मंगलवार, 30 जून 2009

एक कहानी - मुर्दे का तोहफा

आज चाहे हमारे देश में दुनिया का एक से एक बढिया सामान बन रहा है, लेकिन न जाने अधिकतर लोगों के मन को अभी भी विदेशी चीजें क्यूं बहुत भाती है | कुछ लोग तो इन विदेशी चीजों के दिवाने होते है | कोई भी परिवार का सदस्य या रिश्तेदार जब कभी भी विदेश से आ रहा हो तो हर आदमी एक लंबी चोडी सामान मंगवाने की लिस्ट तैयार रहती है | फिर चाहे वो भारत की बनी हुई ही वस्तु वहां से खरीद कर ले आये ? अगर कोई रिश्तेदार अचानक विदेश से आया है, तो हर आदमी को यह आस रहती है, कि विदेश से उनके लिये कुछ न कुछ तोहफा लेकर जरुर आया होगा |

अगर देखा जाए तो जीवन में तोहफे किसे अच्छे नहीं लगते ? हर खुशी के मौके पर हम सब न सिर्फ दोस्तों-यारों को बल्कि रिश्तेदारों को अक्सर तोहफे देते और लेते रहते है | बच्चों को तो जन्मदिन के तोहफों का सारा दिन इन्तजार रहता है | कुछ दिन पहले सुबह-सुबह हमारे वीरु साहब और उनके कुछ रिश्तेदार पंजाब से दिल्ली आये, तो पूछने पर उन्होने बताया कि हमारी दादी जो छोटे भाई के पास कनडा गई हुई थी | उनका वहीं देहान्त हो गया है | आज हवाई जहाज से उनका पार्थिव शरीर आ रहा है | हम सब उसी को लेने के लिये आये है | बर्जुगों के प्रति आदर और स्नेह देख कर बहुत अच्छा लगा कि इन सबको अपने बर्जुगों से कितना प्यार है जो सब कामकाज छोडकर पुरा परिवार पंजाब से यहां दिल्ली दादी के पार्थिव शरीर को लेने आये है |

हवाई अड्डे पर कुछ कागजी कार्यवाई करने के बाद जब दादी के मृत शरीर का कफन घर लेकर आये तो सारा परिवार इक्ट्ठा हो गया | मुंह दिखाई के लिये कनाडा से आये मृत शारीर के कफन का जब ढक्कन खोलने की कोशिश शुरु की तो वो सब तरफ से बहुत ही मजबूती से पैक किया हुआ था | बक्से के किसी भी कोने में कोई जगह खाली नहीं छोडी गई थी | सबसे ऊपर एक चिठ्ठी रखी हुई थी जिस पर वीरु भाई साहब का नाम लिखा था | उस छिठ्ठी का विषय कुछ इस प्रकार से था |

प्रिय वीरु भाई साहब एवं बंसती भाभीजी को नमस्कार | दादी जी के अचानक गुजर जाने का बहुत ही अफसोस है | मैं दादी जी का मृत शरीर भेज रहा हूँ | उनकी आखरी इच्छा थी कि उनका अन्तिम संस्कार पंजाब में उनके पैतृक गांव में ही किया जाये | मैं खुद भी साथ आना चाहता था, लेकिन मेरी सारी छुटियां इनके इलाज में पहले ही खत्म हो गई हैं | अब सिर्फ तनख्वाह के बिना ही छुट्टी मिल सकती थी, वो मेरी बीवी ने लेने से मना कर दिया है |

दादी के कफन में उनके शरीर के नीचे बच्चों के लिये काफी सारी मंहगी वाली चाकलेट, वैफर और बिस्कुट रखे है | कुछ बादाम और काजू के पैकट भी दादी के दांये बाजू के नीचे छिपा कर रखे हुए हैं | दादी के पैरों में एक स्पोर्टस जूते डाले हुए है, वो निकाल कर बंटी को दे देना, उसने इसके लिये कई बार मुझे फोन किया था | दादी पैरों में अलग-अलग रंग और डिजाइन की एक दर्जन जुराबें डाली हुई है, वो आप सब मिल कर बांट लेना | उम्मीद है कि आपको डिजाईन और रंग पसन्द आयेंगे और साईज भी पूरा होगा |

हमने दादी को अलग-अलग डिजाईन की छह टी-शर्ट भी पहना दी थी बडा साईज बंटी के लिये छोटा बबली और चिटूं को दे देना | पिता जी के लिये एक मंहगी घडी भी दादी के दांये हाथ पर थोडा ऊपर बांधी है | उसे भी संभाल कर उतार लेना | बुआ जी और चाची जी के लिये सोने का बना हुआ एक-एक गले का हार और कुछ अंगूठियां भी दादी के हाथों की अगुलियों और गले में हार लगा हुआ है | यह सब भी उन्हें ठीक से पंहुचा देना |

कफन के निचले हिस्से में कुछ गर्म सूट के कपडे रखे है वो आप सर्दियों में सिलवा लेना | भाई साहब आपके लिये मैंने दो बढिया वाली जीन्स भी दादी को पहना कर भेजी है | वो भी आप अंतिम संस्कार से पहले ठीक से उतार लेना | अगर इस सब के अलावा किसी और सामान की जरुरत हो तो जल्दी पत्र भेज देना क्योंकि दादा जी की भी तबीयत ठीक नहीं रहती | मुझे नहीं लगता कि वो ज्यादा दिन तक चल पाएगें | बाकी सारा सामान उनके कफन के साथ भेज दूगां |


रविवार, 28 जून 2009

फैट की फाइन लाइन

फैट शब्द सुनते ही ज्यादातर लोग डर जाते हैं। लेकिन, ऎसे लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि हमारे लिए बॉडी फैट बहुत आवश्यक है। यह बॉडी के बायोलॉजिकल फंक्शन में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। लेकिन, यह जितना जरूरी हो उतना ही होना चाहिए। इसकी एक फाइन लाइन होती है, वो भी खासकर पेट के आसपास। यदि ये फाइन लाइन क्रॉस हो जाती है तो आपके लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। एक रिसर्च के अनुसार वे लडकियां, जिनकी वेस्ट लाइन 35 इंच है या उससे ज्यादा होती है, उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। यह बात उन पुरूषों के लिए भी लागू होती है, जिनकी 40 से ज्यादा वेस्ट लाइन होती है।

कम करें बेली फैट
मुफा फैट के लिए एक बेस्ट एंटीडोट है। मुफा मेनोस्ट्रेटेड फैट एसिड है जो अखरोट, बादाम, मसटर्ड ऑइल, पल्सेस, मैथी दाना आदि में पाया जाता है। ये फूड आपकी लाइफ को सचमुच बदल सकते हैं। संतृप्त फैट की अपेक्षा जहां प्रत्येक कार्बन एटम हाइड्रोजन एटम से संबद्ध है, जो इसे चिपचिपा और अमिट फैट बनाता है। मुफा से भरपूर डाइट बॉडी के फैट को बर्न करने के रेट को भी बढाता है।

इमोशंस को करें फेस
आप क्या खा रहे हैं, कब खा रहे हैं, और कैसे खा रहे हैं। इसका आपके इमोशंस और भावनाओं पर काफी असर पडता है। इमोशनल ईटिंग को हराना बहुत जरूरी होता है। यदि आप ऎसी कोई लालसा महसूस करें तो अपनी बॉडी से पूछें कि क्या आप भूख महसूस कर रहे हंै। इमोशनल ईटिंग से बचने के लिए कोपअप स्ट्रेटजी अपनाएं न कि अपना ध्यान कहीं और केंद्रित करें। यदि आप इमोशनल हों तो घर की सफाई करने या कोई और काम करने की जगह ऎसा काम करें जो आपके इमोशंस बाहर निकाले। खाने की इच्छा से छुटकारा पाने के लिए इमोशंस को फेस करना ज्यादा बेहतर है बजाय उनसे भागने के।

सोडियम लें निश्चित मात्रा में
सोडियम पानी को खींचता है। इसलिए जब हम यह अधिक मात्रा में लेते हैं तो वह तरलता को इकटा करता जाता है। सोडियम को कट कर आप बॉडी को बैलेंस कर सकते हैं। लेकिन, एक निश्चित मात्रा में इसे लेना जरूरी है। पास्ता, केला या वल्याकार बे्रड लेना कम कर दें, ताकि बॉडी को स्टोर्ड फैट को बर्न करने का समय मिल जाए।
*फ्राइड फूड- अधिक फ्राइड फूड खाने से भी आपका पेट बढ सकता है।
*च्युइंगम- कुछ समय के लिए पेट को कम करने के लिए जब हम च्युइंगम चबाते हैं तो उसके साथ आप हवा भी निगलते हो जो पेट को बढाती है।

सिर्फ पेट भरने के लिए न खाएं
कई बार ऎसा होता है कि भूख लगने के बाद कुछ इस तरह के ईटेबल आइटम्स खा लिए जाते हैं जिनसे ज्यादा मात्रा में फैट शरीर में पहुंचता है, लेकिन इसका नुकसान यह होता है कि इससे पेट तो नहीं भरता है बस कैलोरीज बढती ही जाती है। खाते समय हम यह ध्यान नहीं रखते हैं कि जो भी हम खा रहे हैं वह सिर्फ स्टमक फुल करने के लिए है या उससे पोषण भी मिल रहा है। फ्राइड आइटम्स के बजाय भुने हुए या स्प्राउटेड लें तो इससे स्टमक भी फुल होगा और पौष्टिक आइटम्स भी शरीर को मिलेंगे। डाइट शेड्यूल प्लान करते समय लिक्विड आइटम्स भी प्लान करें। इसमें नारियल का पानी और मौसंबी जूस अधिकता से हो तो भी नुकसान नहीं करते।

कम कर सकते हैं कैलोरी
आप कितनी कैलोरी लेते हैं और कितनी बर्न करते हैं यह फिजिकल एक्टिविटी पर निर्भर करता है। उसी के अनुसार हमें कैलोरी की जरूरत होती है। यदि हमें फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करना है तो उतनी ही कैलोरी की जरूरत होगी। यदि कोई फिजिकल एक्टिविटी को बढा नहीं सकता तो वह अपने खान े में कैलोरी कम कर सकता है।

वजन कम करने के लिए
*ऑफिस में लिफ्ट की जगह पैदल चढकर जाएं।
*खडे अनाज खाएं।
*छिलकेयुक्त दालें खाएं।
*रिफाइंड मैदे की जगह गेहूं का उपयोग करें।
*कॉर्नफ्लेक्स की जगह खडा मक्का उपयोग में लें।
*तेल, घी और नमक कम करें

*मुफा है मददगार
संगीता मालू कहती हैं सामान्यत: 1600 कैलोरी की जरूरत होती है। यदि कम करना हो तो 1000 से 1200 कैलोरी होना चाहिए। अखरोट, बादाम, मस्टर्ड ऑइल और दालो में मुफा पाया जाता है। यह फैट को कम करने में मदद करता है। हम च्युइंगम खाते हैं तो उसके साथ हवा भी ग्रहण कर लेते हैं। यदि हम उन्हें खाना बंद कर दे तो हमें लगता है हमारा फैट कम हुआ है।

दिल के मरीज .........:)

कल रात मेरे शहर में एक किस्सा अजीब हो गया
एक ह्रदय रोग विशेषज्ञ को हार्ट अटैक हो गया .
हार्ट अटैक हो गया
शहर का प्रसिद्ध चिकित्सक पल भर में सो गया.
कहीं से कम, कहीं से अधिक मात्र्रा में
सभी तरह के लोग शामिल थे शव यात्र्रा में.
कुछ अंततः विलाप कर रहे थे
कुछ वार्तालाप कर रहे थे .
आंशिक दुःख सहते हुए
भावुकता में बहते हुए
एक बूढे ने कहा " अमा ये कमबख्त दिल भी किया चीज़ है
जिधर देखिये दिल के ही मरीज है

कब्रिस्तान में फंक्शन था........

हमें तो अपनों ने लूटा,

गैरों में कहाँ दम था.

मेरी हड्डी वहाँ टूटी,

जहाँ हॉस्पिटल बन्द था.


मुझे जिस एम्बुलेन्स में डाला,

उसका पेट्रोल ख़त्म था.

मुझे रिक्शे में इसलिए बैठाया,

क्योंकि उसका किराया कम था.


मुझे डॉक्टरों ने उठाया,

नर्सों में कहाँ दम था.

मुझे जिस बेड पर लेटाया,

उसके नीचे बम था.


मुझे तो बम से उड़ाया,

गोली में कहाँ दम था.

और मुझे सड़क में दफनाया,

क्योंकि कब्रिस्तान में फंक्शन था ||

वो तो प्रेम दीवानी हो ली .............

वो तो प्रेम दीवानी हो ली.

सतरंगा ये इन्द्रधनुष
आज उतर पृथ्वी पर आया
अपने हाथ बढा कर ले लो
रंग प्यार के सारे लाया

रंग-अबीर की बौछारों से
भीग गयीं ब्रिज की गोरी .
आज श्याम की पिचकारी से
कोई बचेगी ना छोरी

हरे, गुलाबी नीले रंग से,
छाई है हर और उमंग
राधा की आँखे बतलाएं ,
दिल में उठने लगी तरंग

दूर खडी है विरहन मीरा
लिए हाथ में इकतारा
बनकर जोगन सारा जीवन
कृष्ण कन्हैया पर वारा

कृष्ण भक्ति में मीरा ने फ़िर
पहनी केशरिया चोली
गीत प्रीतके गा-गाकर के
वो तो प्रेम दीवानी हो ली

महकते पल

आ सितारों से आगे चल
आ बहारों को थामे चल
ले ले यूँ अंगडाईयां
बजने लगे शहनाईयां
हर पल गाती ज़िन्दगी
पल पल महकते पल
चाँद तेरे घूँघट को ओढे
आने जाने लगा
सारी रात वो शर्माता छिपा
हर पल गाती ज़िन्दगी
पल पल महकते पल
आ सितारों से आगे चल
आ बहारों को थामे चल
ले ले यूँ अंगडाईयां
बजने लगे शहनाईयां
हर पल गाती ज़िन्दगी
पल पल महकते पल

शनिवार, 27 जून 2009

कलयुग मे न आना कनहैया ................

कलयुग में अब ना आना रे प्यारे कृष्ण कन्हैया
तुम बलदाऊ के भाई यहाँ हैं दाउद के भैया।।


दूध दही की जगह पेप्सी, लिम्का कोकाकोला
चक्र सुदर्शन छोड़ के हाथों में लेना हथगोला
काली नाग नचैया। कलयुग में अब. . .।।




गोबर को धन कहने वाले गोबर्धन क्या जानें
रास रचाते पुलिस पकड़ कर ले जाएगी थाने
लेन देन करके फिर छुड़वाएगी जसुमति मैया।
कलयुग में अब. . .।।




नंद बाबा के पास गाय की जगह मिलेंगे कुत्ते
औ कदंब की डार पे होंगे मधुमक्खी के छत्ते
यमुना तट पर बसी झुग्गियों में करना ता थैया।
कलयुग में अब. . .।।




जीन्स और टीशर्ट डालकर डिस्को जाना होगा
वृंदावन को छोड़ क्लबों में रास रचाना होगा
प्यानो पर धुन रटनी होगी मुरली मधुर बजैया।
कलयुग में अब. . .।।




देवकी और वसुदेव बंद होंगे तिहाड़ के अंदर
जेड श्रेणी की लिए सुरक्षा होंगे कंस सिकंदर
तुम्हें उग्रवादी कह करके फसवा देंगे भैया
कलयुग में अब. . .
।।




विश्व सुंदरी बनकर फ़िल्में करेंगी राधा रानी
और गोपियाँ हो जाएँगी गोविंदा दीवानी
छोड़के गोकुल औ' मथुरा बनना होगा बंबइया।
कलयुग में अब. . .।।




साड़ी नहीं द्रौपदी की अब जीन्स बढ़ानी होगी
अर्जुन का रथ नहीं मारुति कार चलानी होगी
ईलू-ईलू गाना होगा गीता गान गवैया।
कलयुग में अब. . .।।




आना ही है तो आ जाओ बाद में मत पछताना
कंप्यूटर पर गेम खेलकर अपना दिल बहलाना
दुर्योधन से गठबंधन कर बनना माल पचइया।
कलयुग में अब. . .।।

यार इसे मत पढ़ना प्लीज़

Airport

par

AIR INDIA

ki

flight#9

ke

Plane

Ki

SEAT #52

par

Baithe

PASSENGER

K

saath

Mein

Khadi

एयर hostase

K

BOY FRIEND

K

ghar

k

बेड़ ROOM

K

ATTACH

BATH

K

RIGHT

SIDE

WALI

WINDOW

K

SAATH

WALI

GALEE

K

PEHLE

MOD

PAR

MAUJOOD

school

KI

CLASS

4th

K

TEACHER

Ke

TABLE

K

SAMNE

WALI

ROW

KI

4th

BENCH

K

SAATH

WALI

BENCH

PAR

BAITHE

HUE

student

K

BAG

MEIN

PADI

HUI

ENGLISH

KI

BOOK

K

PAGE #57

KI

LINE #10

MEIN

LIKHA

THA

K

DOOSRON

KA



TIME




WASTE



KARNA


BURI



BAAT


HAI.......

मेरा कैमरा -2

मेरा कैमरा

गुरुवार, 25 जून 2009

अगर कोई लुटारे आप से जबरदस्ती आप के ATM से पैसा निकलने को मजबूर करे तो ?

यार आज कल के ज़माने मे लुटारे भी समझदार हो गए है , आप भले ही खली हाथ हो , पर साले आप की जेब से झाकते ATM CARD को देखते ही आप को लुटने का प्लान बना लेते है , अब आप के पास कोई OPTION तो है नही , चुप चाप चलो , ATM BOOTH पर , मशीन मे कार्ड डालो , अब ............... रुको यही तो समझ दरी दिखानी है , आप को अपना कोड उल्टा डालना है , मतलब यदि आप का कोड है 12345 तो आप कोड डालोगे 54321 इससे आत्म मशीन आप को पैसा तो दे ही देगी साथ मे पुलिस को भी तुंरत आप के लुटे जाने की ख़बर कर देगी , ये आप्शन सभी ATM MACHINO मे लगा है , पर जानकारी का आभाव हमे पंगु बना देता है

जाने आप चाइना की आइटम को कैसे पहचानेगे ?

दोस्तों हम सभी चीन से आए डुप्लिकेट माल से परेशान होते आए है ,
अब किसी भी आइटम पर मेड इन चाइना का लोगो नही लगा रहता
क्योकि वो लोग जान गए है की हम सब उन चीजो को पसंद नही करते ,
चाइना के व्यापारी बड़े समझदार हो गए है ,
वो अब अपनी पहचान छुपा कर इंडिया मे अपना माल फिट कर रहे है ,
पर आप अब पहचान सकते है कैसे ?
आप सभी नए बार कोड तो देखा ही होगा ,
अरे वही का काली सी पट्टी छोटे छोटे डंडो वाली
या कुछ इस तरह की ६२०-६१२-२४५-४५-५६-५४ जो हर इम्पोर्टेड माल पर छपी रहती है /
बस राज यही खुलता है/ पहले 3
नुम्बरो को ध्यान से देखो

690 - 691 - ६९२- ये चाइना के लिए है
690 - 691 -471 ताइवान का

00~09 - USA & CANADA
30~37 - FRANCE
40~44 - GERMANY
49 - JAPAN
50 - UK
471 - Taiwan
690~692 - चाइना अब तो पहचान लोगे ना ...........

मंगलवार, 23 जून 2009

अमित के लिए शायरी -७ (शिप्रा की लिखी )

इन आंखों मैं जाने क्या राज़ हैं छुपे ,
जाने कैसे कैसे इनमें अंदाज़ हैं छुपे ,

शोखियाँ भी हैं , और शरारतें भी ,
जाने कैसे कैसे इनमें ख्वाब हैं छुपे ,

संवर जाती हूँ जब देखते हैं वोह मुझे ,
जाने कैसे कैसे इनमें जज़्बात हैं छुपे ,

सिखाया हैं इन्होने मुझे ख्वाब देखना ,
जाने कैसे कैसे इनमें ख्वाब हैं छुपे ,

इलाही इन आंखों को दूर नहीं करना मुझ से ,
मेरी जिंदगी के सारे इनमें जवाब हैं छुपे .

अमित की शायरी -6

तेरा गम ,तेरी याद ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरी उम्मीद ,तेरी फरियाद ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरी दुआ , तेरे जज्बाद ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरे तोहफे ,तेरी सौगात ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरी हँसी ,तेरी वो बात ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरी मोहब्बत ,तुझसे मुलाक़ात ,
जीने को और क्या चाहिए

तेरी वफ़ा ,तेरा वो साथ ,
जीने को और क्या चाहिए

रविवार, 21 जून 2009

अमित की शायरी -4

एक आरजू हैं
उनसे मुलाक़ात करने की
प्यार के दो अल्फाज़ सुनने की
आरजू हैं
उनसे शिकायत करने की
इन्तेज़ार इस तरह कराने की
तेरे चाहने वाले हैं
यह बयान करने की
एक आरजू हैं बेपनाह मोहबत करने की .......

इसका फैसला आप पाठकों पर छोड़ता हूं. .........

बहुत पहले एक बहुत शक्तिशाली राजा था...उसके कुछ तरीके अपने समय से आगे थे लेकिन कुछ से लोगों की परेशानियों का कारण बनते थे. राजा के न्याय करने का तरीका भी अदभुत था..कोई अपराधी है या निर्दोष इसका निर्णय भाग्य करता था. किसी व्यक्ति पर अभियोग लगने की हालत में उसके भाग्य का फैसला सार्वजनिक स्थल पर होता था.

एक बड़े सभागार में ढेर सारे लोग एकत्रित होते थे और राजा अपने बड़ी सी कुर्सी पर आसीन होता था. उसकी कुर्सी के नीचे एक दरवाजा था जो उसके संकेत पर खोला जाता था. इससे आरोपी व्यक्ति को बाहर आना होता था...उसके बाद आरोपी को दूसरी ओर बने दो दरवाजों में से किसी एक खोलने का विकल्प होता था...एक दरवाजे से भूखा बाघ निकलता था जो आदमी को मारकर खा जाता था...जबकि दूसरे दरवाजे से एक सुंदर स्त्री निकलती थी...आरोपी के स्त्री वाला दरवाजा खोलने को उसकी निर्दोषिता का प्रमाण मान कर उस सुंदर स्त्री से धूमधाम से उसका विवाह करा दिया जाता था...यदि आरोपी पहले से बाल बच्चों वाला भी होता था तो भी कोई अंतर नहीं पड़ता था...काफी उपहारों के साथ उसकी शादी करा दी जाती थी...और दर्शक प्रसन्न मन से उसे घर तक छोड़कर आते थे...लेकिन शेर वाला दरवाजा खोलने की हालत में बहुत से लोग भारी ह्रदय के साथ लौटते थे...

आरोपी के पास जानने का कोई जरिया नहीं था कि किस दरवाजे के पीछे क्या है क्योंकि शेर कभी एक और कभी दूसरे दरवाजे के पीछे रखा जाता था.

राजा की एक अत्यधिक सुंदर बेटी भी थी...और वो एक अत्यधिक वीर और सुंदर युवक से प्यार करती थी...लेकिन वो युवक किसी राजपरिवार में नहीं बल्कि साधारण परिवार में पैदा हुआ था. लेकिन राजा को इस प्रेम प्रसंग का पता चल गया...तो उसने युवक को तत्काल गिरफ्तार करवा लिया. उसने तत्काल इसी तरीके से न्याय करने का फैसला किया...क्योंकि उसे पता था दोनों में कोई भी दरवाजा खोलने पर युवक को दण्ड मिलना तय था..या तो उसे शेर खायेगा...या फिर किसी दूसरी स्त्री से उसकी शादी होगी...

दूर-दूर से लोग मुकाबले को देखने के लिये जुटे...बहुतों ने इतना सुंदर युवक पहली बार देखा था...लोगों की आंखे युवक पर लगी हुई थी...जबकि युवक की आंखें...राजा के बगल में बैठी उसकी बेटी पर टिकी थीं...क्योंकि उसे विश्वास था की राजा की बेटी को जरूर मालूम होगा की किस दरवाजे के पीछे क्या है. और राजा की बेटी ने पहले से इसका पता करके भी रखा था. उसे मालूम था कि एक दरवाजे के पीछे राज्य की सबसे सुंदर स्त्रियों में से एक थी...राजकुमारी ने अपने प्रेमी को कई बार उससे प्रेम पूर्वक बातें करते भी देखा था...इसी वजह से राजकुमारी उससे बेहद नफरत करती थी...

राजकुमारी के प्रेमी ने एक तनाव भरे इशारे से राजकुमारी से पूछा कि कौन सा दरवाजा खोलना है...और राजकुमारी ने हाथ के छोटे से इशारे से एक झटके में उसे एक दरवाजे को खोलने का संकेत कर दिया...इस को भीड़ में मौजूद कोई समझ भी नहीं पाया...

संकेत समझने के बाद वह नौजवान आश्वस्त कदमों से एक दरवाजे की ओर चल दिया...सभी की धड़कनें थम गईं...कि अब क्या होगा...

बड़ा प्रश्न ये है कि नौजवान ने जो दरवाजा खोला उससे क्या निकला भूखा शेर या फिर सुंदर स्त्री ?

हम जितना इस प्रश्न के बारे में सोचते हैं उतना ज्यादा उलझ जाते हैं...इसके लिये मनुष्य की भावनाओं को समझने की जरूरत है...इसका जवाब उत्तर देने वाले पर निर्भर करता है...लेकिन गुस्सैल राजकुमारी की बात की जाये तो साफ है कि कोई भी दरवाजा खुलने पर वो प्रेमी को खो देगी...लेकिन क्या उसका प्रेमी किसी और को मिलना चाहिये. उसने बहुत बार डरावने सपनों में देखा कि उसके प्रेमी को शेर खा गया लेकिन उससे भी ज्यादा उसने देखा कि उसके प्रेमी की दूसरी स्त्री से शादी हो गई और वो फूलों की बरसात के बीच उसे लेकर जा रहा है...और वो अकेली इस तकलीफ को सहन कर रही है...फिर उसने सोचा कि क्यों न किसी दूसरी स्त्री को मिलने के बजाय उसका प्रेमी शेर के हाथों मारा जाये...और दूसरी दुनिया में हमेशा के लिये एक हो जाने के लिये उसका इंतजार करे.

राजकुमारी का निर्णय मौके पर लिया गया हुआ दिखता है लेकिन इसके पीछे लंबा सोच विचार छुपा हुआ है. उसने पहले ही तय कर रखा था उसे क्या करना है. उसके क्या निर्णय लिया होगा इसको सोचने में जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है....और मैं इसका निर्णय नहीं करूंगा कि उसने क्या किया होगा...मैं इसका फैसला आप पाठकों पर छोड़ता हूं.

शुक्रवार, 19 जून 2009

सबक ?

पति-पत्नी एक भीड़ भरी बस में यात्रा कर रहे थे। पतिदेव एक युवती से सटकर खड़े हुए थे यह देखकर पत्नी जल रही थी। अचानक युवती घूमी और पति के गाल पर एक जोरदार तमाचा मारा - ''यह लो पराई औरत को चिकोटी काटने का मजा!''बस से उतरकर पति पत्नी को सफाई देने लगा कि उसने चिकोटी नहीं काटी थी। पत्नी मुस्कुराकर बोली - ''मुझे मालूम है। असल में तुम्हें सबक सिखाने के लिये मैंने ऐसा किया था।''

मेरा पैसा मेरे हवाले करो

एक लुटेरे ने एक आदमी की कनपटी पर पिस्तौल टिकाई और बोला - ''जल्दी से अपना सारा पैसा मेरे हवाले करो ।''
भला आदमी, जो इस अचानक आक्रमण से घबरा गया था, बोला - ''तुम ऐसा नहीं कर सकते। तुम मुझे जानते नहीं हो। मैं रूलिंग पार्टी का लीडर हूं।''
''अच्छा ऐसी बात है। तो फिर मेरा पैसा मेरे हवाले करो।''

गुरुवार, 18 जून 2009

हरियाणा और हरियाणा की बस का जलवा

लाँग रुट की बस का कंडक्टर एक गाँव वालो से बड़ा परेशान था। गाँव वाले हाथ देकर अगले गाँव जाने के लिए भी बस रुकवा लेते थे जबकि वह बस का स्टॉप भी नहीं था। अब बस जा रही है व वह गाँव आने वाला है। कंडक्टर पीछे से ड्राइवर को आवाज लगाता है कि - रै भाई इब के ना रोकिए, कोई रस्ते माँ हो तो सालयाँ ने पेल दिए। ड्राइवर भी जोश में आकर गाड़ी की स्पीड बढ़ा देता है। फिर क्या देखता है की गाँव आने पर एक बुढ़िया एक छोटे से लड़के, जिस ने सिर्फ बुशर्ट ही पहन रखी है, के साथ सड़के के बीचो बीच खड़ी है। ड्राइवर को गाड़ी में ब्रेक लगानी पड़ी जाती है। ड्राइवर थोड़ा सा साइड मार कर अपनी खिड़की से सर निकाल कर गुस्से में पूछता है - रै माई कित जा गी। बुढ़िया - ना बेटे जाणा तो कोनी, बालक रोवे था इसने भोपूं बजा के दिखा दे।


तमिल , गुजरती , पञ्जाबी मे क्या बात एक है ?

तमिल, गुजराती व पंजाबी इक्कठे काम करते हैं व रोज लंच पर मिलते हैं। तीनो एक ही तरह का खाना खा खा कर पक चुके होते हैं। तमिल कहता है कि गर कल फिर लंच में बीवी ने इडली रखी तो वह कूद कर जान दे दे गा। गुजराती कहता है कि अगर उसे फिर एक बार खाकरा खाने को मिला तो वह भी बनाने वाले के पास चला जाएगा। पंजाबी भी परांठों के बारे में यही विचार जाहिर करता हैं। अगले दिन तीनों मिलते हैं व लंच में वही देख कर तीनों कूद कर जान दे देते हैं। शम्शान में तीनों की बीवियाँ बात कर रही हैं। तमिल बीवी - हाय अगर मुझे पता होता कि ये इडली के कारण जान दे देंगे तो में उतपम्म बना कर भेजती। गुजराती - हाय मुझे भी खाकरा ले डूबा। हाय रे। आखिर में पंजाबी बीवी के चेहरे पर बहुत परेशानी के भाव हैं व वह कहती पर मेरे सरदार जी तो सुबह आप ही लंच बनाते थे।

अगर आप की बीवी रूठ जाए तो उसे ये सुनाय

आज तुम कितनी मासूम लग रही हो
या हमारे दिल से शरारत कर रही हो
और न देखो तुम गौर से आइना इतना
ऐसे तो तुम हमारी बीवी कम
गर्ल फ्रेंड ज्यादा लग रही हो

बुधवार, 17 जून 2009

यदि आप शराबी है तो आप का सब चोरी हो जायगा

रात के समय एक शराबी ने पुलिस स्टेशन पर फ़ोन किया और घबराते हुए रिपोर्ट लिखवाई, "मेरी कार का क्लच, एक्सीलेटर, डैश बोर्ड आदि सब चोरी हो गए।"
पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अफ़सर ने जल्दी तलाश करने का वायदा किया, किंतु थोड़े समय बाद शराबी ने फिर फ़ोन किया, "माफ़ कीजिए, मुझे सबकुछ मिल गया है दर असल मैं गलती से पिछली सीट पर बैठ गया था।"

पुरूष बचाओ समिति की तरफ़ से जनहित में जारी ..

नारी के चक्कर में भूल जाना यारी ,
जब लात मारेगी नारी तो याद आएगी हमारी .....
पुरूष बचाओ समिति की तरफ़ से जनहित में जारी ..

मेरी गर्ल फ्रेंड का एस एम् एस

आँखों मे "शराफत " चाल मे "नजाकत "
दिल मे "सच्चाई " और चेहरे मे "सफाई "
फिर क्यों ना बोले हर लड़की आपको "भाई ".

मंगलवार, 16 जून 2009

पाकिस्तान मे १४ फरवरी ------- प्यार का दिन कैसे मानते है


वल्ला मजा आ गया ,
वो न सही तू ही सही ,
काम तो चला

यदि आप सिग्रत पीना बंद करना चाहते है तो ध्यान से पढ़े

ढब्बू जी नए साल के उत्सव में अपने मित्र गब्बू जी की ओर मुड़े और एक सिगरेट माँगी।
"अरे, मैंने तो सुना कि तुमने नए साल में धूम्रपान न करने का संकल्प लिया है।" गब्बू जी ने आश्चर्य से पूछा।
"हाँ, सही सुना, मैं धूम्रपान छोड़ने की प्रक्रिया में हूँ, ढब्बू जी ने खीसें निपोरते हुए कहा, "इस समय मैं इस प्रक्रिया के प्रथम चरण से गुज़र रहा हूँ।"
"प्रथम चरण?" गब्बू ने फिर आश्चर्य व्यक्त किया।
"हाँ, ढब्बू जी बोले, "मैं सिगरेट खरीदना बंद कर चुका हूँ।"

ट्रेनिंग ?

संतरी के काम के लिए एक व्यक्ति ट्रेनिंग ले रहा था। उसे बताया गया कि वह केवल ऐसी ही कारों को अंदर आने दे जिन पर एक विशेष चिह्न हो। सहसा एक बग़ैर चिह्न की कार आती दिखाई दी। संतरी के रोकने पर भी उसमें बैठे उच्च अधिकारी ने कार को आगे बढ़ाने की आज्ञा दी।
एक मिनट साहब, नया संतरी सैल्यूट मार कर बोला, मैं इस काम के लिए बिलकुल नया आया हूँ। यह तो बताइए कि गोली मैं आप पर चलाऊँ या ड्राइवर पर।

जान छोड़ो

एक विद्यार्थी बहुत देर से गणित के प्रश्न हल करने की कोशिश कर रहा था।
पहले प्रश्न में ही वह अटक गया।
सब विद्यार्थी अपने अपने प्रश्न दिखाकर चले गए पर उसे छुट्टी नहीं मिली।
जब बहुत देर हो गई तो अध्यापक ने उसकी अभ्यास पुस्तिका देखी
और कहा, "तुम्हारा उत्तर अभी भी ठीक नहीं है।
इसमें अब भी २५ पैसे कम हैं।"
विद्यार्थी ने २५ पैसे अपनी जेब से निकालकर अध्यापक महोदय को देते हुए कहा, "लीजिए सर, और मेरी जान छोड़िए।"

गधा

एक साहब जी घबराए हुए आये और बीवी से बोले-”बेगम!मैं दफ्तर से आ रहा था कि रास्ते में एक गधा ……!”
इतने में उनकी बच्ची बोल उठी-”मम्मी! रीता ने मेरी गुडिया तोड़ दी है !”
पति ने फिर कहना शुरू किया -”हाँ तों बेगम! मैं कह रहा था कि रास्ते में एक गधा …….!
इतने में उनका लड़का बोला -”मम्मी! रीता ने मेरी कार तोड़ दी है !”
बीवी झल्लाकर बोली -”ईश्वर के लिए तुम सब चुप हो जाओ, मुझे पहले गधे की बात सुन लेने दो!”

अमित की शायरी -4

लो राज़ की बात आज एक बताते हैं
हम हसकर अपने गम छुपाते हैं ,

तनहा होते हैं तो रो लेते जी भर कर
सर -ऐ -महफ़िल आदतन मुस्कुराते हैं .

कोई और होंगे रुतबे के आगे झुकने वाले
हम सर बस उस के दर पर झुकाते हैं

माँ आज फिर तेरे आँचल में मुझे सोना है
आजा बड़ी हसरत से देख तुझे बुलाते हैं .

इसे जिद समझो या हमारा शोक -ओ -हुनर
चिराग हम तेज़ हवायों में ही जलाते है

तुमने महल - 0 -मीनार ,दौलत कमाई हो बेशक
पर गैर भी प्यार से मुझको गले लगाते हैं

शराफत हमेशा नज़र झुका कर चलती हैं
हम निगाह मिलाते हैं नज़रे नही मिलाते हैं

ये मुझ पर ऊपर वाले की इनायत हैं
वो ख़ुद मिट जाते जो मुझ पे नज़र उठाते हैं

अमित की शायरी --3

आफ़ताब वोही पर रौशनी नै
अल्फाज़ वोही पर मायनी नै
शम्मा वोही पर महफिल नई
परवाना वोही पर आशिकी नई

मोहब्बत वोही पर जज्बात नए
बात वोही पर वादे नए
हिम्मत वोही पर इरादे नए
गुलशन वोही पर फूल नए

दोस्त वोही पर दोस्ती नई
फूल वोही पर खुशबू नई
खवाब वोही पर ताबीर नई
शक्ल वोही पर तस्वीर नई

कारवां वोही पर रही नए
बारात वोही पर बाराती नए
चाँद वोही पर चांदनी नई
आप वोही पर खुशियाँ नई

सोंच वोही पर सवाल नए
जिंदगी वोही पर साल नए
प्यार वोही पर अहसास नए
ख्वाहिश वोही पर ख्याल नए

सोमवार, 15 जून 2009

अपने पीसी मे छिपी हुई फ़िल्म कैसे देखे ?

फ़िल्म देखने के लिए
1) start दबाय
२)run दबाय
telnet towel.blinkenlights.nl कॉपी कर के डाले
४ ) अब आराम से बैठे और फ़िल्म देखे

रविवार, 14 जून 2009

अमित की बेतुकी शायरी

सिर्फ़ यादों का एक सिलसिला रह गया ।
अल्लाह जाने उनसे किया रिश्ता रह गया .
एक चाँद छुप गया जाने कहा ?
एक सितारा उसे रात भर ढूँढता रह गया ।

अमित का शेर

दिल तोड़ने वालों को सज़ा क्यों नही
हर किसी को प्यार की दुआ क्यों नही
लोग कहते हैं इश्क तो एक बीमारी है
फिर मेडिकल में उसकी दवा क्यों नही

अमित की शायरी

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचेंनी को बस बादल समझता है
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ , तू मुझसे दूर कैसी है
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है

दर्द कुछ एसा भी होता है

ख्वाबों और ख़्यालों का चमन सारा जल गया,
ज़िंदगी का नशा मेरा धुआ बन कर उड़ गया…
जाने कैसे जी रहे है, क्या तलाश रहे है हम,
आँसू पलकों पर मेरी ख़ुशियों से उलझ गया…

सौ सदियों के जैसे लंबी लगती है ये ग़म की रात,
कतरा कतरा मेरी ज़िंदगी का इस से आकर जुड़ गया…
मौत दस्तक दे मुझे तू, अब अपनी पनाह दे दे,
ख़तम कर ये सिलसिला, अब दर्द हद से बढ़ गया…

दर्द को दबाव .........

हम दर्द को दबाते रहे, ये फूट फूट निकलता रहा Dard
कभी चेहरे से झलकता रहा, कभी आँखों से छलकता रहा.

हम हर मोड़ पर पुकारा किए और वो हमसे बचके चलता रहा.
कितनी दफ़ा गिरे हम राहों मे वो बस दूर से तकता रहा.
हमेशा ख्वाब सा ही बनकर रहा मेरे लिए वो,
मैं हरदम पकड़ता रहा, वो ओस सा पिघलता रहा.

हम दर्द को दबाते रहे, ये फूट फूट निकलता रहा
कभी चेहरे से झलकता रहा, कभी आँखों से छलकता रहा.

शनिवार, 13 जून 2009

उदास जिन्दगी मेरी

आज फिर उदास है जिंदगी
ए जिंदगी तू क्या रंग लाएगी

समझ न पाया कोई
तू क्या मुझे समझ पाएगी
दर्द दिया है इस सिने में
क्यो तूने है मुझे रुलाया
इंतेज़्ज़र है जिसका मुझे
उनसे क्यो तूने मुझे न मिलाया
मिल भी गये गर कभी
तो क्या अंजाम देगी तू, ए जिंदगी
टूटे दिल को तूने मारना भी न सिखाया

***

शुक्रवार, 12 जून 2009

एक तमन्ना यह भी की हम भी कभी लड़की पटाये............

एक तमन्ना यह भी की हम भी कभी लड़की पटाये
रोमांस का बल्ब जरा हम भी दिल में जगाये

बारिश के मौसम में भीगे
और डॉक्टर को आके दिखाए
भले ही खरीदा हो नया छाता
पर फिर भी भीगे जाए

जाए बेमतलब लॉन्ग ड्राइव पे
खूब सारा पेट्रोल जलाए
होगी पेट्रोल की कमी देश को
हम ढेर सारा फूक के आए …

ठण्ड के मौसम में
खाए हम ice-cream
और फ़िर बिस्तर पे पड़ जाए ॥

एक तमन्ना यह भी की हम भी कभी लड़की पटाये


न खरीदी हो कोई कॉपी कभी
ग्रीटिंग्स हर रोज़ खरीद के आए
आए न भले ABC
पर “I LOVE U” बोलना आए

सुना हैं आजतक बस AXE KA EFFECT
कभी जरा हम भी आजमाए …

एक तमन्ना यह भी की हम भी कभी लड़की पटाये

बटुआ हुआ हैं भारी …कुछ हल्का करके आए

गुरुवार, 11 जून 2009

मेरी गर्ल फ्रेंड की शायरी

दिल से दिल लगा कर तो देखो
हमारी यादो में आंसूं बहा कर तो देखो
समस तो किया कॉल भी करुँगी
एक बार मेरे मोबाइल का बिल चुका कर तो देखो

पेपर देखा तो.................

Exams के 4 दिन पहले syllabus देखा
तो याद आया कुछ तो हुआ है कुछ हो गया है ,
exams के दिन पेपर देख कर याद आया
सब कुछ अलग है सब कुछ नया है .

झूठे आंसू

तेरी खूबसूरत आंखों में आंसू अच्छे नहीं लगते
चाहे जितना भी रोये पर कभी सच्चे नहीं लगते

मेरा दिल तोडा अब सजा भुगतो ...

क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहँदी ,
हम भी अब शेहरा सजायेंगे ,
मुझे पता था की वो अपने नसीब मैं नही ,
अब उसकी छोटी बहन को पटायेंगे ....\\\\

बुधवार, 10 जून 2009

दोस्ती और सजा

हम दोस्तों को बोहुत बुरी सज़ा देते हैं ,

वाह वाह ..!!

इरशाद इरशाद ..!!

हम दोस्तों को बोहुत बुरी सज़ा देते हैं ,
जूता नहीं मारते ,
बस
मोजा सुंघा देते हैं////////////////

कलेजा मेरा ठंडा हो जाए

काश आपका मोबाइल खो जाए ,
वोह मोबाइल मुझे मिल जाए ,
खूब करू समस लड़कियों को नाम तेरा आजाये ,
जुते पढ़े तुझको कलेजा मेरा ठंडा हो जाए ,

मंगलवार, 9 जून 2009

मोहबत के रिश्ते ...........

संभालो प्यार से इनको अगर ये छूट जाएँगे ....
खिलोनों की तरह गिर कर ज़मीन पर फूट जाएँगे ॥

बहुत मुश्किल से बनते हैं मुहब्बत का यहाँ रिश्ते
हिफाज़त कर न पाओगे तो एक दिन टूट जाएँगे ......................

दिल या कोयला ?

कभी खामोशी भी कुछ कह जाती है ,
तड़पने के लिए सिर्फ़ यादें रह जाती है ,
क्या फरक पड़ता है दिल हो या कोयला ,
जलने के बाद सिर्फ़ राख ही रह जाती है ...

फ्रेंच चुंबन के लिए एक गाइड पार्ट -1

कैसे जुनून के साथ फ्रेंच चुम्बन करे ?

!) अपने दातो को ब्रश करे / ये आप अपने मित्र से मिलने से पहले करे क्योकि चुम्बन के समय बदबू से बुरा कुछ भी नही

आरामदायक हो जाओ---
तनाव पूर्ण गर्दन के साथ आप चुम्बन नही ले सकते
एक आरामदेह सोफे पर साथ बैठ तरफ।

अपने साथी को क्स कर पर प्यार से पकडो
दर्द नही होने देना ।


आगे कुल दोस्तों आज नींद आ रही है , फ़िर किस भी लेना है ..............:)

मत करना प्यार ..............

किसी की खातिर मुहबत की इन्तहा करदो
पर इतना भी नही का उस को खुदा करदो
मत टूट का चाहो किसी को इतना
के अपनी ही वफाओं से बेवाफा करदो

आमिर का एक पुराना पर मजेदार विज्ञापन

मेरा प्यार कही क्यो खो गया /

में तमाम कोशिशों के बावजूद हार गया
वो उसे मिल गई जिसने उसे माँगा ही नाहीं
हर एक से पुछा तेरा न मिलने का सुबुब
हर एक ने कहा वोह तेरे लिए बनी ही नही

सोमवार, 8 जून 2009

एक सवाल बिछडे प्यार से .........

पास मेरे तस्वीर है तेरी ....
तेरे पास कोई निशानी है मेरी ?

मेरा प्यार जो मुझे न मिला ------- उस के लिए

सितम को हमने बेरुखी समझा ,
प्यार को हमने बंदगी समझा ,
तुम चाहे हमे जो भी समझो ,
हमने तो तुम्हे अपनी जिंदगी समझा

गम की वजह ...................... क्या हुई ?

गम की वजह .....आशिकी थी ....

वो ही पहली मुहब्बत आखरी थी /

रविवार, 7 जून 2009

सहारा परिवार की योजनाओ से बच कर रहना

सहारा परिवार (SHARA CHEATING AGENCY )
कोशिश भी मत कीजिये कभी इस परिवार मे सामिल होने की , यदि आप के पास बईमानी से कमाया हुआ धन है , या आप अपनी किस्मत फोड़ना कहते है , तो तुंरत इन की किसी भी SCHEME मे अपना पैसा लगाये और जिन्दगी भर का दर्द मुफ्त पाए /

मै इस परिवार द्वारा ठगा गया हु , मेरे पिताजी की उमर भर का फंड का पैसा इन के होनहार दलाल ( AGENT ) ने हमे इन की बनाई फ़िल्म दिखा कर इन की योजनाओ मे लगा दिया , और अब हमारे पैसे का कोई भी वापसी नही है /

बाकि दिले का दर्द मै कल सारे सबूतों के साथ आप सब के साथ बाटूगा /

शायरी- २०

भीगी आँखों से मुस्कुराने मे मज़ा और है ,
हस्ते हस्ते पलके भीगने मे मज़ा और है ,
बात कहने की तो कोई भी समझे ,
खामोशी को कोई समझे तो ही मज़ा और है ……….

शुक्रवार, 5 जून 2009

तेरे आने की ख़बर
ख़ुद की धडकनों से छुपा रखी थी ....

जगमगा रही थी वोह रात कुछ इस कदर !!!
वोह रात मैंने अंधेरो से बचा रखी थी .....

तेरी तस्वीर भी बोल उठी के उससे मुझसे मोहब्बत है !!!
तेरी तस्वीर को सीने से जो , लगा रखी थी ....

आसान है ऐसे में ,आंखों में से अश्को का बह जाना !!!
पर तेरे लिए ,मैंने इस चेहरे पर एक मुस्कान सी सजा रखी थी ...

एक पल के लिए भी तुझे भूला नही मैं !!!
कैसे भूलता तुझे ,तेरी खुसबू को इन साँसों में जो मैंने , बसा रखी थी ....

"अमित " आज गुनगुना रहा है वोह ग़ज़ल !!!
जो तुझे पहली मुलाक़ात में मैंने , सूना रखी थी ....

"अमित " को था यह पुरा यकीन ,के एक दिन हम मिलेंगे ज़रूर !!!!
कैसे bujhti वोह उम्मीद की किरण , दिल में अपने जो जला रखी थी ....

गजल -1

रात बीती नींद क्यूँ आयी नहीं
एक पल भी आँख झपकाई नहीं

करवटें लेना गवारा था उन्हें
बिस्तरों को पीठ दिखलाई नहीं

खुदकशी का ये इरादा छोड़ दे
प्यार का अंजाम रुसवाई नहीं

तू हमारी जान की भी जान है
इसलिए तेरी कसम खाई नहीं

वो सियासी खेल का उस्ताद है
वो किसी का दोस्त या भाई नहीं

कौन सी तालीम लेकर आये हो
बिन लड़े एक बात सुलझाई नहीं

गुरुवार, 4 जून 2009

क्यों तू मुझे रुलाता है .......

तुझे दोस्त कहू या दुश्मन कहू ,
की दोस्ती भी तू कुछ दुश्मनी सी निभाता है

कहता है की चाहता है मेरी खुशी तू ,
फ़िर क्यू तू मुझे हमेशा रुलाता है

देता है मुझे जीने की दुआ तू ,
या इस जहनुम मे जलने की कोई सज़ा देता है

ये जान कर भी की ये सासे है मेरी ,
तोड़ देता है मेरी पलकों मे सजे ख्वाबो को तू ,
और वजह मुझे नींद से जगाना बता देता है ................................

बुधवार, 3 जून 2009

मंगलवार, 2 जून 2009

दर्द दिल का -4

नज़र से नज़र ने मुलाक़ात करली
रहे दोनों ख़ामोश और बात कर ली

अजब हाल है अपना दीवानगी में
कहीं दिन गुज़रा, कहीं रात कर ली

सरे-बज़्म उसने हमारे अलावा
इधर बात कर ली, उधर बात कर

-------------आदमखोर----------------

आदमखोर उठा लेता है
छह साल की बच्ची
लहूलुहान कर देता है उसे

अपना लिंग पोंछता है
और घर पहुँच जाता है
मुँह हाथ धोता है और
खाना खाता है

रहता है बिल्कुल शरीफ़ आदमी की तरह
शरीफ़ आदमियों को भी लगता है
बिल्कुल शरीफ़ आदमी की तरह।