रविवार, 28 जून 2009

फैट की फाइन लाइन

फैट शब्द सुनते ही ज्यादातर लोग डर जाते हैं। लेकिन, ऎसे लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि हमारे लिए बॉडी फैट बहुत आवश्यक है। यह बॉडी के बायोलॉजिकल फंक्शन में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। लेकिन, यह जितना जरूरी हो उतना ही होना चाहिए। इसकी एक फाइन लाइन होती है, वो भी खासकर पेट के आसपास। यदि ये फाइन लाइन क्रॉस हो जाती है तो आपके लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। एक रिसर्च के अनुसार वे लडकियां, जिनकी वेस्ट लाइन 35 इंच है या उससे ज्यादा होती है, उन्हें डायबिटीज और दिल की बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। यह बात उन पुरूषों के लिए भी लागू होती है, जिनकी 40 से ज्यादा वेस्ट लाइन होती है।

कम करें बेली फैट
मुफा फैट के लिए एक बेस्ट एंटीडोट है। मुफा मेनोस्ट्रेटेड फैट एसिड है जो अखरोट, बादाम, मसटर्ड ऑइल, पल्सेस, मैथी दाना आदि में पाया जाता है। ये फूड आपकी लाइफ को सचमुच बदल सकते हैं। संतृप्त फैट की अपेक्षा जहां प्रत्येक कार्बन एटम हाइड्रोजन एटम से संबद्ध है, जो इसे चिपचिपा और अमिट फैट बनाता है। मुफा से भरपूर डाइट बॉडी के फैट को बर्न करने के रेट को भी बढाता है।

इमोशंस को करें फेस
आप क्या खा रहे हैं, कब खा रहे हैं, और कैसे खा रहे हैं। इसका आपके इमोशंस और भावनाओं पर काफी असर पडता है। इमोशनल ईटिंग को हराना बहुत जरूरी होता है। यदि आप ऎसी कोई लालसा महसूस करें तो अपनी बॉडी से पूछें कि क्या आप भूख महसूस कर रहे हंै। इमोशनल ईटिंग से बचने के लिए कोपअप स्ट्रेटजी अपनाएं न कि अपना ध्यान कहीं और केंद्रित करें। यदि आप इमोशनल हों तो घर की सफाई करने या कोई और काम करने की जगह ऎसा काम करें जो आपके इमोशंस बाहर निकाले। खाने की इच्छा से छुटकारा पाने के लिए इमोशंस को फेस करना ज्यादा बेहतर है बजाय उनसे भागने के।

सोडियम लें निश्चित मात्रा में
सोडियम पानी को खींचता है। इसलिए जब हम यह अधिक मात्रा में लेते हैं तो वह तरलता को इकटा करता जाता है। सोडियम को कट कर आप बॉडी को बैलेंस कर सकते हैं। लेकिन, एक निश्चित मात्रा में इसे लेना जरूरी है। पास्ता, केला या वल्याकार बे्रड लेना कम कर दें, ताकि बॉडी को स्टोर्ड फैट को बर्न करने का समय मिल जाए।
*फ्राइड फूड- अधिक फ्राइड फूड खाने से भी आपका पेट बढ सकता है।
*च्युइंगम- कुछ समय के लिए पेट को कम करने के लिए जब हम च्युइंगम चबाते हैं तो उसके साथ आप हवा भी निगलते हो जो पेट को बढाती है।

सिर्फ पेट भरने के लिए न खाएं
कई बार ऎसा होता है कि भूख लगने के बाद कुछ इस तरह के ईटेबल आइटम्स खा लिए जाते हैं जिनसे ज्यादा मात्रा में फैट शरीर में पहुंचता है, लेकिन इसका नुकसान यह होता है कि इससे पेट तो नहीं भरता है बस कैलोरीज बढती ही जाती है। खाते समय हम यह ध्यान नहीं रखते हैं कि जो भी हम खा रहे हैं वह सिर्फ स्टमक फुल करने के लिए है या उससे पोषण भी मिल रहा है। फ्राइड आइटम्स के बजाय भुने हुए या स्प्राउटेड लें तो इससे स्टमक भी फुल होगा और पौष्टिक आइटम्स भी शरीर को मिलेंगे। डाइट शेड्यूल प्लान करते समय लिक्विड आइटम्स भी प्लान करें। इसमें नारियल का पानी और मौसंबी जूस अधिकता से हो तो भी नुकसान नहीं करते।

कम कर सकते हैं कैलोरी
आप कितनी कैलोरी लेते हैं और कितनी बर्न करते हैं यह फिजिकल एक्टिविटी पर निर्भर करता है। उसी के अनुसार हमें कैलोरी की जरूरत होती है। यदि हमें फिजिकल एक्टिविटी ज्यादा करना है तो उतनी ही कैलोरी की जरूरत होगी। यदि कोई फिजिकल एक्टिविटी को बढा नहीं सकता तो वह अपने खान े में कैलोरी कम कर सकता है।

वजन कम करने के लिए
*ऑफिस में लिफ्ट की जगह पैदल चढकर जाएं।
*खडे अनाज खाएं।
*छिलकेयुक्त दालें खाएं।
*रिफाइंड मैदे की जगह गेहूं का उपयोग करें।
*कॉर्नफ्लेक्स की जगह खडा मक्का उपयोग में लें।
*तेल, घी और नमक कम करें

*मुफा है मददगार
संगीता मालू कहती हैं सामान्यत: 1600 कैलोरी की जरूरत होती है। यदि कम करना हो तो 1000 से 1200 कैलोरी होना चाहिए। अखरोट, बादाम, मस्टर्ड ऑइल और दालो में मुफा पाया जाता है। यह फैट को कम करने में मदद करता है। हम च्युइंगम खाते हैं तो उसके साथ हवा भी ग्रहण कर लेते हैं। यदि हम उन्हें खाना बंद कर दे तो हमें लगता है हमारा फैट कम हुआ है।

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