मंगलवार, 5 मई 2009

दर्द दिल का - बगावत 9

बंद आँखों मे कुछ नजाकत है
तनहा सांसो मे कुछ शरारत है
लगता नही अब दिल तेरे बिन अब सनम
की तेरे बिना ये ज़िन्दगी अब बगावत है

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