सोमवार, 13 अप्रैल 2009

एक छोटी सी अर्ज

अपने गमो पर हँसता रहा मै हे पर्भु ,
और आप भी मुझे हँसाते रहे ,
तम्मना मेरे एक ये पुरी करना बस ,
कभी मुझे भी खुशी के आशु देना

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें