मंगलवार, 5 मई 2009

साथी के साथ ...................

साथी के साथ कदम से कदम मिलाना सीखो
मोहबत मे हर गम को तुम भुलाना सीखो
यु तो हर कोई साथी से कितने वादे करता है
पर तुम उन वादों को वफ़ा से निभाना सीखो ..........

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