सोमवार, 27 जुलाई 2009

हसी नम्बर 2

एक रात मूसलाधार बारिश हो रही थी। रह-रह कर बिजली कड़क रही थी। किसी ने डॉक्टर के मकान का दरवाजा खटखटाया। डॉक्टर ने दरवाजा खोला तो सामने एक आदमी खड़ा था। लंबी दाढ़ी, बड़ी-बड़ी आंखें, ऊबड़खाबड़ दांत। चेहरा झुर्रियों से भरा था।

डॉक्टर ने मुआयना करने के बाद कहा: 'आपकी हालत तो काफी नाजुक है। मैं हैरान हूं कि आप जिंदा कैसे हैं?'

मरीज हंसने लगा: 'लेकिन मुझे तो मरे हुए 150 साल हो चुके हैं।'

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