गुरुवार, 7 जनवरी 2010

आज मेरे ब्लॉग को 806 ने पढ़ा


दोस्तों आज से लगभग एक साल पहले मुझे ब्लोगिंग के कीड़े ने काट खाया था , मुझे लगा अपने मन की बात कहने का ये बढ़िया तरीका है , रोज जो भी मन मे आता था , जो सायद मै कभी भी किसी को नहीं बताता था वो कुछ सब्दो के सहारे अपने ब्लॉग पर डालता गया , मन मे एक उत्सुकता भी रहती थी की कितने लोग हमारे विचारो को पढते है , और अपने ब्लॉग के विजिटर्स की संख्या देख कर बड़ा सकून महसूश होता है , आज भी जैसे ही मैंने अपना ब्लॉग खोला तो सबसे पहले विजिटर्स को ही देखा और मन नाचने लगा जब वहा 806 देखा , मेरे जैसे मामूली आदमी के लिए ये एक सपना ही था

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