बुधवार, 17 जून 2009

पुरूष बचाओ समिति की तरफ़ से जनहित में जारी ..

नारी के चक्कर में भूल जाना यारी ,
जब लात मारेगी नारी तो याद आएगी हमारी .....
पुरूष बचाओ समिति की तरफ़ से जनहित में जारी ..

1 टिप्पणी:

  1. जब तक कुछ को लात खाने की राह न बतलाओगे ,
    ये जनहित संस्था कैसे चला पाओगे ,
    दस को राह बतलाओगे ,
    पॉँच की खबर फिर कभी न पाओगे ,
    अगर दो ने भी राह बताने की कृतज्ञता निभाई ,
    मिलेगा उनका ई-मेल लम्बा सा ,
    'आजा तू भी आजा मेरे भाई ,
    लातों के बीच ही पड़ा रहता हूँ ,
    लतिया के भगा दिया न जाऊँ,
    इसी लिए लातों पर ही चढ़ा रहता हूँ ,
    वो लातों से ही ड्रिब्लिंग करती है ,
    और लातों के बीच मैं फ़ुटबाल सा उछला करता हूँ ,
    इन लातों की जकड़ से छूट न पाउँगा ,
    इस लिए छोडो मेरे लौटने की उम्मीदें ,
    दुबारा न लिख पाउँगा समय का आभाव है ,
    कुछ इससे मिलता-जुलता ,
    दूसरा संदेशा भी होगा ,
    पर होगा एस एम एस पर ,
    पर हाँ उसमें आगे ,
    कुछ और खबरों का वायदा होगा !!!!!?
    बुरा न मानियेगा अधूरी टिप्पणी से संतोष करें ,समय का आभाव है , कहीं लातिओं का कार्यक्रम लगा है |
    अपना हेडर ठीक कर लें http://techprevue.blogspot.com/2009/04/correct-corrupted-blogger-header.html
    पर जा कर

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