रविवार, 12 जुलाई 2009

ज्यादा खुश मत हो

एक शिकारी जंगल में रास्ता भूल गया। भटकते-भटकते वह एक जगह पहुंचा जहां एक आदमी केंप लगाए रह रहा था। उसे देखकर उसकी जान में जान आई।
- तुम्हें देखकर बड़ी खुशी हुई। मैं तीन दिनों से भटका हुआ हूं।
- ज्यादा खुश मत हो। मैं तीन महीनों से भटका हुआ हूं और अब तक निकलने का रास्ता नहीं मिला ।
आदमी ने जवाब दिया।

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