बुधवार, 3 मार्च 2010

रूठी महबूबा मानाने के लिए शेर -७



हर बंदे के मुक़द्दर मे मोहब्बत का धुआ नही होता.
जो एक बार दिल मे बस जाए वो मेहमा नही होता.
ज़िंदगी मे कभी तजरुबा कर क देख लेना दोस्तो,
पहले प्यार को भुला देना इतना आसान नही होता.




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