मंगलवार, 2 जून 2009

दर्द दिल का -4

नज़र से नज़र ने मुलाक़ात करली
रहे दोनों ख़ामोश और बात कर ली

अजब हाल है अपना दीवानगी में
कहीं दिन गुज़रा, कहीं रात कर ली

सरे-बज़्म उसने हमारे अलावा
इधर बात कर ली, उधर बात कर

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