया था।

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