सोमवार, 23 नवंबर 2009

दिल का दर्द -28

ख्याल था की हम तुझे राजदान बना लेते
मगर ये लोग नई दास्ताँ बना लेते
तू एक बार मुहब्बत से देख लेती तो हम
ज़मीं ख़ुद को तुझे आसमान बना लेते

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