मंगलवार, 16 फ़रवरी 2010

दर्द दिल का -102

Crying 2
बर्बादियों का रोना रोने से अब क्या होगा,
साँप निकल गया, लकीर पीटने से क्या होगा,
अंधेरे को छोड़ के नई सुबह का इंतज़ार कर,
खुशियाँ कदमों में, ज़माना तेरा अपना होगा.


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