शनिवार, 25 जुलाई 2009


जहा पर बोने भी लंबे दिखाई देते है

हमारी घात में बैठे दिखाई देते हैं
हर एक मोड़ पे कुत्ते दिखाई देते हैं

मैं राजनीति का लेता हूँ जायज़ा जिस दम
लिबास वाले भी नंगे दिखाई देते हैं

शरारतों का वो तूफ़ान लेके चलते है
किसी
शरीफ़ के बेटे दिखाई देते हैं

ये कुर्सियों से चिपक कर जराईम पेशा भी
बड़े शरीफ़ और सच्चे दिखाई देते है

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