रविवार, 15 नवंबर 2009

कोई मुझे मराठी सिखा दो , कल बम्बई जाना है

मुंबई की हालत देखते हुए लग रहा है की जल्दी ही स्कुलू मे मराठी भाषा पढ़ना अनिवार्य हो जाए गा , चोक्क गए अरे भाई अब लगने लगा है की हम सभी हिंदुस्तान मे नही अब मराठिस्तान , तमिल्सातन , बिहारिस्तान , माओ वादी स्तान, मे रह रहे है , क्या हमारी सरकार इतनी डर गई है की इन नापाक तरीको को ख़तम नही कर सकती

1 टिप्पणी:

  1. One should always try to become local. If u r going to spend all ur life in any region, then u should happily accept d local language as ur own language.

    उत्तर देंहटाएं