शुक्रवार, 16 अक्तूबर 2009

हसी की खुराक -१३

लड़का - चलती क्या ?
लड़की - पित्सा खिला।
लड़का - पैसा नहीं।
लड़की - कैसे नहीं ?
लड़का - महंगाई है।
लड़की - चल , आज से तू मेरा भाई है।

हसी की खुराक -१२ बहन मल्लिका सहरावत

मल्लिका सहरावत एक बार एक रेलवे स्टेशन पर शूटिंग के लिए आईं।
भिखारी : बहन जी एक रुपया दे दो कुछ खा लूंगा !
मल्लिका ने उस भिखारी को 1000 रुपये दिए और कहा : जी भर के खाना खाओ।
यह देख डाइरेक्टर ने पूछा - आपने उसको 1000 रुपये क्यों दे दिए ?
मल्लिका : जिंदगी मे पहली बार किसी ने मुझे बहन कहा।

हसी की खुराक -11

जजः तुम्हारी कोई अंतिम इच्छा हो तो बताओ ?
अपराधीः हुजूर , मेरी जगह आप लटक जाओ।

हसी की खुराक -10

भिखारीः साहब चाय पीने के लिए 10 रुपये दे दो।
रमेशः लेकिन चाय तो 5 रुपये मे आती है।
भिखारीः साहब , साथ में गर्लफ्रेंड भी है।
रमेशः भिखारी होकर गर्लफ्रेंड रखते हो।
भिखारीः नहीं , गर्लफ्रेंड ने भिखारी बना दिया है।