मंगलवार, 12 जनवरी 2010

तलाक से शादी तक - भाग -2

दिव्या आप के लिए एक नया तराना जिसे आप अपनी पति को भेजे गे तो शायद आप के पति आप के दिल की बात सुन ले

अब तो आदत सी हो गयी है दर्द सहने की,

अपने ही ज़ख़्मो मे डूब कर रहने की,

खामोश तन्हाई मे अब दिल लगता है,

ना पुकारे कोई, निगाह उठाने से भी दिल डरता है…

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