शुक्रवार, 27 नवंबर 2009

आज के यमराज का इस्तीफा

एक दिन
यमदेव ने दे दिया
अपना इस्तीफा।
मच गया हाहाकार
बिगड़ गया सब
संतुलन,
करने के लिए
स्थिति का आकलन,
इन्द्र देव ने देवताओं
की आपात सभा
बुलाई
और फिर यमराज
को कॉल लगाई।

'डायल किया गया
नंबर कृपया जाँच लें'
कि आवाज तब सुनाई।

नये-नये ऑफ़र
देखकर नम्बर बदलने की
यमराज की इस आदत पर
इन्द्रदेव को खुन्दक आई,

पर मामले की नाजुकता
को देखकर,
मन की बात उन्होने
मन में ही दबाई।
किसी तरह यमराज
का नया नंबर मिला,
फिर से फोन

लगाया गया तो
'तुझसे है मेरा नाता
पुराना कोई' का
मोबाईल ने
कॉलर टयून सुनाया।


सुन-सुन कर ये
सब बोर हो गये
ऐसा लगा शायद
यमराज जी सो गये।

तहकीकात करने पर
पता लगा,
यमदेव पृथ्वीलोक
में रोमिंग पे हैं,
शायद इसलिए,
नहीं दे रहे हैं
हमारी कॉल पे ध्यान,
क्योंकि बिल भरने
में निकल जाती है
उनकी भी जान।

अन्त में किसी
तरह यमराज
हुये इन्द्र के दरबार
में पेश,
इन्द्रदेव ने तब
पूछा-यम
क्या है ये
इस्तीफे का केस?

यमराज जी तब
मुँह खोले
और बोले-

हे इंद्रदेव।
'मल्टीप्लैक्स' में
जब भी जाता हूँ,
'भैंसे' की पार्किंग
न होने की वजह से
बिन फिल्म देखे,
ही लौट के आता हूँ।

'बरिस्ता' और 'मैकडोन्लड'
वाले तो देखते ही देखते
इज्जत उतार
देते हैं और
सबके सामने ही
ढ़ाबे में जाकर
खाने-की सलाह
दे देते हैं।

मौत के अपने
काम पर जब
पृथ्वीलोक जाता हूँ
'भैंसे' पर मुझे
देखकर पृथ्वीवासी
भी हँसते हैं
और कार न होने
के ताने कसते हैं।

भैंसे पर बैठे-बैठे
झटके बड़े रहे हैं
वायुमार्ग में भी
अब ट्रैफिक बढ़ रहे हैं।
रफ्तार की इस दुनिया
का मैं भैंसे से
कैसे करूँगा पीछा।
आप कुछ समझ रहे हो
या कुछ और दूँ शिक्षा।

और तो और, देखो
रम्भा के पास है
'टोयटा'
और उर्वशी को है
आपने 'एसेन्ट' दिया,
फिर मेरे साथ
ये अन्याय क्यों किया?

हे इन्द्रदेव।
मेरे इस दु:ख को
समझो और
चार पहिए की
जगह
चार पैरों वाला
दिया है कह
कर अब मुझे न
बहलाओ,
और जल्दी से
'मर्सिडीज़' मुझे
दिलाओ।
वरना मेरा
इस्तीफा
अपने साथ
ही लेकर जाओ।
और मौत का
ये काम
अब किसी और से
करवाओ।

सोमवार, 23 नवंबर 2009

आज का विचार

करोगे याद एक दिन इस प्यार के ज़माने को ,
चले जायेंगे जब हम कभी ना वापस आने को .
चलेगा महफ़िल मे जब ज़िक्र हमारा कोई ,
तो तुम भी तन्हाई धुढोगे आंसू बहने को .

दिल का दर्द -सीधे अमित के दिल से किसी के लिए

मस्ती को मुहब्बत मे फना कौन करेगा ..??
यह फ़र्ज़ मेरे सेवा अदा कौन करेगा …???
हाथो की लकीरों को ज़रा देख मेरी जान …
यह देख मेरे साथ वफ़ा कौन करेगा ?????

दिल का दर्द -28

ख्याल था की हम तुझे राजदान बना लेते
मगर ये लोग नई दास्ताँ बना लेते
तू एक बार मुहब्बत से देख लेती तो हम
ज़मीं ख़ुद को तुझे आसमान बना लेते

रविवार, 22 नवंबर 2009

कभी कभी अंग्रजीवा मै भी झेलो

The naughtyवा wind
That blows the girl?sवा skirt high
But the nature is cleverवा
It sends dustवा with the wind
To close the boy?s eyes।


वा वा कहे पढ़त हो , बाकि भी समझ लो और हसत हो

शनिवार, 21 नवंबर 2009

गुदगुदी

कभी कहता था दोस्त मेरा ,
जान भी मांगो तू हाज़िर हे "
आज अपनी बीवी को जान कहता हे ,
और मांगो तू इनकार करता हे ॥


हे हे हे

दर्द दिल का -27

मेरी चाहतें तुम से अलग कब हैं ....
दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं ....
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह ...
फिर ज़िन्दगी को सासों की ज़रूरत कब है ...

दर्द दिल का -26

इस शाम मेरे लब पर तेरा नाम ना आए ,
खुदा करे ऐसी शाम ना आए ....
ए जान -ऐ -अमित कभी मुमकिन ही नहीं ,
मैं ग़ज़ल लिखूं और तेरा नाम ना आए .

दिल का दर्द -25

प्यार की बात ना करो ए दोस्तों ,
बहूत ही जखम खाए है हमने इसमें .
इसकी राह में चल कर तो देखो दोस्तों ,
कांटे ही कांटे बिछाए है खुदा ने इसमें .

मंजर

हर एक मंज़र पर उदासी छाई हैं
चाँद की रौशनी मे भी कमी आई हैं

अकेले अच्छे थे हम अपने अश्याने मे
जाने क्यों क्यों टूट के तुम्हारी याद आई हैं

अमित के दिल से

फूलों के शौक में बे -ख़बर ,
मैं बाग़ में घुसा चला गया .
बागबान से डरा कीचड में गिरा ,
काँटों से कटता गया ,

अब ये तुझ पर है की मै काटो मे पड़ा रहू या ,

फूलो के आगोश मे आ जाऊ ,

मर्जी तेरी है बहो मे हम को भर लो या ........................................

शुक्रवार, 20 नवंबर 2009

आप का स्वागत है रेनू

रविवार, 15 नवंबर 2009

कुपोषण क्या यही है ?

आओ आप को शीशा दिखाये

Click to get cool Animations for your MySpace profileअब देख कर परेशान मत होना

कोई मुझे मराठी सिखा दो , कल बम्बई जाना है

मुंबई की हालत देखते हुए लग रहा है की जल्दी ही स्कुलू मे मराठी भाषा पढ़ना अनिवार्य हो जाए गा , चोक्क गए अरे भाई अब लगने लगा है की हम सभी हिंदुस्तान मे नही अब मराठिस्तान , तमिल्सातन , बिहारिस्तान , माओ वादी स्तान, मे रह रहे है , क्या हमारी सरकार इतनी डर गई है की इन नापाक तरीको को ख़तम नही कर सकती

आप के लिए शिष्टाचार का क्या मतलब है ?

खचाखच भरी बस में एक महिला संतुलन नहीं रख पा रही थी। वह अपने साथ खड़े आदमी पर झुकी जा रही थी। आखिर तंग कर उस आदमी ने पास की सीट पर बैठे 15-16 साल के एक लड़के से कहा : ' क्या तुम इस देवी जी को अपनी सीट दे सकते हो ?'

लड़के ने बात सुनी अनसुनी कर दी। उस आदमी ने जेब से दस रुपए का नोट निकाल कर लड़के को दिया तो लड़के ने थैंक यू कहते हुए सीट खाली कर दी। आदमी ने महिला से कहा : ' बैठिए। ' ' नहीं आप बैठिए ,' महिला बोली। ' जी , मैं नहीं बैठना चाहता। दरअसल मैं इस लड़के को बताना चाहता था कि इस दुनिया में शिष्टाचार नाम की भी कोई चीज होती है। ' महिला ने सीट पर बैठते ही लड़के से कहा : ' बेटे , इस भले आदमी को धन्यवाद दो। '
' मैं पहले ही थैंक यू कह चुका हूं ममी ' लड़का बोला।

किस की इज्जत को ज्यादा खतरा है।?

बसंती : भाग धन्नो भाग , आज तेरी बसंती की इज्जत का स्वाल है।
धन्नो : तुझे अपनी पड़ी है , मेरी तो सोच जिसके पीछे 10 घोड़े पड़े हैं !!!

गर्ल फ्रेंड को सस्ते मे कैसे पटाये

उसने उसे एक अंगूठी देते हुए कहा : ' क्या तुम मुझसे शादी करोगी ?'
पूछने लगी : ' क्या इसमें लगा हीरा असली है ?'
' होना तो चाहिए। फिर भी किसी को दिखा कर पता कर लेना वर्ना मेरे साठ रुपए बेकार चले जाएंगे। '

हसी की खुराक -23

जब एक नेता को पता लगा कि उसको मंत्री बनाया जा रहा है तो उसने अपनी पत्नी को फोन किया !
नेता : क्या तुम किसी मंत्री की पत्नी बनना पसंद करोगी ?
पत्नी : पहले उस मंत्री से तो पूछ लो ?

ओये ओये

शनिवार, 14 नवंबर 2009

जलते दिल का दर्द

मत करो प्यार किसी से फूलों की तरह
फूल तो पल मे मुरझा जाते है
प्यार करो तो करो काटों की तरह
जो चुभने के बाद बी याद आते हैं
अमित जैन

सितम -दिल का दर्द

एक सितम और मेरी जान अभी जान बाकी है ,
.
.
.
.
.
.
.
.

दिल मैं अब तक तेरी उल्फत का निशान बाकी है .

मेरा हाल-ऐ- दिल

आज कुछ लिखने को दिल करता है
बस यूँही मीट जाने को दिल करता है

हर पल मर मर के हँसी ही जब छा गई
तो इसी बात पे लुट जाने को दिल करता है
अमित जैन

अमित का दर्द ,शायरी के साथ

उनका वादा है की वो लौट आएंगे
इसी उम्मीद पैर हम जिए जायेंगे
यह इंतज़ार भी उन्ही की तरह प्यारा है
कर रहे थे ,कर रहे हैं और किए जायेंगे



अमित जैन

अमित के दिल का दर्द

दाग गम का दिल से मिटाया ना गया ,
हमने लाख चाह पर भुलाया ना गया ,
रूठने वाले से कोई ये तो पूछे
की वो ख़ुद रूठे हैं या
हमसे मनाया ना गया ............

शुक्रवार, 13 नवंबर 2009

अमित की शायरी -किस्सा

चल पड़े थे दुनिया के मेले देखने
ख़ुद उसका हिस्सा बन गए ??
किस्से अब आप क्या सुनाते हैं हुज़ूर
हम तो ख़ुद किस्सा बन गए …

अमित की शायरी -रुलाया

वो शख्स जिसे हर किसी ने ठुकराया है ..
बस आंसुओं ने ही गले लगाया है …
किसी और से क्या शिकवा करें ए दोस्त ..
हमें तो अपनों ने रुलाया है …

अमित की शायरी -वसूली

ऐसी बेवफाई की उसने ,
मोहब्बत भी बदनाम हो गई ,
अपनी मोहब्बत की इतनी कीमत वसूल की उसने ,
के हमारी अर्थी भी नीलाम हो गई .........

अमित की शायरी - याद

भर कर तस्वीर -ऐ -यार आंखों में
हम ने इन्तेज़ार में आँखें बंद करली
ज़रा देर से जो आई उनके बदन की खुशबु
तो हमने ख़ुद से साँसे जुदा करली

अमित की शायरी - दर्द दिल का

कौनसा ज़ख्म था जो तर -ओ -ताज़ा ना था,
जिंदगी में इतने ग़म थे के अंदाजा ना था ,
टूट कर बिखर गया मेरा वजूद ,
जहा तेरा जनाजा था ,
अब किस के सहारे रहेगे हम ,
जो हमे प्यारा था ,
वो खुदा को भी गवारा ना था

अमित की शायरी

दर्द उठते है मगर आह नहीं करते
कौन कहता है हम वफ़ा नहीं करते
आख़िर क्यों नहीं बदलती तकदीर हमारी
क्या आप भी हमारे हक में दुआ नहीं करते

अमित की शायरी -


हम आईना उन्हें जो दिखाने पे आ गए
पल भर में उन के होश ठिकाने पे आ गए
माना वो हसीं है ,
नाजनीन है ,
दिल रुबा है ,
लेकिन उन को देख कर ही तो हमारा दिल डूबा है ,
अब कतल - ऐ - इल्जाम उन पर अपना ,
लगाया है ,
और ,
पल भर मे उन के होश ठिकाने पर आ गए

हसी की खुराक -21

प्रेमी ( प्रेमिका से ) : ' मैं जब भी तुम्हें देखता हूं , मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती है , दिमाग तो जैसे शून्य हो गया हूं और गला सूखने लगता है। रात को भी काफी देर तक नींद नहीं आती। '
प्रेमिका बोली : ' गॉड ! हमारी शादी से पहले तुम्हें किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करा लेना चाहिए। '

बुधवार, 11 नवंबर 2009

अमित की शायरी

जो लोग प्यार को गम समझत है,
वो प्यार को कम समझते है,
दर्द कितना होता है जुदाई मे वो,
हम समझते है,
हर हाल मे हँसते रहते है ,
ये क्या आप कम समझते है ,
टूटे हुए दिल को ले लबो पर गुनगुनाते रहते है ,
इसी को हम प्यार समझते है

मंगलवार, 10 नवंबर 2009

अमित की शायरी

कभी गमो से तुम्हारी मुलाकात न हो ,
उदास बैठे हो कभी ऐसी कोई बात न हो ,
शिकायत हो तो माफ़ कर देना ,
फुर्सत से कभी बैठे हो तो याद कर लेना

हसी की खुराक -20

एक क्रिकेट कमेंटेटर की कार से स्कूटर टकरा गया। अदालत में केस की सुनवाई के दौरान कमेंटेटर ने अपना बयान इस प्रकार दिया : ' मैं तो बिल्कुल लाइन पर था। स्कूटर आफ साइड से अंदर घुसा , मीडियम पर से रहा इनका स्कूटर मेरी कार के मिडिल से टकराया ओर एलबीडब्ल्यू हो गया। अब इस एक्सीडेंट पर सुनिए मेरे वकील के स्पेशल कमेंट। '

रविवार, 8 नवंबर 2009

सारे ब्लोगेर की परेशानी

सारे ब्लॉग लिखने वालो का हाल

हसी की खुराक

मुन्ना: भाई, अगर दुशमन का पनडुब्बी आयेंगा तो उसे कैसे मारेंगे?
सरकिट: भोत सिंपल है भाई, जाके बस दरवाजे पर नॉक करने का, वो उसे खोल देंगे।


एक दर्द ये भी

किसी मर्द के आगोश में-

कोई लड़की चीख उठी

जैसे उसके बदन से कुछ टूट गिरा हो

थाने में एक कहकहा बुलंद हुआ

कहवाघर में एक हंसी बिखरी

सड़कों पर कुछ हॉकर फिर रहे हैं

एक एक पैसे में खबर बेच रहे हैं

बचा खुचा जिस्म फिर से नोच रहे हैं....

मेरे प्यार के लिए

हम कभी तुमसे खफा हो नही सकते ,
वादा किया है तो बेवफा हो नही सकते ,
आप भले ही हमे भुलाकर सो जाओ ,
मगर हम आपको याद किए बिना सो नही सकते ..