शनिवार, 8 अगस्त 2009

सपनो का मोल

बिन माँ के नन्हें बच्चे को
भूख से बिलखता देखकर
चित्रकार बाप चित्र उठाकर
बाज़ार चला गया,
सपने बेचकर
दूध लेता आया।

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