शनिवार, 9 जनवरी 2010

रूठी महबूबा को मानाने के 151 शेर - शेर नंबर 4

मोहब्बत मुझे थी तुझी से ..सनम .
यादों मे तेरी
I Love You यह दिल तडपता रहा ..
मौत भी मेरी चाहत को रोक नहीं सकी ॥
कब्र मे भी ये दिल धडकता रहा

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