रविवार, 12 जुलाई 2009

कुछ अन्दर की बात हो जाए

सास : आने दो मेरे बीते को , उससे बैठ कर समझाऊगी तुम्हारी सारी करतूत .

बहु : कोई फायेदा नहीं है

सास : क्यूँ ?

बहु : क्यूँ की तुम बैठ के समझाओ गी और मै लेट के ।

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