शनिवार, 27 मार्च 2010

एक लड़की के दिल से -१



आकाश के तारो में खोया है जहाँ सारा,
उन तारो में लगता है चाँद प्यारा,
एक एक तारा उस चाँद के लिए टूटता है,
पर वो चाँद है जो सुबह के सूरज के लिए ही बुझता है.




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें