रविवार, 13 सितंबर 2009

सीख लिया, तो जीत लिया

किसी मनोविज्ञानी से पूछो कि वह कौन सी बात है जो कि एक व्यक्ति को सफल बना देती है, तो जवाब मिलेगा- जिसने सीखने का गुर जान लिया, वही जीत हासिल करता है। जिस किसी ने भी बडी सफलता प्राप्त की है, उसने कुछ चीजें सीखी होंगी, कुछ चीजें अपने व्यवहार में शामिल की होंगी और खुद को विकसित किया होगा। सीखने की क्षमता के बल पर ही कोई व्यक्ति सफलता हासिल करता है।

लेकिन मूल प्रश्न यह है कि आखिर लर्निग क्या है? लर्निग के बारे में कुछ भी जानने से पहले तुम खुद के बारे में सोचो। इस स्टोरी को पढने के दौरान भी तुम बहुत कुछ सीख रहे होगे। दरअसल, जिंदगी में हर पल तुम कुछ न कुछ सीखते हो। आज सुबह नींद से जगने के बाद तुमने एक खास तरीके से ड्रेसिंग की होगी। ब्रेकफास्ट किया होगा और आज के शेड्यूल के मुताबिक काम करने का संकल्प लेते हुए दिन की शुरुआत की होगी। अब यहां ध्यान देने की बात यह है कि तुमने किस तरह की ड्रेस पहनी, क्या खाया, दिन के शेड्यूल के बारे में क्या सोचा - यह सब कुछ लर्निग का ही नतीजा है। किसी ने तुम्हें कभी यह सब सिखाया ही होगा कि क्या पहनना चाहिए, क्या खाना चाहिए, किस तरह से सोचना चाहिए और अब वे चीजें तुम्हारे व्यवहार में शामिल हो चुकी हैं।

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