गुरुवार, 18 फ़रवरी 2010

मतलब का प्यार - चिंता न कर कल तेरे सामने भी आएगा मेरे यार


मतलब का है रिश्ता मतलब का है प्यार
मतलब से ही देखो आजकल चल रहा घर-बार

जबतक बेटों के माँ-बाप सहारे है
तब राक बेटों को माँ-बाप प्यारे है

पूछने पर बेटे बताते है
वो तो उनका फ़रज था जो हमको पाले है
अपना फ़रज है हम अपने बच्चे संबाले है

अब किस काम का ये बिन काम के माँ-बाप अपने
अब हम इनको देखे या पूरे करे अपने सपने

इन बुढो को तो आज या कल इस दुनिया से जाना है
हमको तो अपना पूरा जीवन अब बिताना है

कल तक यह ही बेटे अपने माँ-बाप की लंभी उमर की दुआ करते थे
आज खुद क्या कमाने लगे है इन्ही माँ-बाप की जल्दी जाने की अपेक्षा करते है

कल तक इन्ही बेटों को अपने माँ-बाप भगवान लगते थे
आज इन्ही बेटों को मया-बाप बोझ लगने लगे है

अब तक तो ठीक है मरने के बाद अपने माँ-बाप को इज़्ज़त से शमशान लेके तो जाते है
वो दिन दूर नही मरने के बाद अपने मया-बाप को कचरा समझकर शमशान मे डाल आएँगे...

दुनिया तराकी करती जा रही है
रिश्ते नाते टूटते जा रहे है

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