शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2010

एसा क्यों होता है ?


हर पल मेरा दिल तुम्ही को याद क्यों करता है,
जब तुम दूर जाते दिल क्यों रोता है,
जब तुम पास होते हो एक ख़ास एहसास क्यों होता है,
जब तुम मुस्कुराते हो दिल क्यों खुश होजता है,
ऐसा क्यों होता है.

तुम्हारा दुख देखकर दिल क्यों दुःख सा जाता है,
जब तुम नाराज़ रहते हो सारा जहा नाराज़ क्यों लगता है,
जब तुम कुछ कहते हो दिल क्यों उसे मान लेता है,
तुम्हारी खोमोशी ब दिल क्यों समझ लेता है ,
ऐसा क्यों होता है.

तुम्हारी आवाज़ सुनकर दिल क्यू बेताब हो जाता है,
जब तुम मेरा नाम लेते हो दिल क्यू धाक्सा जाता है,
जब तुम सामने आते हो दिल क्यू शर्मा जाता है,
जब तुम मुझे देखते हो दिल क्यू तुम्हारा होजता है.
ऐसा क्यूँ होता है.

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