शनिवार, 21 नवंबर 2009

दर्द दिल का -27

मेरी चाहतें तुम से अलग कब हैं ....
दिल की बातें तुम से छुपी कब हैं ....
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह ...
फिर ज़िन्दगी को सासों की ज़रूरत कब है ...

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