शनिवार, 5 सितंबर 2009

मजाकिया भोलू- बच्चो के लिए -कहानी

ये कहानी कुछ बडो को भी सुनाओ , शायद उन के वयवहार मे परिवर्तन आ जाए /
भोलू
सियार की मजाक उडाने की आदत से सभी जानवर परेशान हो उठे। सभी धीरे-धीरे उससे दूर होने लगे। पर इसका भोलू पर कोई असर न था। एक दिन उसकी दोस्त रीमा ने बातों ही बातों में उसे एक कलम दिखाई। यह कलम उसे टीचर ने जन्म दिन पर उपहार में दी थी। भोलू ने कलम को देखते ही कहा-अरे, इतना घटिया पेन तुम्हें गिफ्ट में किसने दिया? रीमा ने इतना सुनते ही रोना शुरू कर दिया। पर जब उसने पेन गिफ्ट करने वाली टीचर का नाम बताया, तो भोलू सन्न रह गया। भोलू को अपनी मजाक उडाने की आदत पर बहुत पछतावा हुआ। दरअसल, वह टीचर भोलू की भी सबसे फेवरेट टीचर थीं। उसे लग रहा था जैसे कि उसने अपनी दोस्त को नहीं, बल्कि अपनी फेवरेट टीचर को हर्ट किया हो। उस दिन के बाद से उसने प्रण किया कि कुछ भी बोलने से पहले वह सोच-समझकर बोलेगा और कभी किसी का मजाक नहीं उडाएगा।

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